झारखंड में प्रभात खबर ने सबसे ज्यादा पाठक जोड़े
समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
झारखंड के टॉप लेवल हिन्दी दैनिकों के पाठकों की संख्या में अपने पड़ोसी राज्य बिहार की तुलना में आईआरएस 2011 के दूसरी तिमाही एवरेज इश्यू रीडरशिप के अनुसार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टॉप टेन में से टॉप तीन दैनिकों के पाठकों की संख्या में 8 लाख 53 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की हई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में, अन्य सभी सात दैनिकों के पाठकों की संख्या में 8 लाख 84 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टॉप 10 के अन्य तीन दैनिकों के पाठकों की संख्या में 24 हजार की कमी दर्ज की गई है।
हिन्दी और अंग्रेजी दैनिकों ने टॉप 10 में अपना स्थान बनाया है लेकिन टॉप 4 पर हिन्दी दैनिकों का ही कब्जा है।
दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ के पाठकों की संख्या में एक वर्ष में 3 लाख 8 हजार की वृद्दि दर्ज की गई है, इस तरह से एवरेज इश्यू रीडरशिप के अनुसार, दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ के पाठकों की संख्या में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ‘प्रभात खबर’ के पाठकों की संख्या में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3 लाख 61 हजार की वृद्धि हुई है और इस तरह से इसके पाठकों की संख्या में 23 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। ‘दैनिक जागरण’ के पाठकों की संख्या में, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1 लाख 84 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तरह से,‘दैनिक जागरण’ को पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत पाठकों का लाभ हुआ है, यह तीसरे स्थान पर कायम है। द्विभाषी समाचारपत्र, ‘आईनेक्सट’ के पाठकों की संख्या में पिछले तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत की वृद्दि दर्ज की गई है। इसके अलावा, टॉप टेन में ‘आनंद बाजार पत्रिका’एक मात्र बंगाली दैनिक है जिसके पाठकों की संख्या में 15 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंग्रेजी दैनिकों में,‘द टेलीग्राफ’ पांचवे स्थान पर है, के पाठकों की संख्या में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसके पाठकों की संख्या 75 हजार थी जो अब बढ़कर 81 हजार हो गई है।‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के पाठकों की संख्या में 16 प्रतिशत की वृद्दि हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में इसके पाठकों की संख्या 62 हजार थी जो बढ़कर 72 हजार हो गई है। हिन्दी दैनिक, आज के पाठकों की संख्या में 6 हजार की कमी दर्ज की गई है, पिछले वर्ष इसी अवधि में दैनिक ‘आज’ के पाठकों की संख्या 85 हजार थी जो घटकर 79 हजार हो गई है, जबकि बिहार में इसके पाठकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंग्रेजी दैनिक ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के पाठकों की संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि में 68 हजार थी जो घटकर 54 रह गई है, इस तरह से इसके पाठकों की संख्या में 21 प्रतिशत की कमी आई है। ‘द इकनॉमिक टाइम्स’ के पाठकों की संख्या में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4 हजार की कमी दर्ज की गई है, पिछले वर्ष इसके पाठकों की संख्या 21 हजार थी जो घटकर 17 हजार हो गई है।
टॉप टेन पत्रिकाओं की सूची में, एक मात्र अंग्रेजी पत्रिका शामिल हुई है। हालांकि, टॉप 16 की सूची में 3 अन्य अंग्रेजी प्रकाशन शामिल हैं। एवरेज इश्यू रीडरशिप के अनुसार, 6 पत्रिकाओं के पाठकों की संख्या में, 1 लाख 11 हजार की कमी आई है। सबसे अधिक, ‘सरस सलिल’ को हानि हुई है और इसके पाठकों की संख्या में 16 प्रतिशत यानी 40 हजार की कमी दर्ज की गई है। बिहार की अपेक्षा, झारखंड में ‘प्रतियोगिता दर्पण’ के पाठकों की संख्या में 2 प्रतिशत यानी 3 हजार की कमी दर्ज की गई है। ‘मेरी सहेली’ मासिक पत्रिका के पाठकों की संख्या में 4 प्रतिशत यानी 4 हजार की कमी दर्ज की गई है। टॉप टेन में शामिल एक मात्र अंग्रेजी पत्रिका, ‘इंडिया टुडे’ के पाठकों की संख्या में 3 प्रतिशत यानी 2 हजार की कमी हुई है। ‘इंडिया टुडे’ (हिन्दी) के पाठकों की संख्या में 28 हजार अर्थात 29 प्रतिशत की कमी आई है। हिन्दी मासिक पत्रिका, ‘नंदन’ के पाठकों की संख्या में 34 हजार की कमी दर्ज की गई है, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान इसकी पाठक संख्या 95 हजार थी जो घटकर 61 हजार हो गई है। इस तरह से, ‘नंदन’ के पाठकों की संख्या में 36 प्रतिशत की कमी हुई है। टॉप 15 हिंदी मासिक ‘सुमन सौरभ’ के पाठकों की संख्या में 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में,‘सुमन सौरभ’ के पाठकों की संख्या 34 हजार थी जो घटकर 33 हजार रह गई है।
राज्य में, एवरेज इश्यू रीडरशिप के अनुसार, पत्रिकाओं में, सबसे अधिक ‘क्रिकेट सम्राट’ के पाठकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ‘क्रिकेट सम्राट’ के पाठकों की संख्या पिछले वर्ष इसी अवधि में 55 हजार थी जो 73 प्रतिशत बढ़कर 95 हजार हो गई है। हिन्दी पाक्षिक पत्रिका, ‘चंपक’ के पाठकों की संख्या पिछले वर्ष की संख्या 63 हजार के बनाए रखा है। ‘वनिता’ (हिंदी) के पाठकों की संख्या में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में इसके पाठकों की संख्या 47 हजार थी जो अब 19 प्रतिशत बढ़कर 56 हजार हो गई है। एक वर्ष में,‘गृहलक्ष्मी’ के पाठकों की संख्या में 11 हजार की वृद्दि हुई है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 38 हजार से 49 हजार हो गई है। अंग्रेजी मासिक पत्रिका, ‘जनरल नॉलेज टुडे’ के पाठकों की संख्या में 4 हजार की वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष इसके पाठकों की संख्या 43 हजार थी जो अब बढ़कर 47 हजार हो गई है। हिन्दी पाक्षिक पत्रिका, ‘सरिता’ के पाठकों की संख्या में 2 हजार अर्थात 5 प्रतिशत, त्रैमासिक पत्रिका, ‘आरोग्य संजीवनी’ के पाठकों की संख्या में 12 हजार यानी 44 प्रतिशत और अंग्रेजी मासिक पत्रिका, ‘रीडर्स डाइजेस्ट’ के पाठकों की संख्या में 8 हजार यानी 33 प्रतिशत की वृद्दि दर्ज की गई है।
नोट: समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडिया पोर्टल एक्सचेंज4मीडिया का नया उपक्रम है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें samachar4media@exchange4media.com पर भेज सकते हैं या 09899147504/ 09911612929 पर संपर्क कर सकते हैं।
- Category:


