2010 में भारत के सबसे विश्वसनीय आम आदमी और प्रोफेशनल्स

सूची में पत्रकारों का स्थान बहुत नीचे

समाचार4मीडिया ब्यूरो

पूर्व राष्ट्रपति और अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अब भी आम आदमी के मन में अपनी खास जगह बनाये हुए हैं जबकि रतन टाटा उद्यमशीलता और सामाजिक दृष्टिकोण से भारतवासियों में असाधारण लोगों के प्रति विश्वास को बनाए हुए हैं। रीडर्स डाइजेस्ट के संपादक द्वारा भारत भर में 100 चुनिंदा लोगों में से कराए गए सर्वेक्षण में से दो लोगों को सबसे ज्यादा विश्वसनीय माना गया है। चुनिंदा लोगों में अमिताभ बच्चन, किरण बेदी, सचिन तेंदुलकर और एआर रहमान जैसे सदाबहार नाम शामिल थे। भारतीय लोगों में टॉप 30 में कांग्रेस पार्टी के युवा नेता राहुल गांधी, इ. श्रीधरन और अभिनव बिंद्रा का नाम प्रोफेशनल्स की सूची में आगे है।

 
भारत में विश्वसनीय प्रोफेशनल्स की सूची में शिक्षक, अग्निशमन सेवा के कर्मचारी और किसान सबसे ऊपर आते हैं। लेकिन 40 कैटेगरीज़ में बांटे गए पेशेवरों में राजनीतिज्ञ, रियल एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी सबसे नीचे आते हैं।
भारत में पहली बार सबसे विश्वसनीय लोगों की सूची बनाई गई है जो रीडर्स डाइजेस्ट के मार्च अंक में कवर स्टोरी के रूप में आ रही है। रीडर्स डाइजेस्ट द्वारा पहली बार कराए गए स्वतंत्र सर्वेक्षण में खुल कर सामने आ गया है कि किन प्रोफेशनल्स को हम विश्वसनीय मानते हैं और किनको नहीं। तीस शहरों में बसे 761 लोगों के बीच ‘दि डिजिटल एज्ज’ नामक रिसर्च कंपनी द्वारा कराए गए क्रॉस ऑनलाइन सर्वेक्षण में सबसे विश्वसनीय लोगों की सूची और प्रोफेशन को चुनने को कहा गया था। विशेषज्ञों ने सर्वे का विश्लेषण किया और सर्वे के आधार पर रैंक बनाया।
 
भारतीयों के हृदय सम्राट ::
भारत के सबसे विश्वसनीय लोग आधुनिक भारत के निर्माता हैं। उनका दृष्टिकोण, संकल्प और दृढ़ता तथा सफलता के शिखर पर पहुंचने की चाहत संपूर्ण भारत के लोगों के लिए अनुकरणीय है। इन लोगों में ईमानदारी, सादगी और सामाजिक जागृति जैसे गुण हैं, जिसे भारतीय व्यक्तिगत रूप से पसंद करते हैं। ये भारतीय जनमानस के महानायक हैं : 1) भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, 2) टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा, 3) पूर्व पुलिस अधिकारी डा. किरण बेदी, 4) इंफोसिस टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति, 5) ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान, 6) शतरंज के ग्रांडमास्टर विश्वनाथन आनंद 7) प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, 8) क्रिकेट के बादशाह सचिन तेंदुलकर, 9) प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण, एवं 10) नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, जिन्हें अंतरिक्ष वैज्ञानिक जी. माधवन नायर और उद्योगपति अजीज प्रेमजी के साथ दसवां स्थान मिला है।
 
... और जो हैं सबसे नीचे ::
इस सूची में जहां सबसे विश्वसनीय लोगों की सूची बनी है, वहीं उनका जिक्र भी है जिनके प्रति भारतीयों में विश्वास की कमी नजर आती है। इन्हें इस सूची में सबसे अंत में स्थान मिला है। जिन लोगों को सूची में सबसे अंत में जगह मिली है, उनके कार्यों में पारदर्शिता का अभाव होने के कारण लोगों में उनके प्रति अविश्वास झलकता है। हैरानी की बात है कि ऐसे लोगों में चित्रकार एमएफ हुसैन का नाम भी शामिल है जिन्हें सूची में 90वां स्थान मिला है। एमएफ हुसैन के अलावा विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को 94वां, रेल मंत्री ममता बनर्जी को 96वां, तथा माकपा के सेक्रेट्री जनरल प्रकाश करात को 98वां, लालू प्रसाद यादव को 99वां, तथा उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को 100वें पायदान पर हैं।
 
भारत के सबसे विश्वसनीय पेशेवर ::
भारत में यह पुरानी प्रथा है कि जो लोग हमें शिक्षा, सेवा और सुरक्षा देते हैं उन्हें सम्मान मिलता है। इनमें पहला स्थान शिक्षक, दूसरा स्थान अग्निशमन सेवा के कर्मचारी और तीसरा किसानों को दिया गया है। वैज्ञानिकों और सेना के जवानों को संयुक्त रूप से चौथा, छठे स्थान पर डाक्टर, सातवें स्थान पर पायलट, आठवें स्थान पर सर्जन, नौवें पायदान पर नर्स और दसवें पर इंजीनियर हैं।
 
