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राज्यसभा में उठा सवाल- फेक न्‍यूज बनाने वाले चैनल्‍स पर क्‍या कार्रवाई करेगी सरकार?

Friday, 04 August, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

राज्‍यसभा में गुरुवार को विपक्ष की ओर से फेक न्यूज का मुद्दा उठाया गया। इस दौरान केंद्र सरकार से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल पूछा कि फेक न्‍यूज को न्यूज चैनलों पर जब ब्रेकिंग न्‍यूज बनाकर पेश किया जाता है, लेकिन सत्यापित होने के बाद उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है?  दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि सरकार 2019 के पहले कोई गाइडलाइंस तय कर पाएंगे, लेकिन अगर आपने कठोर और कठिन गाइडलाइंस तय कर दी, तो टीवी चैनल्‍स के फेक न्‍यूज का जो राजनीतिक इस्‍तेमाल किया जा रहा है, वह अपने आप रुक जाएगा।' इस दौरान सिंह ने यह भी पूछा कि 'ऐसी फेक न्‍यूज बनाने वाले टीवी चैनल्‍स पर आप क्‍या कार्रवाई करेंगे?'

इसके जवाब में केंद्रीय सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि 'जिस तरह विज्ञापनों को लेकर एक सेल्‍फ रेगुलेटरी बॉडी है, उसी तरह खबरों के लिए भी स्‍वयं निवारण निकाय न्‍यूज ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन (एनबीएसए) है, इसकी अध्‍यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज करते हैं और इसके सदस्‍य भी हैं।'

राठौड़ ने कहा कि 'इसे लेकर एक प्रणाली/तंत्र पहले से ही मौजूद है और हमने सभी प्रमुख अखबारों में इसे लेकर विज्ञापन भी प्रकाशित किया है। साथ ही हमने इसमें एफएम चैनल भी शामिल किए हैं, ताकि अगर किसी को एफएम चैनल्‍स के कंटेंट से कोई दिक्‍कत है तो वह इसकी भी शिकायत कर सकता है।'

उन्‍होंने बताया कि 'समाचार चैनलों के संबंध में कई शिकायतें आईं हैं। अगर किसी भी व्‍यक्ति को समाचार प्रसारण को लेकर कोई समस्या है, तो वह एनबीएसए को लिख सकता है और वह इस पर कार्रवाई करेगा। अगर कोई शिकायत मंत्रालय को की जाती है, तो हम इस पर स्वयं कार्रवाई भी करते हैं।'


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क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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