Share this Post:
Font Size   16

राष्ट्रपति की इस घोषणा से मीडिया जगत में मची खलबली...

Friday, 19 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

पिछले कुछ दिनों से मीडिया जगत में खलबली मची हुई है, दरअसल यह खलबली भारत में नहीं बल्कि अमेरिका मीडिया में है और होनी भी लाजिमी है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ ऐसा ऐलान जो कर दिया था। दरअसल उन्होंने मीडिया जगत के बेईमान व भ्रष्ट चेहरों और कंपनियों के नामों के उजागर कर उन्हें 'फेक न्यूज अवॉर्डदेने की घोषणा की थी। तारीख भी फिक्स थी और समय भी, लेकिन जब बताया हुआ समय निकल गया, तो लोगों को लगा कि यह सिर्फ एक मजाक था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ट्रंप ने अपने कहे मुताबिक मीडिया संस्थानों के लिए 'फेक न्यूज अवॉर्डकी घोषणा कर ही दी। मीडिया पर ट्रंप का हमला नया नहीं हैवह अक्सर मीडिया को 'फेक न्यूजकी संज्ञा देते रहते हैं।

ट्रंप की 'फेक न्यूज अवॉर्डकी लिस्ट में 'द न्यूयॉर्क टाइम्सपहले नंबर पर रहा है। दरअसलट्रम्प मीडिया से तभी से भड़के हुए हैंजब चुनाव पूर्व सभी ओपीनियन पोल्स में ही नहीं एग्जिट पोल्स में भी उनकी बजाय हिलेरी क्लिंटन को जीतता हुआ दिखाया गया था। उसके बाद उन्होंने खुलकर कई मीडिया कंपनियों को भ्रष्ट और बेईमान कहना शुरू कर दिया था। ट्रम्प मुंहफट तो हैं हीमीडिया का लिहाज भी बाकी दुनिया के नेताओं की तरह कतई नहीं करते। कभी भी किसी पर भी व्हाइट हाउस की कवरेज करने पर रोल लगा देते हैंकभी भी किसी भी पत्रकार या मीडिया हाउस को लेकर अपनी भड़ास ट्विटर पर निकालने से भी गुरेज नहीं करते।

लेकिन अब उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर इन अनोखे पुरस्कारों की घोषणा की है। विजेताओं के नाम की सूची 'रिपब्लिकन नेशनल कमेटीकी वेबसाइट पर भी जारी की गई है। यह सूची जारी करने के कुछ देर बाद ही वेबसाइट क्रैश हो गई थी।  

इस अवॉर्ड संबंधित लिस्‍ट को प्रकाशित करने वाली वेबसाइट ने लिखा है, ‘2017 में गलत न्‍यूज कवरेजझूठ और फरेब के साथ भ्रष्‍ट मीडिया की गतिविधियों को देखा गया। अध्‍ययन से पता चलता है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप के मीडिया कवरेज में 90 फीसद से अधिक निगेटिव है।

इसके बाद ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा कि कुछ 'बेहद भ्रष्ट और झूठेसमाचारों के बावजूद ऐसे कई पत्रकार हैं जिनका वह सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, 'और ऐसे कई अच्छे समाचार हैं जिन पर अमेरिकी लोग गौरवान्वित महसूस कर सकते हैं।'

टॉप के मीडिया ग्रुप को ट्रंप ने ‘फेक न्यूजअवॉर्ड लिस्ट में क्यों शामिल किया, जानिए बड़ी वजह: -

1. न्यूयॉर्क टाइम्स :- इस प्रतिष्ठित अखबार के स्तंभकार पॉल क्रगमन ने दावा किया था कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था उनके शासन में बेहतर नहीं होगी। 

2. एबीसी :- एबीसी मीडिया समूह के ब्रैन रोस ने अपनी स्टोरी में पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के बारे में कुछ डिटेल छापी थींजिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

3. सीएनएन :- इस समूह के रिपोर्टर मनु राजू ने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और विकिलिक्स को लेकर रिपोर्ट चलाई थीजिसके बाद उन्हें अपनी खबर में संशोधन करना पड़ा था।

4. टाइम मैगजीन :- इस मशहूर मैगजीन ने खबर छापी थी कि डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस से मार्टिन लूथर किंग जूनियर का एक भाग हटाया था। लेकिन यह बात बाद में गलत निकली।

5. द वॉशिंगटन पोस्ट :- द वॉशिंगटन पोस्ट के ब्लॉगर डेव वीगेल ने ट्रंप की आलोचना करते हुए उनकी रैलियों में से एक रैली की भीड़ के आकार को लेकर खबर छापी थी। 

वेबसाइट के मुताबिकमीडिया ने निगेटिव कवरेज और फेक न्‍यूज पर 90 फीसद समय खर्च कियाराष्‍ट्रपति को इसके नतीजे मिल रहे हैं। इसमें आगे कहा गया है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप के प्रशासन की शुरुआत के साथ अब तक इकनॉमी ने 2 मिलियन नौकरियों का अवसर इजाद किया और 8 ट्रिलियन डॉलर का लाभ कमाया। इसमें यह भी कहा गया कि रिकार्डेड इतिहास में अफ्रीकी अमेरिकी और हिस्‍पैनिक्‍स सबसे कम बेरोजगारी दर होने का आनंद ले रहे हैं।

राजनीतिज्ञों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाली मीडिया को भारत में प्रेस्टीट्यूट कहकर बदनाम किया गया, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘फेक न्यूज’ के नाम से अभियान ही छेड़ दिया। मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता रहा है, लेकिन यह पहला मौका है जब स्वतंत्र मीडिया के चैंपियन अमेरिका के राष्ट्रपति ने ही मोर्चा खोल रखा है और वह भी नामी मीडिया संस्थानों के खिलाफ।

 

 

समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 

 



पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

Copyright © 2018 samachar4media.com