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'Network18 Digital' के CEO व COO ने दिए सफलता के ये टिप्‍स…

Tuesday, 12 June, 2018

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

आजकल टेक्‍नोलॉजी लगातार बदल रही है और दिनोंदिन एडवांस होती जा रही है। ऐसे में नई टेक्‍नोलॉजी ने न सिर्फ न्‍यूज के इस्‍तेमाल के तरीकों को बदल दिया है बल्कि पाठकों अथवा दर्शकों तक इसे पहुंचाने के तरीकों में भी काफी बदलाव आया है।

यह बदलती टेक्‍नोलॉजी और दर्शकों/पाठकों पर इसके बढ़ते असर का ही प्रभाव है कि जितने भी पारंपरिक न्‍यूज संस्‍थान हैं, अब सभी ने डिजिटल रूप में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रखी है। ऐसे में पहले के मुकाबले प्रतिस्‍पर्धा और ज्‍यादा बढ़ गई है। आज के समय में प्रत्‍येक मीडिया संस्‍थान के लिए अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक जुटाना काफी मुश्किल भरा होता जा रहा है। सभी एक-दूसरे को पीछे छोड़कर इस दिशा में सबसे आगे बने रहने की होड़ में जुटे हुए हैं।   

इन्‍हीं सब बातों को लेकर 'एक्‍सचेंज4मीडिया' (exchange4media) ने 'नेटवर्क18 डिजिटल' (Network18 Digital) के चीफ एग्जिक्‍यूटिव ऑफिसर मनीष माहेश्‍वरी और चीफ कंटेंट ऑफिसर संतोष मेनन से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्‍होंने बताया कि आज के प्रतिस्‍पर्धी माहौल में 'नेटवर्क 18' किस तरह अपने आपको प्रासंगिक बनाए रखेगा और इसके लिए किस तरह के कदम उठाए जाएंगे।

प्रस्‍तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:  

आजकल डिजिटल का जमाना है। ऐसे में आपका क्‍या मानना है कि न्‍यूज के इस्‍तेमाल पर डिजिटल माध्‍यम ने क्‍या प्रभाव डाला है और इसे कैसे बदलकर रख दिया है ?

संतोष मेनन : डिजिटल मीडियम की बात करें तो इसने न्‍यूज पाने, उसे देखने अथवा पढ़ने से लेकर काफी कुछ बदलकर रख दिया है। यह डिजिटल मीडियम का ही जलवा है कि अब समय, जगह, कीमत और भाषा की सभी सीमाएं टूट चुकी हैं। इसके अलावा यूजर्स के अनुभव में भी काफी इजाफा हुआ है और यूजर्स को पहले के मुकाबले काफी अच्‍छा अनुभव हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल और डिजिटल ने मिलकर एक तरह की क्रांति सी ला दी है जबकि यदि हम पुराने और पारंपरिक मीडिया की बात करें तो उस प्‍लेटफॉर्म पर अभी भी काफी सीमाएं हैं लेकिन डिजिटल में ऐसा नहीं है। अब कंटेंट की कोई सीमा ही नहीं हैं, फिर चाहे वह किसी भी फॉर्मेट (जैसे- टेक्‍स्‍ट, पिक्‍चर्स, ऑडियो और विडियो) में हो। इसके अलावा 'VR' और 'AR' जैसे टेक्‍नोलॉजी आने के बाद तो न्‍यूज हासिल करने का अनुभव और अच्‍छा हुआ है।   

आज के प्रतिस्‍पर्धा के समय में आप दूसरों से आगे रहने के लिए जो स्‍ट्रेटजी अपनाते हैं, उसमें किन महत्‍वपूर्ण फैक्‍टर्स को शामिल करते हैं ?

संतोष मेनन : 'तेजी' (Intensity), 'व्‍यापकता' (exhaustiveness) व 'विशिष्‍टता और प्रस्‍तुतिकरण' (exclusivity & presentation) हमारी स्‍ट्रेटजी का महत्‍वपूर्ण अंग हैं। इसके अलावा हम नए-नए फॉर्मेट्स और नई चीजों को लेकर लगातार प्रयोग करते रहते हैं। 

आजकल कई न्‍यूज वेबसाइट्स एक ही तरह का कंटेंट तैयार कर रही हैं। ऐसे में 'न्‍यूज18 वेबसाइट' को आप कैसे प्रासंगिक और अलग रखते हैं ?

