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इस शॉर्ट फिल्म ने बताया- 'पायरेसी' के जरिए कैसे हर कोई है आतंक गतिविधियों में शामिल

Monday, 23 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

देश में इन दिनों पायरेसी का खतरा बढ़ता ही जा रहा है, फिर चाहे वह फिल्म की पायरेसी हो, संगीत की पायरेसी हो, कंटेंट की, किताबों की या फिर सॉफ्टवेयर की पायरेसी हो। चंद पैसों को बचाने के लिए पायरेसी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे यह एक गंभीर समस्या बन गई है। इस समस्या से कई इंडस्ट्री परेशान हैं। 

लेकिन क्या आपको पता है कि हम जाने-अनजाने आतंकवाद को बढ़ावा दे रहें हैं, क्योंकि पायरेसी के जरिए उगाही किए गए पैसों का इस्तेमाल हर साल आतंकवादी गतिविधियों में होता है। दरअसल यह दावा है अमेरिका की एक संस्था रैंड (RAND) ने किया है। इसी गंभीर समस्या को कुछ युवाओं ने शॉर्ट फिल्म की शक्ल दी है, जिसका टाइटल है- ‘पायरेसी फुल स्टॉप’  

दरअसल, दुबई चिल्ड्रेन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपने अच्छा प्रदर्शन करने के बाद 'पायरेसी फुल स्टॉप' का चयन आगरा शॉर्ट फिल्म फेस्टिवेल में हुआ है, जिसकी परिणाम 25 जुलाई को घोषित किया जाएगा।

फिल्म के लेखक व निर्देशक अनंत राय हैं, जिन्होंने इस फिल्म के लिए गहन रिसर्च की है। वे पांच सालों से फिल्म जगत में सक्रिय हैं, लेकिन उनकी कोशिश है कि समाज के लिए सिनेमा बनाएं, जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दे। इस फिल्म में अभिषेक सोनपालिया, अजाज खान और शकूराणा ने अभिनय किया है। फिल्म के निर्माता है अनंत राय और दीपिका सिकंद।

पायरेसी के खिलाफ इस फिल्म को बनाने के पीछे फिल्म के निर्देशक अनंत राय का कहना है इस फिल्म का आइडिया मुझे साल 2012 में आया, जब मैं एक फिल्म के लिए रिसर्च वर्क कर रहा था, कि फिल्मों में कॉरपोरेट का इतना पैसा लगने के बाद भी फिल्मों को नुकसान क्यों उठाना पड़ रहा है। तब रिसर्च में जो नुकसान की बड़ी वजह सामने आई वो थी पायरेसी। फिल्म इंडस्ट्री का 2000 करोड़ से भी ऊपर का पैसा पायरेसी में जा रहा है, जब इसे खोजना शुरू किया तो पता चला कि ये पैसा टेरर फंडिंग के लिए यूज होता है और जाने-अनजाने हर कोई इस कड़ी हिस्सा बन गया है। यह फिल्म लाने का मकसद ही लोगों का जागरूक करना है, कि कैसे माफिया मिलीभगत से ये गोरखधंधा फलफूल रहा है।   

यहां देखें ये शॉर्ट फिल्म-

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