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मीडिया संस्थानों के विरुद्ध भी काम हो रहे हैं, ज्यादातर मीडिया अवसरवादी हो गया है: एन.राम

Published At: Sunday, 30 September, 2018 Last Modified: Monday, 01 October, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

एन. राम का अनुमान 2019 में भाजपा को नहीं मिलेगा बहुमत

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जितनी भागदौड़ राजनीतिक दल कर रहे हैं, लगभग उतनी या उससे ज्यादा मीडिया हाउस में भी शुरू हो गई है। विश्लेषण हो रहे हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि सत्ता की दौड़ में भाजपा या कांग्रेस में से कौन आगे रहेगा। जिस तरह से तमाम सियासी पार्टियां नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए एकजुट हुई हैं, उससे इतना तो साफ हो गया है कि 2019 की तस्वीर 2014 से जुदा होगी।

‘द हिन्दू’ पब्लिशिंग ग्रुप के चेयरमैन, लेखक और विचारक एन. राम भी कुछ ऐसी ही सोच रखते हैं। उनका मानना है कि एनडीए को बहुमत मिलने की संभावना बेहद कम है और त्रिशंकु संसद जैसी परिस्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। समूह के अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ के 140 वर्ष पूरे होने के मौके पर हाल ही में ‘दैनिक भास्कर’ के धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया ने एन. राम का इंटरव्यू लिया था, जिसमें उन्होंने 2019 के आम चुनाव के परिदृश्य और संभावनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी।

कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूदा वक्त की तुलना इमरजेंसी से करते हैं, लेकिन एन. राम ऐसा नहीं मानते। उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं पर चोट पहुंचाई जा रही है। विरोधियों के खिलाफ सीबीआई जैसी सरकारी एजेंसियों द्वारा हमला किया जा रहा है। मीडिया संस्थानों के विरुद्ध भी काम हो रहे हैं, एनडीटीवी इसका उदाहरण है, लेकिन इसकी तुलना इमरजेंसी से नहीं की जा सकती। एन. राम के मुताबिक, मोदी को हराया जा सकता है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, दक्षिण भारत में क्षेत्रीय पार्टियां बहुत मजबूत हैं। यदि सपा, बसपा और कांग्रेस साथ आये तो वाराणसी सीट भी खतरे में पड़ सकती है। भाजपा 2019 में सबसे बड़ा दल बन सकती है, लेकिन स्पष्ट बहुमत मिलना थोड़ा मुश्किल है।

उनका यह भी मानना है कि भाजपा के पास 2019 के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। पार्टी केवल मोदी की वैश्विक छवि को जनता के बीच रखेगी। मोदी सरकार ने हेल्थ स्कीम लाने में भी देरी की है। दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी काफी आक्रामक हो गए हैं और उन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। एन.राम की नजर में मुद्दों के मामलों में कांग्रेस की स्थिति भाजपा से बेहतर होगी। उसके पास कई मुद्दे होंगे, जैसे राफेल सौदा, मोदी का अधिकारवाद, संस्थाओं का गलत प्रयोग, वित्त मंत्रालय की अक्षमता, आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलता और बेरोजगारी आदि। लोकसभा चुनाव में सफल होने के लिए एन. राम कांग्रेस को छोटी भूमिका स्वीकारने की सीख भी देते हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस को गठबंधन का हिस्सा बनना चाहिए और उसके लिए अगर भूमिका छोटी भी हो तो उसे इंकार नहीं करना चाहिए। यदि गठबंधन होता है, तो भाजपा को उत्तर प्रदेश में 15 से 20 सीटें मिल सकती हैं।

‘द हिन्दू’ पब्लिशिंग ग्रुप के चेयरमैन के नजर में भी नोटबंदी गैरजरूरी फैसला था। उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी मूखर्तापूर्ण निर्णय था और जीएसटी उलझा हुआ मुद्दा है। हालांकि, इसे आसान बनाया जा सकता था। नोटबंदी से रोजगार प्रभावित हुए, लेकिन सियासी फायदा भाजपा को जरूर मिला। मौजूदा वक्त में पत्रकारों को कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के तौर पर देखा जाता है। इस बारे में एन. राम का कहना है कि पत्रकारों के राइटिस्ट या लेफ्टिस्ट होने में समस्या नहीं है, मगर उन्हें प्रोपेगेंडा नहीं करना चाहिए। खबरों में अपने विचार नहीं मिलाने चाहिए। वैसे इस दौर में भी बहुत से पत्रकार और संस्थान अच्छी तरह से अपना काम कर रहे हैं, जैसे रवीश कुमार।

राम यह भी मानते हैं कि मीडिया के लिए इमरजेंसी जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि स्क्रॉल और वायर के अलावा भी बेहतर पत्रकारिता की जा रही है। ज्यादातर मीडिया अवसरवादी हो गया है, सेल्फ सेंसरशिप होना आवश्यक है। चैनल ब्लॉक करना भी सही नहीं है। उनकी नजर में मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध है, जबकि सबसे बड़ी असफलता यह है कि संवैधानिक मूल्य और धर्मनिरपेक्षता को चोट पहुंची है।  

दैनिक भास्कर पर प्रकाशित एन. राम का पूरा इंटरव्यू आप नीचे दिए हेडिंग पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं-


एनडीए 2019 में बहुमत तक नहीं पहुंच पाएगा, त्रिशंकु संसद होगी- एन. राम

 



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