संतोष मेनन : हम अपने ब्रैंड्स का पूरा ध्‍यान रखते हैं और बेहतर व लोकप्रिय बनाने के लिए इसमें एक्‍सक्‍लूसिव कंटेंट रखते हैं, जो आपको और कहीं पढ़ने को नहीं मिलेगा। जहां तक कमोडिटी न्‍यूज की बात भी होती है तो भी हम प्रयास करते हैं कि इसे एक्‍सक्‍लूसिव रखें और अलग एंगल निकालें। असल में हमारे यहां खास स्‍टोरी होती हैं, जो आपको कहीं और नहीं मिल सकती हैं।

डिजिटल मार्केटिंग आजकल न्‍यूज वेबसाइट के अनुसार भी बदल रही है, इस बारे में आपका क्‍या मानना है। अगले 10 साल बाद की स्थिति के बारे में आप क्‍या सोचते हैं ?

मनीष माहेश्‍वरी : आजकल फेक न्‍यूज और डाटा प्राइवेसी के प्रति जागरूकता बढ़ती जा रही है और ऐसे में ये चीजें हमारे जैसे बड़े न्‍यूज पब्लिशर्स के पक्ष मे जा रही हैं। अब ऑडियंस किसी भरोसेमंद सोर्स से ही न्‍यूज हासिल करना चाहता है, फिर चाहे वह सोशल प्‍लेटफॉर्म ही क्‍यों न हों। लोगों ने न्‍यूज के लिए उससे सोर्स और ब्रैंड पर ध्‍यान देना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, लोगों ने न्‍यूज के लिए ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग अब पैसा खर्च करने के लिए तैयार हो रहे हैं। जैसा कि हम अमेरिका में न्‍यूयॉक टाइम्‍स के साथ देख चुके हैं। ऐसे में सबस्क्रिप्‍शन के रूप में रेवेन्‍यू का एक नया रास्‍ता तैयार हो रहा है। इसके द्वारा हम आने वाले समय में और प्रमाणिक व बेहतर क्‍वालिटी की रिपोर्टिंग के लिए उसमें ज्‍यादा पैसा लगा सकते हैं। मुझे लगता है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा। इसके अलावा विडियो फॉर्मेट में प्रादेशिक न्‍यूज का काफी विस्‍तार हो रहा है। ऐसे में गैरअंग्रेजी भाषा भी ऑनलाइन आने लगे हैं और अपनी मनपसंद भाषा में कंटेंट का लाभ उठा रहे हैं।     

किसी भी वेबसाइट पर ट्रैफिक जुटाने में सोशल मीडिया की भूमिका कितनी महत्‍वपूर्ण होती है, क्‍या आपको लगता है कि इस तरह की निर्भरता आने वाले वर्षों में चुनौती बन सकती है?

संतोष मेनन :  अपने ब्रैंडस के लिए नए ऑडियंस तलाशने में सोशल मीडिया हमारे लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण टूल है लेकिन हम सिर्फ इसी के सहारे नहीं हैं। हम सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल इंफॉमेशन के लिए करते हैं और इस बात को भी ध्‍यान में रखते हैं कि इन दिनों सोशल मीडिया पर कौन सी न्‍यूज ब्रेक हुई है। इसके बाद हम अपनी स्‍टोरी ऑडियंस को उपलब्‍ध कराते हैं।

 सभी जानते हैं कि अपनी वेबसाइट पर ज्‍यादा से ज्‍यादा ट्रैफिक के लिए डिजिटल न्‍यूज पोर्टल पर काफी दबाव होता है। आपके लिए यह कितना चुनौतीपूर्ण है। अपने यूनिक यूजर्स और पेज व्‍यूज के बारे में कुछ बताएं?

संतोष मेनन : हमारी कई डिजिटल प्रॉपर्टीज ऐसी हैं, जो विभिन्‍न मापदंडों के अनुसार मार्केट में सबसे आगे हैं। 'फर्स्‍टपोस्‍ट', 'मनीकंट्रोल' काफी अच्‍छा कर रही हैं। टॉप तीन अंग्रेजी न्‍यूज साइट में 'New18 English' भी शामिल है। New18 इस समय करीब 10 भाषाओं में उपलब्‍ध है और साल के अंत तक कई अन्‍य भाषाओं में उपलब्‍ध होगा।

फरवरी 2018 में 61mn UVs  के साथ ' Network18 ' तीसरे नंबर का डिजिटल नेटवर्क बन गया है जबकि सितंबर 2017 में  46 mn UV’s के साथ यह छठे नंबर पर था। आने वाले समय में मीडिया प्‍लेयर्स के‍ लिए डिजिटल ऐड रेवन्‍यू पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा ?

मनीष माहेश्‍वरी : बड़े स्‍तर पर देखें तो पारंपरिक से डिजिटल मीडिया की तरफ ज्‍यादा पैसा आएगा। इसके अलावा डिडि‍टल ऐडवर्टाइजिंग में भी काफी बढ़ोतरी की उम्‍मीद है। कहने का मतलब यह है कि आने वाले समय में डिजिटल में काफी कुछ होगा और यह प्‍लेटफॉर्म काफी आगे बढ़ेगा।

 


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