लखनऊ मीडिया मंथन में कई मुद्दों पर सार्थक बहस

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समाचार4मीडिया ब्यूरो
समाचार4मीडिया द्वारा लखनऊ में आयोजित मीडिया मंथन में मीडिया से जुडे कई मुद्दों पर सार्थक बहस हुई। मंथन के केंद्रीय विषय पत्रकारिता का विकास: अवसर और चुनौतियां के बीच से कई ऐसे तर्क उभर कर आए जो मीडिया से जुड़े ऐसे कई मुद्दों का हल खोजते हैं, जिन्हें पत्रकारिता जगत गंभीरता से ले रहा है। लखनऊ के होटल ताज में संपन्न हुए इस मंथन में शिरकत करते हुए मैनेजिंग एडिटर एनडीटीवी पंकज पचौरी, पुण्य प्रसून वाजपेयी, कंस्लटिंग एडिटर जी न्यूज, शशांक शेखर त्रिपाठी स्थानीय संपादक दैनिक जागरण, लखनऊ और एडिटर इन चीफ और चेयरमैन एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप अनुराग बत्रा ने अपने विचार रखे. सहारा इंडिया परिवार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में मॉडरेटर की भूमिका पुण्य प्रसून बाजपेयी जी निभा रहे थे।
 
कार्यक्रम की शुरुआत में मीडिया के विस्तार से इत्तेफाक न रखते हुए पुण्य प्रसून बाजपेयी ने कहा कि मेरा मानना है कि मीडिया का विस्तार नहीं हो रहा है, बल्कि मीडिया सिकुड़ रहा है. क्योंकि विस्तार वास्तव में मीडिया शब्द का हो रहा है, लेकिन पत्रकारिता कहीं पीछे छूट गई है। फिर भी मीडिया के विस्तार का असर भी हमें लाभ पहुंचाने वाला ही होगा, क्योंकि जितना ही मीडिया का विस्तार होगा देश की तस्वीर उतनी ही साफ होगी।
 
मैनेजिंग एडिटर, एनडीटीवी, पंकज पचौरी ने चर्चा के विषय को अपने पत्रकारीय जीवन से जोड़ते हुए मीडिया के विस्तार को स्प्ष्ट किया. पंकज पचौरी ने बताया कि पत्रकारिता की जो दशा आज है अगर 1984 में वही होती तो मैं लखनऊ न छोड़ता। जगह तलाशने के लिए मैं दिल्ली पहुंचा। तब लखनऊ के प्रेस क्लब और कॉफी हाउस की पार्किंग पूरी तरह खाली रहा करती थी, दिल्ली प्रेस क्लब में चार कारें होती थीं, जिन्हें देखकर हम पहचान जाते थे कि भीतर कौन-कौन है। आज दिल्ली प्रेस क्लब की बात तो छोड़ दीजिए, लखनऊ प्रेस क्लब में भी गाड़िया खड़ी करने की जगह नहीं हैं। आज पत्रकारिता झोला टांगकर साइकिल पर घूमने वाली पत्रकारिता नहीं है, यह विस्तार का ही परिणाम है।
दैनिक जागरण लखनऊ के स्थानीय संपादक शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह पूंजी में बंध गया है। देश की जीडीपी का बहुत बड़ा हिस्सा एक खास वर्ग ले जाता है, जब तक इसका समान वितरण नहीं होगा , तब तक चुनौतियां सभी के सामने होंगी और इन चुनौतियों से मीडिया भी नहीं बच पाएगा।
 
अनुराग बत्रा एडिटर इन चीफ एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने डिजिटल मीडिया को मीडिया के विकास के अवसर के रूप में देखते हुए बताया कि आगामी समय में वेब पत्रकारिता और डीटीएच पत्रकारिकता के दूसरे माध्यमों पर कब्जा कर लेगी क्योंकि आज लोग एक ही समय में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ना जाहते हैं जो पत्रकारिता के इसी माध्यम से संभव है।
 
कार्यक्रम में काफी संख्या में स्थानीय पत्रकारों, मीडिया स्टूडेंट और अन्य गणमान्य लोगों ने भागीदारी की और अपनी जिज्ञासा से संबंधित सवाल पूछे, जिनका सतर्क उत्तर वक्ताओं ने दिया। अंत में समाचार4मीडिया की तरफ से सभी वक्तताओं को सम्मानित किया गया।
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टिप्पणी

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mere hisab se aapka yeh mison succes ho raha hei.aap aur aage jayange.aapke is program me hum shamil nahi ho sake the.iska mujhe afsos hei.sabhi vakta achee the.prabhat tripathi