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PM मोदी के इंटरव्यू पर परेश रावल ने मीडिया को लिया आड़े हाथ...

Published At: Wednesday, 02 January, 2019 Last Modified: Friday, 04 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

कभी-कभी हम अपने मन में कोई धारणा बना लेते हैं और चाहते हैं कि हर कोई उसी के अनुरूप चले, ऐसे में जब कोई उसके विपरीत चलता प्रतीत होता है तो हम उसे गलत साबित करने में जुट जाते हैं। बॉलिवुड अभिनेता और सांसद परेश रावल भी कुछ ऐसी ही स्थिति से गुज़र रहे हैं।

दरअसल, रावल मीडिया से खासे खफा हैं और उनकी नाराज़गी की वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू और किसानों की कर्जमाफी के संबंध में उनके बयान को मिला मीडिया कवरेज। परेश रावल को लगता है कि कई मीडिया संस्थानों ने इन दो महत्वपूर्ण बातों को अपने हिसाब से तोड़मोड़ कर दिखाया। अपनी नाराज़गी उन्होंने ट्विटर पर जाहिर की है, जहां उन्हें लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है।

न्यूज़ एजेंसी ‘एएनआई’ को दिए नए साल के पहले इंटरव्यू में पीएम मोदी से राम मंदिर पर अध्यादेश लाने पर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी, इसके बाद ही अध्यादेश पर विचार किया जाएगा।’ कुछ मीडिया हाउस ने इसे इस तरह पेश किया जैसे सरकार अध्यादेश नहीं ला रही है। यही बात रावल को नागवार गुजरी है। उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘नरेंद्र मोदी ने कहा-मंदिर पर जब सारे लीगल ऑप्शन खत्म हो जाएंगे तो अध्यादेश लाएंगे। मीडिया ने खबर लिखी-मंदिर पर अध्यादेश नहीं लाएंगे।’

रावल की नाराज़गी जायज हो सकती है, लेकिन मीडिया के पक्ष को भी गलत नहीं कहा जा सकता। राम मंदिर को लेकर जिस तरह माहौल है, उसमें सबकुछ तात्कालिक रूप में देखा जा रहा है। तमाम हिंदूवादी संगठन सरकार से तुरंत अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं, ऐसे में ये कहना कि सरकार अध्यादेश नहीं ला रही है, बिलकुल जायज है। लेकिन शायद परेश रावल ने इसे समझने में भूल की। रावल चाहते थे कि मीडिया अक्षरशः वही बोले जो प्रधानमंत्री ने कहा है और जब ऐसा नहीं हुआ तो वो नाराज़ हो गए।

अपने इसी ट्वीट में परेश ने किसानों की कर्जमाफी का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, ‘नरेंद्र मोदी ने कहा-कांग्रेस ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों को लॉलीपॉप थमाया है। मीडिया ने लिखा, ‘मोदी ने कहा-किसानों की कर्जमाफी लॉलीपॉप है।’ जबकि अधिकांश मीडिया हाउस ने प्रधानमंत्री के इस बयान को ‘कांग्रेस द्वारा किसानों को कर्जमाफी का लॉलीपॉप’ के रूप में पेश किया है  और इसमें कुछ भी गलत नज़र नहीं आता। किसी अख़बार या चैनल ने यदि वैसा लिखा या दिखाया भी है, जैसा रावल कह रहे हैं  तो इसका ये मतलब नहीं कि पूरा का पूरा मीडिया पीएम के बयान को तोड़मोड़ कर पेश कर रहा है।

वैसे, बॉलिवुड अभिनेता का गुस्सा केवल एक ट्वीट से ही शांत नहीं हुआ। उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में भी मीडिया को निशाना बनाया। उन्होंने लिखा कि ‘जो मीडिया हफ्ते भर में देश के प्रधानमंत्री के 2-2 महत्वपूर्ण बयानों की टांग तोड़ सकता है, उसे कम से कम किसी सरकारी दखलंदाजी का फर्जी विलाप बंद कर देना चाहिए।’

परेश रावल सियासी पार्टी से ताल्लुख रखते हैं, लिहाजा वो मीडिया में चल रहीं ख़बरों को भी उसी रूप में देखते हैं, लेकिन सामान्य पाठक या दर्शक को मीडिया की इस कवरेज पर शायद ही कोई आपत्ति हो।

 

 

 

 



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