ये हैं देश के 12 पावरफुल मीडिया मुगल
समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
ये हैं देश के 12 पावरफुल मीडिया मुगल
हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस ने 100 मोस्ट पावरफुल इंडियन की सूची जारी की है जिसमें मीडिया से जुड़े 12 लोगों को भी जगह दी गई है। देश के ये 12 मोस्ट पावर फुल मीडिया मुगल हैं: समीर जैन-विनीत जैन, एन राम, शोभना भरतिया, अवीक सरकार, संजय गुप्ता-महेन्द्र मोहन गुप्ता, उदय शंकर, अरुण शौरी, अर्णब गोस्वामी, राघव बहल और कलानिधि मारन।
अरूण शौरी, वरिष्ठ पत्रकार
पंजाब के जालंधर शहर में जन्मे और उत्तर-प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य अरूण शौरी का जन्म 1941 में हुआ था। ये पेशे से एक पत्रकार और मशहूर लेखक हैं। इन्होंने इकनॉमिक्स मे पीएचडी की डिग्री हासिल की है। अरुण शौरी ने अपनी पढ़ाई दिल्ली
विश्वविधालय, सेंट स्टीफेन कॉलेज और यूएसए से पूरी की है। शौरी 1999 से 2001 तक राज्यसभा के सदस्य रहे और कुछ समय के लिए कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर भी रहे एवं सूचना और प्रसारण मंत्री की भूमिका भी निभाई।
विश्वविधालय, सेंट स्टीफेन कॉलेज और यूएसए से पूरी की है। शौरी 1999 से 2001 तक राज्यसभा के सदस्य रहे और कुछ समय के लिए कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर भी रहे एवं सूचना और प्रसारण मंत्री की भूमिका भी निभाई।इन्होंने करीब 21 किताबें लिखी हैं और करीब 20 देशों की यात्रा की है। अरुण शौरी को पद्यभूषण, मैगसेसे अवार्ड, दादा भाई नौरोजी अवार्ड, एस्टर अवार्ड, इंटरनेशनल एडिटर ऑफ द ईयर और इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट के द्वारा वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम हिरोज़ की उपाधि से नवाज़ा जा चुका है। साथ ही बिजनेस वीक के द्वारा स्टार ऑफ एशिया और इकॉनोमिक्स टाइम्स द्वारा बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिल चुका है।

