Share this Post:
Font Size   16

मार्केट में छा जाने को HT समूह की नई स्ट्रैटेजी, सबस्क्रिप्शन मॉडल की भी है तैयारी

Published At: Thursday, 24 January, 2019 Last Modified: Friday, 25 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

'एचटी डिजिटल स्‍ट्रीम्‍स (HT Digital Streams) के चीफ डिजिटल ऑफिसर और सीईओ राजीव बंसल का कहना है कि हाल ही में उन्होंने अपनी वेबसाइट लाइवमिंट (Livemint) में कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों के बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) के साथ एक खास बातचीत में राजीव बंसल ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी न्यूज वेबसाइट की लोगों तक पहुंच को और बढ़ाने के लिए पाठकों की निजि पसंद के अनुसार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि यूजर को बिना किसी परेशानी के उसकी रुचि की न्यूज पढ़ाई जा सकें।

प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश-

‘लाइवमिंट’ हमेशा से ‘एचटी समूह’ की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली वेबसाइट्स में शामिल रही है, फिर इसमें बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी?

कुछ समय पहले कराए गए सर्वे के विश्लेषण के दौरान हमें पता चला कि इंटरनेट पर न्यूज का उपभोग पर्सनलाइजेशन के आधार पर होने जा रहा है। यानी अब वो अपनी पसंद की खबरों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन वेबसाइट पर उन्हें इस तरह का कंटेंट तलाशने में परेशानी होती है।

हालांकि, हमने बेस्ट एडिटोरियल टीम तैयार की थी और हमारा कंटेंट भी बेस्ट था लेकिन इसका इंटरफेस पर्सनलाइजेशन के लिए उपयुक्त नहीं था। ऐसे में हमने इस पर लगभग एक साल तक काम किया और तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए अपने मकसद में कामयाब रहे।   

ऐसे में अब यूजर को ‘लाइवमिंट’ में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे?

यूजर्स की सहूलियत के लिए इसे चार पार्ट्स में बांटा गया है। सबसे पहले होमपेज से शुरुआत करते हैं। हमारे न्यूजरूम में एक दिन में लगभग 1000 स्टोरी तैयार होती हैं, लेकिन हम ये नहीं चाहते थे कि हमारा यूजर अपनी पसंदीदा स्टोरी के लिए वेबसाइट पर माउस ही घुमाता रहे। इसलिए हमने अपने होमपेज को पूरी तरह पर्सनलाइज्ड बना दिया है। कहने का मतलब है कि हम अब एडिटोरियल लाइनअप से यूजर की पसंद के अनुसार आगे बढ़ते हैं और यूजर को उसकी पसंद की न्यूज दिखाने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा इसमें एक सेक्शन ‘लेटेस्ट’ भी रखा है, ताकि यूजर खबरों को लेकर अपडेट रहे। इस सेक्शन में ताजा खबरों को सारांश के रूप में सबसे ऊपर दिखाया जाता है।

हमारी वेबसाइट पर 70 मिलियन से 80 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और इसलिए हमने तीसरा पार्ट ‘ट्रेंडिंग’ का रखा है। इसमें आपके आसपास क्या ट्रेंडिंग कर रहा है, उसे शामिल किया जाएगा और वेबसाइट का चौथ पार्ट ‘माई रीड्स’ रखा गया है। कई बार ऐसा होता है कि सुबह लोगों के पास इतना समय नहीं होता और वे न्यूज को सिर्फ एक नजर पढ़ते हैं लेकिन दोपहर के बाद जब उसे विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो उस न्यूज को तलाशना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में हम बात का पूरा रिकॉर्ड बना रहे है कि यूजर ने पूरे दिन में क्या देखा। इससे यूजर उस स्टोरी को आसानी से तलाश लेगा और उसे अपडेट व पूरी न्यूज पढ़ने को मिल जाएगी। इस तरह का इंटरफेस आज के समय में सिर्फ हिन्दुस्तान टाइम्स में ही है।

हिन्दुस्तान टाइम्स और हिन्दुस्तान की वेबसाइट्स में भी इस तरह के बदलाव के बारे में क्या कहेंगे?

हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों के दौरान हमारे सभी प्लेटफॉर्म्स पर ऐसा हो जाएगा। मिंट के बाद एचटी में यह बदलाव किया जाएग और इसके बाद हमारे सभी स्थानीय भाषाओं के प्लेटफॉर्म्स में यह किया जाएगा। इसके तहत जब यूजर फेसबुक व गूगल आदि से हमारे इंटरफेस पर जाता है तो हम ये ट्रैक करते हैं कि उसकी रुचि किस तरह की न्यूज में है और इसके बाद हम उसे उसी तरह की न्यूज दिखाते हैं। 20 जनवरी को जब हमने ये बदलाव किए थे तो पहले दिन ही तमाम तकनीकी मुद्दों के बावजूद हमारी पहुंच लोगों तक दोगुनी बढ़ गई और अब हमें इसके 10 गुना बढ़ने की उम्मीद है।

क्या आप इस कदम से अपनी वेबसाइट पर मौजूद न्यूज के लिए सबस्क्रिप्शन मॉडल की जमीन तैयार कर रहे हैं?

बिल्कुल, हम खुद को सबस्क्रिप्शन मॉडल के लिए तैयार कर रहे हैं। अब हमने न्यूज के उपभोग को लेकर इंटरफेस तैयार किया है, अगले कदम में हम ऐसे यूजर्स पर ध्यान देना शुरू करेंगे जो हमारे साथ काफी गहराई से जुड़े हुए हैं। अगले कुछ हफ्तों में हम इस पर काम करेंगे। हम न सिर्फ अपने बिजनेस ऑडियंस बल्कि मिंट, एचटी, हिन्दुस्तान और अन्य स्थानीय भाषा के प्रॉडक्ट से सबस्क्रिप्शन लेने की उम्मीद कर रहे हैं। इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

पिछले छह महीनों की बात करें तो 'एचटी डिजिटल स्‍ट्रीम्‍स’ ने अब प्रॉफिट के रास्ते पर चलना शुरू कर दिया है। आगे के लिए आपने क्या लक्ष्य तय किया है?

पिछले साल से हमने अपने प्रोग्रामैटिक रेवेन्यू को चार गुना कर लिया है। पिछले दो सालों में हमने अपने ब्रैंडेड कंटेंट बिजनेस पर बहुत काम किया है और इसी का नतीजा है कि हमें अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। इसी तरह, फेसबुक आर्टिकल्स पर हमारी निर्भरता अब नहीं रही है। इसके अलावा जब मैंने यहां जॉइन किया था तब हमारी निर्भरता कुछ दूसरे पार्टनर्स पर बहुत ज्यादा थी, जो अब बहुत कम हो गई है। ऐसे में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय हमारा भविष्य अब हमारे खुद के हाथ में है। हालांकि प्रॉफिट को देखकर हम अपने बिजनेस और कंज्यूमर्स के अनुभवों के साथ किसी भी तरह का ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जो आने वाले समय में हमें गलत रूप से प्रभावित करे।



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com