और अब, सर्वाधिक अविश्वसनीय लोग ::
कुछ व्यवसाय या पेशे ऐसे भी हैं जिनसे जुड़े लोगों को हम भारतीय सबसे कम विश्वसनीय मानते हैं। इनमें शामिल हैं : धार्मिक नेता, वकील, पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, रियल एस्टेट एजेंट, और राजनीतिज्ञ, जिन्हें क्रमश: 35वां, 36वां, 37वां, 38वां, 39वां और 40वां स्थान मिला है।
 
वादा वही, जो वफा हो जाए ::
सबसे अधिक विश्वसनीय लोगों की सूची में रतन टाटा और राहुल गांधी को सबसे अधिक वोट मिले हैं। रतन टाटा ने नैनो को लेकर अपना वादा निभाया, और राहुल गांधी ने आम आदमी को ध्यान में रखकर जमीन से जुड़ी राजनीति की। सूची में राहुल गांधी को 29वां स्थान मिला है। राहुल गांधी पहले युवा राजनीतिज्ञ हैं और तीन राजनीतिज्ञों में से हैं जिन्हें टॉप 30 लोगों में जगह मिली है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सूची में 7 वां स्थान दिया गया है जो किसी भी राजनीतिज्ञ से ऊपर है और यह देश के द्वारा मौजूदा सरकार में जनमानस के विश्वास की झलक है। सूची में मायावती, लालू प्रसाद और प्रकाश करात का नाम नीचे होना इस बात की पुष्टि करता है।
 
और भी हैं जननायक !
भारतीय लोगों का कुछ लोगों में विश्वास है जो प्रामाणिक, विश्वसनीय समाचार और विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। हालांकि सबसे विश्वसनीय प्रोफेशनल्स की सूची में पत्रकारों को एक समूह के रूप में 40 में से 30वां स्थान मिला है, सर्वेक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियों और विश्वसनीयता को नहीं नकारा है। एनडीटीवी न्यूज एंकर और प्रेसीडेंट प्रणय रॉय 100 की सूची में 28वें पायदान पर हैं। अन्य पत्रकारों में टाइम्स ऑफ इंडिया के स्तंभकार स्वामीनाथन एस. अंक्लेसरिया अय्यर को 37वां, टाइम्स के एडिटोरियल डायरेक्टर जयदीप बोस को 46वां और दि हिंदू के मुख्य संपादक एन राम को 43वां स्थान मिला है। पत्रकारिता में इन लोगों का नाम काफी आदर से लिया जाता है और ये सभी खबरों को सनसनीखेज बनाये बिना अपना काम करने के लिए जाने जाते हैं। कभी टेलिविजन मेलोड्रामा की रानी रहीं एकता कपूर इस सूची में 95वें स्थान पर लुढ़क गयी हैं।
 
और भी नायक हैं, ज़माने में क्रिकेटरों के सिवा !
जननायक बने रहने के लिए खिलाडिय़ों पर भी बहुत ज्यादा दबाव होता है। उन पर हर समय अपने प्रदर्शन का स्तर बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय मैच जीतने तथा व्यक्तिगत करिश्मा बनाए रखने की आशा सिर्फ क्रिकेटरों से ही नहीं है बल्कि अन्य खिलाडिय़ों से भी रहती है। इस सूची में विश्वनाथन आनंद को छठा स्थान मिला है, सचिन तेंदुलकर को आठवां, निशानेबाज अभिनव बिंद्रा को 25वां और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को 42वां स्थान मिला है। क्रिकेट को भारत में धर्म की तरह पूजा जाता है। भारत के लोगों में क्रिकेट को लेकर एक अलग ही क्रेज है फिर भी आश्चर्यजनक रूप से आनंद ने इन सभी को पीछे छोड़ दिया है। क्या यह भारत के लोगों का दूसरे खेलों के प्रति आकर्षण है? सानिया मिर्जा के लिए यह साल कठिन रहा है और उन्हें 81वां स्थान मिला है। इंडियन प्रीमियर लीग के प्रशासक और चेयरमैन ललित मोदी को 93वां स्थान मिला है।
 
कठिन डगर में भी उद्योग जगत है जिंदाबाद
कठिन समय में भी अपने वादों को निभाने वाले उद्योगपतियों को भारतवर्ष में सबसे अधिक विश्वसनीय माना गया है। सूची में रतन टाटा को दूसरा, नारायण मूर्ति को चौथा, अजीज प्रेमजी को दसवां, नंदन नीलकेणी को तेरहवां, लक्ष्मी मित्तल को पंद्रहवां, सुनील मित्तल को छब्बीसवां और राहुल बजाज को तीसवां स्थान मिला है, जो भारतीय कार्पोरेट जगत के इन जगमगाते सितारों के प्रति भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।
 
नोट:
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