संजय गुप्ता, एडिटर, दैनिक जागरण
विज्ञान वर्ग में स्नातक दैनिक जागरण के एडिटर और सीईओ संजय गुप्ता पिछले करीब 26 सालों से प्रिंट मीडिया में कार्यरत हैं। वे कंपनी के एडिटर और सीईओ होने के साथ-साथ ग्रुप के नोर्थ रीजन के सभी क्रिया-कलापों के लिए जिम्मेदार हैं और साथ-साथ वे मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट अहमदाबाद के डायरेक्टर भी हैं। संजय गुप्ता जागरण ग्रुप के साथ 1993 से जुड़े हुए हैं।
राघव बहल, मैनेजिंग डायरेक्टर, नेटवर्क18
नेटवर्क 18 के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर, राघव बहल ने अपनी कॅरियर की शुरुआत ए.एफ. फरगुसन एंड कंपनी के साथ बतौर मैनेजमेंट सालाहकार की थी। उसके बाद, ये अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के साथ जुड़े गए उसके फिर मीडिया इंडस्ट्री में आये। इन्होंने 1993 में टीवी18 की शुरुआत की जो कि आज नेटवर्क 18 के नाम से जाना जाता है।
इन्हें टीवी और पत्रकारिता में करीब 24 साल का अनुभव है। राधव बहल को 1994 में पत्रकारिता के लिए संस्कृति अवार्ड दिया गया था। इन्होंने पिछले 17 सालों में कई मीडिया संस्थानों से साथ गठबंधन करके नेटवर्क18 को बुलंदियों तक पहुंचाया है। अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा एन्टरप्रन्योर ऑफ द ईयर 2007 फॉर बिजनेस ट्रांसफॉरमेशन के लिए भी सलेक्ट हुए थे।
इन्हें टीवी और पत्रकारिता में करीब 24 साल का अनुभव है। राधव बहल को 1994 में पत्रकारिता के लिए संस्कृति अवार्ड दिया गया था। इन्होंने पिछले 17 सालों में कई मीडिया संस्थानों से साथ गठबंधन करके नेटवर्क18 को बुलंदियों तक पहुंचाया है। अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा एन्टरप्रन्योर ऑफ द ईयर 2007 फॉर बिजनेस ट्रांसफॉरमेशन के लिए भी सलेक्ट हुए थे।सेंट स्टीफन कॉलेज से इकनॉमिक्स में ग्रेजुएट और दिल्ली विश्वविधालय से एमबीए की डिग्री हासिल कर चुके राधव बहल ने हाल ही में चीन और भारत के रिश्तों पर एक किताब सुपर पावर लिखकर बहुत ही वाहवाही लूटी है।
एन राम
नरसिम्हा राव जिन्हे एन राम के नाम से जाना जाता है का जन्म 1945 में हुआ और ये जून 2003 से द हिंदू न्यूज पेपर के
एडिटर-इन-चीफ की भूमिका निभा रहे हैं। ये हिंदू ग्रुप के अन्य प्रकाशन फ्रंटलाइन, द हिंदू बिजनेस लाइन और स्पोर्टस्टार को भी देखते हैं। एन राम ने लोयला कॉलेज चेन्नई से 1964 में आर्ट में स्नातक डिग्री हासिल की और फिर 1966 में मास्टर डिग्री हासिल की। उसके बाद इन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की। ये छात्र राजनीति से भी जुड़े रहे हैं। और स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।
एडिटर-इन-चीफ की भूमिका निभा रहे हैं। ये हिंदू ग्रुप के अन्य प्रकाशन फ्रंटलाइन, द हिंदू बिजनेस लाइन और स्पोर्टस्टार को भी देखते हैं। एन राम ने लोयला कॉलेज चेन्नई से 1964 में आर्ट में स्नातक डिग्री हासिल की और फिर 1966 में मास्टर डिग्री हासिल की। उसके बाद इन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की। ये छात्र राजनीति से भी जुड़े रहे हैं। और स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।अपने कॅरियर की शुरुआत 1977 में हिंदू के साथ बतौर एसोसिएट एडिटर की थी बाद में उन्हें 1980 में वाशिंगटन संवाददाता बना दिया गया। जब फ्रंटलाइन की शुरुआत हुई थी तो उन्होंने राजीव गांधी के शासन में बोफोर्स के बारे में लिखकर काफी प्रसिद्धि पाई थी। हिंदू के एडिटर-इन-चीफ रहने से पहले ये इसी ग्रुप के अन्य प्रकाशन फ्रंटलाइन और स्पोर्टस्टार के 1991 से 2003 तक एडिटर भी रह चुके हैं। इन्हे भारत सरकार ने पद्य भूषण से भी नवाजा है। साथ ही इन्हें एशियन इंवेस्टीगेशन जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर1990 प्रेस फाउंडेशन ऑफ एशिया द्वारा दिया गया। जेआरडी टाटा अवार्ड, चित्रा सुब्रमण्यम जैसे कई अवार्ड मिल चुके हैं।
अर्नब गोस्वामी, एडिटर-इन-चीफ, टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ, न्यूज चैनल के एडिटर-इन-चीफ, अर्नब गोस्वामी आज के दौर के युवा संपादकों में से एक हैं। उन्होंने, दो साल से भी कम समय में भारत के न्यूज़ चैनल के मार्केट में न्यूज़ चैनल का समीकरण ही बदल दिया है।

नए जमाने की सोच के साथ अर्नब गोस्वामी ने चैनल को एक नया तेवर और कलेवर दिया है। न्यूज़ एंकरिंग और रिपोर्टिंग में महारत रखने वाले अर्नब गोस्वामी न केवल कंटेंट की समझ रखते हैं बल्कि वो प्रोग्रामिंग में भी गुणवत्ता लाने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं। वो स्केल से ज्यादा गुणवता में विश्वास रखते हैं। विविधता से भरी अपनी पृष्ठभूमि की वजह से वे इंडस्ट्री के स्थापित मानकों पर लगातार बेहतर करने की कोशिश करते हैं साथ ही वे नए प्रयोग करने में विश्वास रखते हैं।
अर्नब गोस्वामी, ऑक्सफोर्ड विश्वविधालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और कैम्ब्रिज विश्वविधालय के विजिट फेलो रहे हैं। इन्होंने, एक किताब कॉम्बेटिंग टेरोरिज्म: द लीगल चैलेंज भी लिखी है जिसे काफी सराहा गया। न्यूज़ का सबसे लंबे समय का न्यूज़ प्रोग्राम, 'न्यूज़ आवर' भी होस्ट करते हैं। इस प्रोग्राम के लिए ही, उन्हें 'बेस्ट न्यूज़ प्रजेंटर' के लिए 'एशियन टेलीविजन अवार्ड' भी मिला है।
अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले,अर्नब गोस्वामी हमेशा नेतृत्व के लिए खुद को तैयार रखते हैं। वे राजनीति से लेकर बिजनेस, खेल और सामाजिक मुद्दों में बराबर की समझ रखते हैं।
महेन्द्र मोहन गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर और चैयरमेन, जागरण 

