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चर्चित टीवी एंकर रहे सुहैब इलियासी के मामले में आया ये बड़ा फैसला...

Published At: Saturday, 06 October, 2018 Last Modified: Saturday, 06 October, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' शो से शोहरत पाने वाले टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी को दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में बरी कर दिया है। इलियासी जेल में थे, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने यह कहते हुए साल 2017 के इस मामले में उन्हें को उम्रकैद सुनाई थी कि इलियासी ने पत्नी की हत्या कर उसे खुदकुशी का रूप दिया था।'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' शो से शोहरत पाने वाले टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी को दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में बरी कर दिया है। इलियासी जेल में थे, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने यह कहते हुए साल 2017 के इस मामले में उन्हें को उम्रकैद सुनाई थी कि इलियासी ने पत्नी की हत्या कर उसे खुदकुशी का रूप दिया था।

लेकिन अब हाइकोर्ट में जस्टिस एस मुरलीथरन और जस्टिस विनोद गोयल की बेंच ने इलियासी की याचिका को मंजूर करते हुए उसपर सुनवाई की और उन्हें बरी कर दिया। इलियासी ने ट्रायल कोर्ट के उम्रकैद दिए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।

पीठ ने कहा कि निचली अदालत ने जिस गवाह की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा किया था, उसे समझने में चूक गई। फॉरेंसिक साक्ष्य को भी ठीक से नहीं समझ सकी। हाई कोर्ट ने इलियासी के पीएसओ की गवाही पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया, जो घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचा था। इसने अपनी गवाही में कहा था कि उसे आरोपी ने खुद वहां बुलाया था और मृतक को उठाने में मदद करने के लिए कहा था।

बेंच ने कहा कि उस पीएसओ के बयान को कोई चुनौती नहीं दी गई, जिसने कहा था कि मृतक ने इससे गाड़ी में बोला कि उससे गलती हो गई है, जिससे अभियोजन की थ्योरी खुद ब खुद गलत साबित हो जाती है कि इलियासी ने पत्नी की हत्या की।

हालांकि कोर्ट के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने हैरानी जताई है। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने तो इस मामले की बहस को सुप्रीम कोर्ट ने में लाइव देखने की मांग तक उठा दी है।



गौरतलब है कि इलियासी की पत्नी अंजू की चाकू लगने से मौत हो गई थी। अंजू के परिवारवालों ने इस मौत को दहेज हत्या का मामला बताते हुए दिल्ली के पांडव नगर थाने में शिकायत दर्ज की थी, जिसके आधार पर इलियासी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज किया गया था।  

बता दें कि 11 जनवरी 2000 को सुहैब के घर पर अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया गया था। बाद में आरोप सुहैब पर ही लगा और उसे 28 मार्च 2000 को गिरफ्तार कर लिया गया था।

सुहैब का तर्क था कि उसने आत्महत्या की है, जबकि अंजू की मां व उसकी दो बहनों ने शपथ पत्र सहित बयान दिया था कि अंजू ने उन्हें कई बार फोन कर बताया था कि सुहैब कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं।

28 मार्च 2000 को पुलिस ने सुहैब को गिरफ्तार किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। निचली अदालत ने 29 मार्च 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए थे।

इसी आदेश को सुहैब की सास रुकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने हत्या, सुबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी। सुहैब इलिहासी को 90 के दशक में भारत में टेलिविजन पर क्राइम बेस्ड रियलिटी शो इंडिया’ज मोस्ट वांटेड की शुरुआत करने वाले के तौर पर जाना जाता है।

गौरतलब है कि  90 के दशक में भारत में केबल टीवी चलन में आया था और इसी बीच रिएलिटी टीवी शो का यह सितारा उभरा था। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि भारतीय टेलिविजन पर रिएलिटी शो की शुरुआत सुहैब इलियासी ने ही की थी। सुहैब इलियासी के शो का नाम ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ था और यह उस वक्त का सबसे चर्चित क्राइम शो था। इस शख्स ने अपने शो के माध्यम से खोजी पत्रकारिता की मिसाल पेश की और कई कुख्यात अपराधियों को बेनकाब किया। माना जाता है कि उस वक्त खुद पुलिस ने शोएब इलियासी से संपर्क किया और उसके जरिए कई अपराधियों तक पहुंची।  

इससे पहले नब्बे के दशक की शुरुआत में लंदन से लौटे सुहैब के इस शो की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। सुहैब के इस शो के केंद्र में थे देश के सबसे खूंखार अपराधी। वो दिखाना चाहते थे कि कैसे ये अपराधी अपने गैंग को चलाते हैं और अपराधों को अंजाम देते हैं। अपने इस प्रस्ताव के साथ वो जिस भी चैनल मालिक के पास गए उन्हें निराशा ही मिली। इसके बाद जी टीवी ने उनके शो को दिखाने का साहस किया। शो के टीवी पर आते ही इसने लोकप्रियता की नई कहानी लिख दी।

सुहैब की पैदाइश दिल्ली की है और उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इसके बाद वो लंदन चले गए जहां उन्होंने टीवी एशिया में काम किया। जल्द ही वो इस चैनल के प्रोग्राम प्रोड्यूसर बन गए। 1996 में शोएब भारत आए और एक क्राइम बेस्ड रिएलिटी शो पर काम शुरू किया। बाद में 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' देश का सबसे चर्चित कार्यक्रम बन गया।

अंजु से की थी लव मैरिज, शो की अंजू होने वाली थीं एंकर- 

सुहैब जमील इलियासी के बेटे हैं जो ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के हेड के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित मस्जिद के इमाम भी रह चुके हैं। सुहैब और अंजू की मुलाकात साल 1989 में जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई थी जहां पर दोनों मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। अंजू के पिता जामिया में मेटलर्जी विभाग के हेड थे। दोनों के ही परिवारों ने उनके रिश्ते का विरोध किया था लेकिन दोनों ने लंदन में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत 1993 में शादी कर ली थी। दोनों का निकाह भी हुआ और अंजू ने नया नाम अफसान रख लिया। अंजू और सुहैब अक्टूबर 1994 तक लंदन में ही रहे थे। लंदन में रहने के दौरान ही सुहैब को इंडियाज मोस्ट वांटेंड का आइडिया आया जो कि ब्रिटिश शो क्राइमस्टॉपर्स से प्रेरित था। शुरुआत में कुछ पायलट एपिसोड्स में अंजू ने इस शो को एंकर किया, लेकिन मार्च 1998 में जब शो ऑन एयर हुआ तो इलियासी इसके एंकर बने। दरअसल इस बीच, दोनों के संबंधो में दरार आ चुकी थी। अंजू के भाई की मानें तो वह सुहैब से तलाक चाहती थीं लेकिन पति ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा। अप्रैल 1994 में सुहैब लंदन गए और एक माह बाद दोनों साथ में भारत लौटें। अगले साल यानी  1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया था।

अंजू फिर से इलियासी को छोड़कर अपनी बहन के पास कनाडा चली गईं। इलियासी अक्टूबर 1998 में कनाडा गए और उन्होंने अंजू से गुहार लगाई कि वह वापस आ जाएं। इलियासी ने अपनी सॉफ्टवेयर फर्म को बदलकर आलिया प्रॉडक्शन कर लिया और इस प्राइवेट कंपनी में 25% शेयर अंजू के नाम पर रखे। 

 



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