आउटलुक की फीचर एडिटर आकांक्षा पारे को मिला रमाकांत कहानी पुरस्कार

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समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो

चौदहवें  रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार से नई पीढ़ी की मशहूर कहानीकार आकांक्षा पारे को नवाजा जाएगा। उन्हें यह सम्मान नया ज्ञानोदय में प्रकाशित उनकी कहानी 'तीन सहेलियां','तीन प्रेमी' के लिए दिया जा रहा है। युवा लेखन में अपनी प्रसिद्धि दर्ज करा चुकीं आकांक्षा कहानी-कविता के माध्यम से समाज की पीड़ा और नई चेतना को अपनी लेखनी में मार्मिक ढंग से सामने लाती हैं। आकांक्षा आउटलुक में फीचर एडिटर हैं। जबलपुर में जन्मी आकांक्षा ने उत्तराखंड से पत्रकारिता में एम.ए किया है और फिर सक्रिय पत्रकारिता से जुड़ गईं।
 
रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार युवा लेखन में महत्वपूर्ण पुरस्कार माना जाता है। इस बार के निर्णायक वरिष्ठ कथाकार असगर वजाहत के अनुसार वस्तुस्थिति की सच्चाई और सपनों से जुड़े रहने की विवशता के बीच एक सेतु बनाने की कोशिश करती यह कहानी हमारे जीवन के ऐसे प्रसंगों को सामने लाती है जिन पर इतने मार्मिक ढंग से कम ही लिखा गया है।
 
गौरतलब है कि रमाकांत स्मृति पुरस्कार इससे पहले नीलिमा सिंहा,कृपा शंकर,अजय प्रकाश,मुकेश वर्मा,नीलाक्षी सिंह,सूरजपाल चौहान,पूरन हार्डी,अरविंद कुमार सिंह,नवीन नैथानी,योगेंद्र आहूजा,मुरारी शर्मा और दीपक श्रावास्तव को प्रदान किया जा चुका है।
 
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