जागरण प्रकाशन लिमिटेड के चैयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर महेन्द्र मोहन गुप्ता कॉमर्स में स्नातक हैं और पिछले करीब 48 वर्षों से प्रिंट मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। महेंद्र मोहन यूएनआई के चैयरमेन, द इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी के अध्यक्ष, इलना के अध्यक्ष, ऑडिट ब्यूरो सर्कुलेशन के काउंसिल मेंबर, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य, फिल्म सेंसर बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्य, पीटीआई के बोर्ड सदस्य और साथ ही कई सामाजिक संस्थानों के साथ जुड़े हुए हैं। फिलहाल वे राज्यसभा के सदस्य और पीटीआई और आईएनएस के बोर्ड सदस्य हैं। हिंदी न्यूज पेपर इंडस्ट्री में इनके बेहतरीन योगदान के लिए इन्हें ऑल इंडिया नेशनल यूनिटी कॉन्फ्रेंस द्वारा इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी अवार्ड से नवाज़ा भी गया है। महेंद्र मोहन गुप्त पूरी मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक रोल मॉडल की भूमिका निभा रहे हैं।
शोभना भरतिया, चेयरपर्सन और एडिटोरियल डायरेक्टर, हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप

बिरला परिवार से नाता रखने वाली हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन और एडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतिया का जन्म 1957 में हुआ था। शोभना भारितया उधोगपति के.के बिरला की बेटी और जी.डी बिरला की पौत्री है। शोभना कलकत्ता विश्वविधालय से ग्रेजुएट हैं। इनका विवाह जुबिलेंट ऑर्गेनोसिस लिमिटेड के चैयरमेन, श्याम सुंदर से हुआ जो कि मोहन लाल भारतिया के बेटे हैं।
शोभना अभी हिन्दुस्तान मीडिया ग्रुप में फाइनेंशियल और संपादकीय, दोनों तरह की दखल रखती हैं। जब 1986 में शोभना ने हिन्दुस्तान ग्रुप ज्वाइन किया था तब भारत में वह पहली किसी नेशनल न्यूज़ पेपर की चीफ एक्जीक्यूटिव थी। इन्होंने कुछ समय के लिए बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी की चांसलर का पद भी संभाला था। शोभना को यूपीए सरकार द्वारा राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी नोमिनेट किया गया था। इन्हें वर्ल्ड इकनॉमी फोरम द्वारा वर्ष 1996 में ग्लोबल लीडर ऑफ टुमॉरो अवार्ड दिया गया है इसके साथ ही बिजनेस वूमैन ऑफ द ईयर 2001, नेशनल प्रेस इंडिया अवार्ड 1992, बिजनेस वूमैन अवार्ड और द इकनॉमिक्स टाइम्स अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।
उदय शंकर, सीईओ, स्टार इंडिया ग्रुप
बतौर पत्रकार, उदय शंकर ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की और आज वह देश के सबसे बड़े ब्रॉडकास्टिंग हाउस में से एक की कमान संभाल रहें हैं।

दिल्ली विश्वविधालय से इकनॉमिक्स में एमफिल और टाइम्स ऑफ इंडिया के मीडिया स्कूल से पत्रकारिता में ग्रेजुएट उदय शंकर ने अपने कॅरियर की शुरुआत बतौर पत्रकार, 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' से की थी। तब से लेकर उन्होंने एक लंबी दूरी तय की। इन्होंने, 'सहारा टीवी न्यूज़ टेलीविजन' बिजनेस को हेड किया है और इसके साथ ही उन्होंने, 'आज तक' न्यूज चैनल को भी चार साल तक हेड किया है।
'आज तक' के बाद, उदय शंकर ने 'स्टार ग्रुप' के न्यूज़ चैनल ‘स्टार न्यूज़’ में बतौर चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर ज्वाइन किया और इसके बाद उनके सितारों की चमक और बढ़ती गई। 2006 में, वो 'स्टार टीवी' के सीईओ बने और उन्होंने 'स्टार टीवी' वेंचर के इंडिया बिजनेस की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में स्टार का मार्केट न केवल दिनों-दिन बढ़ता रहा बलिक वो चैलन को पहले नंबर पर बनाए रखने में भी कामयाब हुए।
सितंबर 2009 में, उदय शंकर को हैथवे केबल और डाटाकॉम लिमिटेड का डायरेक्टर बनाया गया। उन्होंने, कई मीडिया कंपनियो के साथ बतौर डायरेक्टर काम किया है जैसे टाटा स्काई लिमिटेड, मीडिया कंटेंट और कम्युनिकेशन सर्विस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एशियानेट कम्युनिकेशन लिमिटेड, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, स्टार सीजे प्रमुख हैं।
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