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AIR के इस फैसले पर RJ बोले, नहीं सुनी जा रही ‘मन की बात’

Published At: Friday, 18 January, 2019 Last Modified: Sunday, 20 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

पिछले दिनों ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) से एक बुरी खबर सामने आई थी। खबर ये थी कि खर्चों में कटौती के चलते प्रसार भारती ने इसका राष्ट्रीय चैनल बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, पांच शहरों में स्थित रीजनल ट्रेनिंग एकेडमी को भी बंद करने का फैसला लिया गया था।

एआईआर का एक वर्ग इस फैसले से नाराज है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय चैनल प्रसारण का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे एक साथ बंद करने की जगह खर्च में कटौती के अन्य विकल्प तलाशे जाने चाहिए थे। अब रोजगार का कोई विकल्प न होने के कारण यहां रेडियो जॉकी (आरजे) के रूप में काम कर रहे कई लोग परेशान हैं और अधिकारियों व प्रसार भारती से उनके ‘मन की बात’ सुनने का आग्रह कर रहे हैं।

इन आरजे का यह भी कहना है कि उन्होंने समय-समय पर प्रसार भारती की ओर से लिए गए कई एग्जाम को पास किया था और कुछ महीने पहले हुए ऑडिशन में भी सफलता हासिल की थी। अब प्रसार भारती के इस निर्णय से ऐसे लोग मायूस हैं। इनका कहना है कि उनकी बात को नहीं सुना जा रहा है।  

गौरतलब है कि प्रसार भारती का कहना था कि खर्चों की लगातार बढ़ती सूची को छोटा करने और सेवाओं को अधिक तर्कसंगत बनाने के लिए राष्ट्रीय चैनल सहित अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, शिलांग और तिरुवनंतपुरम की रीजनल ट्रेनिंग एकेडमी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया गया है।

एआईआर के महानिदेशक ने एक आदेश में कहा था कि टोडापुर और नागपुर आदि में राष्ट्रीय चैनल में काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा आरएबीएम में काम करने वालों की पदस्थापना संगठन की जरूरत के मुताबिक की जा सकती है। वहीं, आरजे का कहना है कि रेडियो स्टेशन पर संपर्क करने पर कोई फोन नहीं उठा रहा है और पर्सनल नंबर पर फोन किया तो कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उनके 'मन की बात' कोई नहीं सुन रहा है।



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