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99 के फेर में फंस चुके सीएम रूपानी अब दिखे ‘फुल फॉर्म’ में..

Friday, 01 June, 2018

अभिषेक मेहरोत्रा ।।

हेडिंग पढ़कर ये मत समझिए कि मैं कोई बहुत बड़ा क्रिकेट फैन हूं, पर ये आईपीएल का ऐसा दौर चल रहा था कि जब मंगलवार की शाम गांधीनगर के सचिवालय में सरकारी ऑफिसों में बैठा था, तो इसी का बोलबाला दिख रहा था। गुजरात के व्यस्त मुख्यमंत्री का इंटरव्यू लेने की बारी के इंतजार में जब समय जाया ही हो रहा था, तो कई सालों बाद चाय की चुस्कियों के बीच आईपीएल का आनंद लिया। वैसे भी जब बंदा डेढ़ घंटे तक इंतजार करते हुए आईपीएल देखे, तो कहीं न कहीं बैटिंग तो करेगा ही :)

मुख्यमंत्री रूपाणी से हुई बातचीत लिखने से पहले धन्यवाद उनके निजि सचिव शैलेश माड़लिया का, जो शायद प्रसाशनिक अधिकारी नहीं है, इसलिए प्रेस और पॉलिटिशियन के खट्टे-मीठे रिश्ते को समझते हैं।


किन्तु सूचना-प्रसारण विभाग की प्रशासनिक कुशलता के चलते सौम्य चेहरे और नम्र स्वभाव वाले मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के साथ होने वाला ये ऑफिशियली इंटरव्यू अचानक इंटरैक्शन में बदल गयामीडिया से बात करते हुए रूपाणी कहते हैं कि अब गुजरात में सब कुछ ठीक हो गया है इसलिए विधानसभा चुनावों जैसा प्रदर्शन लोकसभा में नहीं दोहराया जाएगा। गौरतलब है कि इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी का आंकड़ा 99 सीटों पर ही फंस गया था।

पर वे इस बार नर्वस नाइंटी से दूर पूरी तरह से फॉर्म में दिख रहे हैं और उनका दावा है कि उनके नेतृत्व में इस बार सेंचुरी मारी जाएगी, यानी 2019 में 2014 की ही तरह भाजपा के खाते में 26 की 26 लोकसभा सीटें आएंगी।

हालांकि ये जवाब जरूर सरकार के फेवर का है, पर इससे पहले सवाल पूछने को लेकर उनके प्रशासनिक सचिव रोकते हैं, पर आजकल के पार्टटाइम पॉलिटिशियन से अलग खांटी नेता के तौर पर सीएम रूपाणी पत्रकारों के सभी राजनैतिक और गैरराजनैतिक सवालों का जवाब देते हैं। किस तरह एक खांटी नेता को पत्रकारों के सवालों को सुन मंद-मंद मुस्कुराते हुए जवाब देना चाहिए, ये वाकई रूपाणी से सीखना चाहिए। राहुल गांधी द्वारा जब गुजरात पर टिप्पणी की जाती है, तो निशाना रूपाणी न होकर सीधे नरेंद्र मोदी होते हैऐसा क्योंइस पर अपनी चिरपरिचत मुस्कान के साथ रूपाणी जवाब देते हैं कि वे ऐसा कर अपना कद बढ़ाने की कोशिश करते हैं, पर होता इसका उल्टा ही है।


किसान और व्यापारी वर्ग में उनकी सरकार के खिलाफ आक्रोश वाले सवाल को खारिज करते हुए रूपाणी पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहते हैं कि 2014 के बाद से सिर्फ गुजरात ही अकेला ऐसा राज्य है, जहां सत्तारूण सरकार रिपीट हुई है, ऐसे में कोई भी वर्ग हमसे नाराज नहीं है और हमारी जीत यही दर्शाती है।’ उन्होंने कहा कि किसानों के हित लिए हमारी सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है। ‘हमने उनकी मदद के लिए उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) मूल्य का अधिकतम दिया है।’ 

 राज्य में दलित उत्पीड़न के मामलों से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री रूपाणी बोले कि ऐसी शिकायतों के आने पर हम तत्काल कदम उठाते हैं। उन्होंने कहा कि राजकोट की घटना के बाद, राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के लिए जिम्मेदार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।’ साथ ही वे बोले कि उस घटना के बाद हमने परिवार के लोगों के लिए आठ लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।’

राज्य की सरकारी स्वास्थ सेवा में बेहतर काम कर रहे सीएम रूपानी ने बताया कि उनके राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा के लिए ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके चलते अब राज्य में कहीं भी किसी को मेडिकल इमर्जेंसी का सामना करना पड़ता है, तो चंद मिनटों में ही एंबुलेंस उस पीड़ित के पास पहुंच जाती है।

वे बताते हैं कि इस ऐप का बड़ा लाभ ये है कि इसके जरिए पीड़ित की न सिर्फ लोकेशन पता चल पाती है, साथ ही उस जगह के निकट के अस्पताल, वहां की सुविधाएं, ब्लड बैंक, ब्लड बैंक में फलां ब्लड ग्रुप की उपलब्धता आदि का तुरंत पता लग जाता है, ताकि घायल या पीड़ित को त्वरित पूरा इलाज मिल सके।

रूपाणी ने कहा कि हमने तटीय इलाकों में नाव एंबुलेंस सर्विस शुरु की हैं ताकि यहां रहने वाले लोगों को उचित चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार राज्य के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता की भी घोषणा की।


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