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न्यूज़ का भविष्य सुरक्षित है, लेकिन पत्रकारों का नहीं: एमजे अकबर

Published At: Friday, 01 January, 2016 Last Modified: Tuesday, 27 February, 2018

समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो

नोर्थ – ईस्ट – वेस्ट – साउथ या न्यूज़ (उत्तर - पूर्व - पश्चिम – दक्षिण या समाचार) मानव की अनुभूति और ज्ञान का एक प्रमुख स्रोत है। न्यूज़ का स्रोत्र और वितरण हमेशा विकसित होता रहा है। हालांकि, पिछले दो दशकों में, प्रौद्योगिकी की सर्वव्यापकता और इसके परिणामस्वरूप आम-आदमी को मिली शक्ति से न्यूज़ जेनरेशन और इसकी खपत में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखी गई है। इससे न्यूज़ के भविष्य और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर भी एक प्रश्नचिन्ह लगा है।
 
‘इंडिया टुडे’ और ‘हेडलाइन टुडे’ के एडिटोरिटल डायरेक्टर, एमजे अकबर 6ठे इंटरनेशनल न्यूज़ मीडिया एसोसिएशन (इनमा) के साउथ एशिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उल्लेखनीय है कि 6ठे इंटरनेशनल न्यूज़ मीडिया एसोसिएशन (इनमा) के साउथ एशिया सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में 7 और 8 अगस्त, 2012 को किया जा रहा है।
 
अकबर के अनुसार न्यूज़ का भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “न्यूज़ की मांग के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि आदमी समाज में रहता है, वह साधु नहीं है और अगर आप समाज में रहते हैं तो समाज/समुदाय की शांति और अस्तित्व के लिए ज्ञान का होना अति-आवश्यक है।”
 
समाचारपत्रों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, “समाचारपत्र उस थाली की तरह है जिसमें चावल, दाल, नींबू, सब्जी और अचार होते हैं। जिस तरह से, कोई भी थाली अचार के बिना पूरा नहीं होता है, उसी तरह से, ख़बरों में सभी तरह से संतुलन होना चाहिए।”
 
लेकिन उन्होंने कहा कि कई मीडिया हाउस अचार और बेसिक फूड (बुनियादी भोजन) के बीच संतुलन को नहीं जानते हैं।
 
अकबर के अनुसार, ख़बर का भविष्य सुनिश्चित है, लेकिन पत्रकारों के भविष्य को लेकर वे आशावादी नहीं है। उन्होंने कहा, “हम लोग लेखन के व्यवसाय में नहीं हैं, हम लोग कम्युनिकेशन के व्यवसाय में हैं। अगर एक व्यक्ति अपने संभावित लक्ष्य के बारे में बात नहीं कर पाता है, तब उससे कोई आशा नहीं की जा सकती है।”
 
अकबर के अनुसार, एक पत्रकार दो तरह के जाल में फंस जाता है – पहला फिश पत्रकारिता है, जहां एक पत्रकार बिना किसी सोच के कोई भी रिपोर्ट करता है, जहां रिपोर्टिंग ऑडियो रिपोर्टिंग हो जाती है। दूसरा डिल्यूजन ट्रैप है। इस केस में, पत्रकार सोचता है कि वह सूचना दे रहा है इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।
 
अकबर के अनुसार, भारत को न्यूज़ के लिए किसी प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं है, यह हर जगह मौजूद है।
 
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