कॉरपोरेट वाइस वेबर शैन्विक के अतुल आहलूवालिया से भेंटवार्ता

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जनसंपर्क या पीआर की गतिविधियों का ठीक तरह से मूल्यांकन करने के लिए क्लायंट के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच पर्सेप्शन आडिट कराया जा सकता है। एक सफल पीआर प्रोफेशनल बनने के लिए एक ओर जहां कारोबारी समझ होना जरूरी है, वहीं उसे लिखने और बोलने की कला में भी प्रवीण होना चाहिए। उसे मीडिया में हो रहे बदलावों से भी वाकिफ होना चाहिए। आजकल सामाजिक और डिजिटल मीडिया और सिटिजन जर्नलिज़्म का चलन है। क्लायंट को अपने कैंपेन में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह के गतिविधियों को शामिल करना होगा। इसे हम इन-लाइन कैंपेन कहते हैं। जब ऑनलाइन कनवर्सेशन की बात आती है, तो किसी भी अन्य माध्यम की तुलना में पीआर और साख अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।’

अतुल आहलूवालिया, इंडिया प्रेसीडेंट, कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक 

अतुल आहलूवालिया ने कॉरपोरेट वाइस वेबर शैन्विक में 1994 में ज्वाइन किया था। उस समय दिल्ली में इसका ऑफिस खोला जा रहा था। अपने क्लायंट के कारोबार की समझ, बेहतर परिणाम, और लीडरशिप क्वालिटी के बल पर वे दिल्ली शाखा के प्रमुख के पद तक पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अपनी एजेंसी के उत्तर और पूर्व के कारोबार की कमान संभाली।
 
कॉरपोरेट और उद्योग को रणनीतिक सलाह, मीडिया और क्राइसिस मैनेजमेंट जैसे मामलों पर आहलूवालिया की अच्छी पकड़ है। अपने कार्यकाल के दौरान आहलूवालिया ने अपनी एजेंसी के लिए कई क्लायंट बनाए जो अलग-अलग कारोबारों से संबंध रखते हैं। इस कंपनी में जुडऩे से पहले उन्होंने 5 सालों तक विज्ञापन के क्षेत्र में योगदान दिया है।
 
अपने 20 सालों के पेशेवर सफर में अहलूवालिया ने हॉस्पीटैलिटी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, एविएशन, एफएमसीजी, आईटी, टेलीकम्यूनिकेशंस और बैंकिंग, आदि अनेक क्षेत्रों में तजुर्बा बटोरा है। वे सैंट कोलंबस स्कूल और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र रहे हैं। आहलूवालिया आज कई एडवर्टाइजिंग और पीआर इंस्टीट्यूयट्स में गेस्ट स्पीकर के रूप में जुड़े हुए हैं और वे पब्लिक रिलेशन्स कंसल्टेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीआरसीएआई) के संस्थापक सदस्यों में से हैं।
 
एक्सचेंज4मीडिया की पुनीत बेदी बाहरी से बातचीत के दौरान आहलूवालिया ने पीआर के क्षेत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मौजूदा और भावी रुझानों के बारे में बताया।
 
प्र.    अपनी एजेंसी को लेकर आपकी भावी योजना क्या है ?
उ.    मैं कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक को बेहतरीन क्लायंट और इंडस्ट्री के बेहतरीन लोगों से जोडऩा चाहता हूं। मेरी कोशिश रहेगी कि कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक हमारे क्लायंट के लिए सर्वोत्तम योगदान देता रहे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पीआर कैंपेन चलाता रहे।
 
प्र.    आपके प्रमुख क्लायंट कौन-कौन हंै और आपकी विशेषज्ञता का क्षेत्र क्या है ?
उ.    भारत में हमारे सौ से अधिक क्लायंट हैं, जैसे हीरो होंडा, मर्क, ह्वर्लपूल, दि ओबेराय समूह, टूरिज्म ऑस्ट्रेलिया, इनफोसिस बीपीओ, अपोलो हॉस्पीटल्स और आईटीसी पर्सनल केयर आदि। हमारी विशेषज्ञता कॉरपोरेट रेपुटेशन बिल्डिंग प्रोग्राम, कंज्यूमर पीआर, फाइनेंशियल पीआर, हेल्थ केयर पीआर, आईटी एंड टेलीकॉम पीआर, पब्लिक अफेयर तथा डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में है।
 
प्र.    कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक अभी क्या किसी विशेष योजना पर काम कर रही है ?
उ.    अभी हम एजेंसी के विकास की गति को तेज करना चाहते हैं, साथ ही इसे सर्वोत्तम और सराहनीय कार्यों का केंद्र बनाना चाहते हैं। इसके अलावा मैं पब्लिक अफेयर प्रैक्टिस और डिजिटल मीडिया प्रैक्टिस पर भी ध्यान देना चाहूंगा। भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार भी हमारा एक लक्ष्य रहेगा।
 
