यह मौका आत्म मंथन का है: शीतल राजपूत ‘ज़ी न्यूज़’

sheetal_rajput_zee_news_.gif
समाचार4मीडिया.कॉम
मुझे लगता है कि संविधान में बदलाव के बारे में सोचने से ज्यादा यह मौका आत्म मंथन का है कि हमने कितनी शिद्दत से कोशिश की है उन मूल्यों, उन हकों और उन जिम्मेदारियों को निभाने की जो हमारे इस महान गणतंत्र का आधार है।
 
आज जब देश में भ्रष्टाचार, हिंसा, सांप्रदायिकता और राजनीतिक मौकापरस्ती की इंतेहा है, हमें अपने संवैधानिक मूल्यों की ओर नजर दौड़ाने, फिर से उन्हें समझने और उन पर अमल करने की शख्त जरूरत है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
 

 

नोट: समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडिया पोर्टल एक्सचेंज4मीडिया का उपक्रम है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं।  आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें samachar4media@exchange4media.com पर भेज सकते हैं या 09899147504/ 09911612942 पर संपर्क कर सकते हैं।
4
Average: 4
Your rating: None