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वरिष्ठ टीवी पत्रकार रोहित सरदाना को मिला ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड

Published At: Thursday, 28 February, 2019 Last Modified: Friday, 01 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में 28 फरवरी को नई दिल्ली में ‘कलाम इनोवेशन इन गवर्नेंस अवॉर्ड’ (KIGA) के तीसरे एडिशन का आयोजन किया गया। इनोवेशन इन गवर्नेंस पर हुई डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम समिट में ‘आजतक’ के एडिटर रोहित सरदाना को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मीडिया के द्वारा विभिन्न सामाजिक मुद्दों को उठाने और इस दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए रोहित सरदाना को यह अवॉर्ड दिया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में मुख्य अतिथि और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रोहित सरदाना को यह अवॉर्ड दिया।

मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले सरदाना ने अपनी माध्यमिक शिक्षा यहां के गीता निकेतन आवसीय विद्यालय से की। सरदाना मनोविज्ञान में स्नातक हैं और गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से मासकॉम में पोस्ट ग्रेजुएट (परास्नातक)। अपने हरियाणवी लहजे के चलते रोहित जब टीवी पर आए, तो उन्होेंने कड़ी मेहनत से हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर अपना नियंत्रण कर प्रभावशाली एंकरिंग की। 

कॉलेज के दिनों से ही टीवी पर आने का चाहत के चलते रोहित पत्रकारिता को लेकर काफी उत्साहित रहते थे और इस कारण वे दिन में कॉलेज अटेंड करते और शाम-रात को आकाशवाणी के साथ काम करते।  ईटीवी के शुुरुआती दिनों में जब वे दिल्ली में बतौर इंटर्न काम कर रहे थे, तो कई बार वे कुछ क्रांतिकारी काम करते रहते थे। हैदराबाद में रोहित को एंकरिंग की प्रफेशनल ट्रेनिंग ली। वहां उन्होंने विडियो  एडिटर के तौर पर भी पांच महीने तक   जापानी प्रशिक्षकों के नेतृत्व में ट्रेनिंग की।

न्यूज एंकर होने के साथ-साथ वे एक स्तंभकार भी हैं। देश के चर्चित मुद्दों पर डिबेट शो के साथ-साथ वे उन पर अपनी कलम भी लगातार चलाते रहते हैं। कई ऐसे विवादित मुद्दों पर भी वे फेसबुक के जरिए उठाते रहते हैं, जिस पर लोग मौन रहना पसंद करते हैं। बड़ी बात ये भी है कि रोहित मीडिया ओर टीवी एंकर्स की कार्यशैली पर भी सवाल उठाने से परहेज नहीं करते हैं।

मार्च 2002 से जुलाई 2003 तक, सरदाना ने एक ट्रेनी कॉपी एडिटर के रूप में ईटीवी के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। ट्रेनी कॉपी एडिटर के तौर पर सरदाना ने एंकरिंग, कापी राइटिंग, एडिटिंग, प्रॉडक्शन और पोस्ट-प्रॉडक्शन वर्क की बारिकियों को सीखा। साल 2003 से 2004 तक वे ‘सहारा समय’ में असिसटेंट प्रड्यूसर के तौर रहे, लेकिन 2004 में वे जी न्यूज में आ गए और खुद को एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर के रूप में स्थापित किया। ईटीवी, सहारा समय और जी न्यूज के अतिरिक्त सरदाना ने और आकाशवाणी के लिए भी काम किया है। करियर के शुरुआत में उन्होंने कई अखबारों के लिए लेख भी लिखे।

हिंदी, अंग्रेजी और हरियाणवी के अतिरिक्त वे गुजराती भी जानते हैं। ईटीवी के दिनों के दौरान जब समूह के 11 चैनलों को लिए उन्हें गुजरात विधानसभा चुनावों को कवर करना था, तो वहां की स्थितियों को पूरी तरह समझने के लिए उन्होंने गुजराती भाषा सीखी। पत्रकारिता में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें  बेस्ट न्यूज एंकर अवॉर्ड, माधव ज्योति सम्मान, सैनसुई बेस्ट न्यूज प्रोग्राम अवॉर्ड समेत कई पुरुस्कारों से नवाजा गया है।  

 



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