Share this Post:
Font Size   16

HC के फैसले से Star India की टूटी आस, ब्रॉडकास्‍टर्स हुए निराश

Thursday, 24 May, 2018

सोनम सैनी ।।

'स्टार इंडिया(Star India) और 'टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (TRAI) के बीच चल रहे टैरिफ ऑर्डर विवाद में मद्रास हाईकोर्ट ने ट्राई के पक्ष में फैसला सुनाया है। देश की ब्रॉडकास्‍ट इंडस्‍ट्री इसका बेसब्री से इंतजार कर रही थी। इस बहुप्रतीक्षित फैसले के आने से डिस्‍ट्रीब्‍यूशन इंडस्‍ट्री जहां बेहद खुश है, वहीं ब्रॉडकास्‍टर्स इससे असंतुष्‍ट दिखाई पड़ रहे हैं।

इंडस्‍ट्री से जुड़े एक विशेषज्ञ का कहना है, 'अब देखना यह है कि क्‍या ब्रॉडकास्‍टर्स इस फैसले को सकारात्‍मक रूप से लेंगे और अपने पे चैनल्‍स को अलग-अलग अथवा ‘a-la-carte’ आधार पर बेचेंगे जो उचित अथव यथार्थवादी हैं अथवा वे सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। इस टैरिफ ऑर्डर से ब्रॉडकास्‍टर्स पर सबस्क्रिप्‍शन फीस समेत तमाम अन्‍य जिम्‍मेदारियां आ जाएंगी। अब यह ब्रॉडकास्‍टर्स को तय करना है कि सबस्क्रिप्‍शन और एडवर्टाइजिंग रेवेन्‍यू कैसे निकालेंगे। ऐसे में यह सोचना कि ट्राई के पक्ष में निर्णय आने के बाद अच्‍छे चैनल आगे बढ़ जाएंगे और कम लोकप्रिय चैनल पीछे रह जाएंगे, सही नहीं है।'

एक अन्‍य वरिष्‍ठ एग्जिक्‍यूटिव का कहना है, '15 प्रतिशत की छूट के मामले को छोड़कर अन्‍य सभी चीजें ट्राई के पक्ष में रही हैं। सिर्फ छूट के प्रतिबंध को अपने मनमुताबिक छोड़ा गया है। विभिन्‍न ब्रॉडकास्‍टर्स को इसका अलग-अलग लाभ मिलेगा। डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में लगे ब्रॉडकास्‍टर्स के लिए यह काफी फायदेमंद होगी और ज्‍यादा छूट मिलेगी। इससे पहले भी हम देख चुके हैं कि ब्रॉडकास्‍टर्स को काफी छूट मिल रही थी, यह स्थिति फिर वापस आएगी। केबल टीवी ब्रॉडकास्टिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन सेक्‍टर के लिए यह काफी महत्‍वपूर्ण बात है। टैरिफ ऑर्डर और इंटरकनेक्‍शन रेगुलेशंस में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जिससे कंज्‍यूमर्स को काफी फायदा होगा और वे अपनी पसंद के चैनलों को चुन सकेंगे।'

'ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन' (AIDCF) के प्रेजिडेंट राजन गुप्‍ता ने कहा, 'न्‍यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने सहमति जताई है कि ट्राई ने अपने अधिकार क्षेत्र में टैरिफ ऑर्डर और इंटरकनेक्‍शन रेगुलेंशस 2017 को अधिसूचित किया है, इससे हम बेहद उत्‍साहित हैं।'

उनका कहना है कि नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से पूरे सेक्‍टर खासकर कंज्‍यूमर्स को बहुत फायदा होगा। इससे पारदर्शिता के साथ ही स‍बस्‍क्राइबर्स की च्‍वॉइस बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कोचि के केबल टीवी ऑपरेटर 'केरल कम्‍युनिकेटर्स केबल लिमिटेड' (KCCL) के सीईओ शाजी मैथ्‍यू ने इस निर्णय का स्‍वागत करते हुए कहा कि इस टैरिफ का उद्देश्‍य कंज्‍यूमर्स को अलग-अलग अथवा ‘a-la-carte’ आधार पर चैनल्‍स उपलब्‍ध कराना है।  

'डेन नेटवर्क' (DEN Network) के सीईओ एसएन शर्मा ने भी इस आदेश पर खुशी जताते हुए कहा कि यह अच्‍छी खबर है और मीडिया इंडस्‍ट्री के लिए काफी सही कदम है। इससे बिजनेस में पारदर्शिता तो बढ़ेगी ही, कंज्‍यूमर्स के पास ज्‍यादा च्‍वॉइस भी होगी।   

वहीं, इन सबसे अलग 'हिन्‍दुजा ग्रुप' (Hinduja Group) के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट शुभाशीष मजूमदार का मानना है कि यह सही है कि टैरिफ ऑर्डर से कई मामले सुलझ गए हैं लेकिन 15 प्रतिशत छूट के मामले में सबस्‍क्राइबर्स को ज्‍यादा फायदा नहीं होगा।

 


समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 



Copyright © 2018 samachar4media.com