प्र.    अब तक कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक का विकास कैसा रहा है ?
उ.    हमारा कारोबार हमारे क्लायंट के कारोबार पर टिका होता है। आर्थिक मंदी के कारण कई कंपनियों ने अपने पीआर खर्च में कटौती की है। लेकिन हमारे मामले में यह उतना बुरा नहीं हुआ, जितना हम सोच रहे थे। सच्चाई तो यह है कि दूसरी तिमाही से ही रिकवरी के लक्षण दिखाई पडऩे लगे थे। हमारा मानना है कि अगले साल के मध्?य तक मंदी का असर बिल्कुल समाप्त हो जाएगा।
 
प्र.    आप भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पीआर इंडस्ट्री मं क्या असमानता देखते हैं ?
उ.    मैं समझता हूं कि भारत में पीआर इंडस्ट्री अच्छा काम कर रही है। और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का अवार्ड विनिंग कार्य कर रही है। खुद हमारी एजेंसी ने पीआर के क्षेत्र के कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। उदाहरण के लिए :
1.     कंपनी ने पीएंडजी का जिलेट कैंपेन बनाया ‘टू शेव ऑर नॉट’। इसे केंस अवार्ड 2009 के मीडिया लायन श्रेणी में गोल्ड और सिल्वर पुरस्कार मिले हैं।
2.     कंडोम को बढावा देने के लिए बनाए गए यूएसएड कैंपेन को युनाइटेड नेशंस ग्रैंड प्राइज फॉर पीआर एक्?सेलेंस 2007 मिला।
3.     आईपीआरए गोल्डन वल्र्ड अवार्ड ग्रैंड प्राइज फॉर पीआर एक्सेलेंस 2007
4.     आईपीआरए गोल्डन वल्र्ड अवार्ड इन दि एनजीओ कैटेगरी 2007
5.     मीडियाज़ एशिया पैसेफिक पीआर कैंपेन ऑफ दि इयर 2007
6.     मीडियाज़ एशिया पैसेपफिक नॉन प्राफिट पीआर कैंपेन ऑफ दि इयर 2007
7.     मीडियाज़ एशिया पैसेफिक हेल्थकेयर पीआर कैंपेन ऑफ दि इयर 2005
8.     ब्रॉन्ज सैबर विनर प्राडक्ट प्लेसमेंट ऑफ दि इयर 2004
 
प्र.    अंतरराष्ट्रीय पीआर इंडस्ट्री की तुलना में भारतीय पीआर इंडस्ट्री में क्या कमी है और कैसे दूर किया जा सकता है ?
उ.    जैसा कि मैंने पहले कहा है कि भारतीय पीआर इंडस्ट्री आज अंतरराष्ट्रीय स्तर का काम कर रही है। फिर भी डिजिटल पीआर और पब्लिक अफेयर के मामले में भारतीय पीआर इंडस्ट्री को अभी अपने को और मजबूत करना है।
 
प्र.    आपके अनुसार पीआर की प्रभावोत्पादकता का मूल्यांकन कैसे किया जा सकता है। एक सफल पीआर पेशेवर बनने के लिए एक उम्मीदवार के अंदर कौन-कौन सी जरूरी योग्यता होनी चाहिए?
उ.    जनसंपर्क गतिविधियों का ठीक तरह से मूल्यांकन करने के लिए क्लायंट के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच पर्सेप्शन ऑडिट कराया जा सकता है। एक सफल पीआर प्रोफेशनल बनने के लिए एक ओर जहां कारोबारी समझ होनी जरूरी है, वहीं उसे लिखने और बोलने की कला में भी प्रवीण होना चाहिए।
 
प्र.    पीआर इंडस्ट्री में अभी किस तरह के बदलावों से गुजर रही है। इस पेशे का भविष्य कैसा है?
उ.    उसे मीडिया में हो रहे बदलावों से भी वाकिफ होना चाहिए। आजकल सामाजिक और डिजिटल मीडिया और नागरिक पत्रकारिता का चलन है। क्लायंट को अपने कैंपेन में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह के गतिविधियों को शामिल करना होगा। इसे हम इन-लाइन कैंपेन कहते हैं। जब ऑनलाइन कनवर्सेशन की बात आती है, तो अन्य किसी भी अन्य माध्यम की तुलना में पीआर और शाखा अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। कॉरपोरेट वॉयस वेबर शैन्विक में हम इन-लाइन कैंपेन के क्षेत्र में गंभीर पहल करने जा रहे हैं।
अभी पीआर इंडस्ट्री में एक तयशुदा रिटेनर फीस की परंपरा चल रही है, लेकिन धीरे-धीरे इसमें परफॉरमेंस पर आधारित शुल्क की परंपरा का विकास होता जाएगा। क्लायंट पीआर एजेंसियों से ऐसे प्रदर्शन की मांग करेंगे, जिसे स्पष्ट तरीके से मापा जा सके। इसी के साथ पीआर का शुल्क भी एक-एक गतिविधि पर आधारित होता जाएगा। पीआर कारोबार का भविष्य काफी अच्छा है, लेकिन अगले साल के मध्य तक ही पीआर इंडस्ट्री के एक सहज स्थिति में आने की संभावना है।

 

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