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बंद हो सकता है इस चर्चित मैगजीन का प्रिंट प्रकाशन

Friday, 05 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

अमेरिका की चर्चित मैगजीन ‘प्लेबॉय’ के फाउंडर ह्यू हेफनर के निधन के बाद अब इसके पब्लिशर्स मैगजीन के प्रिंट प्रकाशन को बंद करने पर विचार कर रहे हैं।  

कंपनी नाइटक्लब्स (nightclubs) और कैसीनोज़ (casinos) के साथ लाभदायक साझेदारी करने की वजह से यह कदम उठाना चाहती है। यह जानकारी एक निजी इक्विटी फर्म रिजवी ट्रैवर्स (Rizvi Traverse) के मैनेजिंग पार्टनर बेन कोन ने वॉल स्ट्रीट को दी, जो प्लेबॉय एंटरप्राइजेट के कंट्रोलिंग शेयर होल्डर हैं।

प्लेबॉय एंटरप्राइजेज मैगजीन की प्रकाशन कंपनी है, जिसके मुताबिक, वह मैगजीन के प्रिंट एडिशन के भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार कर रही हैहालांकि अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। फिलहाल प्लेबॉय एंटरप्राइजेज की 35 फीसदी हिस्सेदारी ‘प्लेबॉय’ के फाउंडर ह्यू हेफनर के पास थी, जिनका पिछले साल सितंबर महीने में निधन हो गया था।

दरअसल, हेफनर और रिज्वी के बीच एक समझौता हुआ था कि मैगजीन का प्रकाशन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक मैगजीन के फाउंडर जिंदा रहेंगे। लिहाजा फाउंडर हेफनर के निधन के साथ ही यह करार भी खत्म हो चुका है, जिसके चलते ही अब यह फैसला लिया जा सकता है।

वहीं प्रकाशन कंपनी की मानें तो इस मैगजीन के प्रिंट प्रकाशन से हाल ही के वर्षों में न तो कोई प्रॉफिट हुआ है और न ही इसका सर्कुलेशन बढ़ा है, लिहाजा दोनों ही चीजों में कमी देखने को मिली है।  

बता दें कि हेफनर ने प्लेबॉय मैगजीन की शुरुआत करीब 60 साल पहले 1953 में की थी। ये मैगजीन अपने कॉन्टेंट को लेकर पुरुषों के बीच काफी लोकप्रिय है। प्लेबॉय एंटरप्राइजेस अब टेलिविजन नेटवर्कवेबसाइट्समोबाइल प्लेटफॉर्म्स और रेडियो के जरिए भी शौकीनों तक एडल्ट कंटेंट पहुंचा रहा है।

मैगजीन लॉन्च के 7 साल बाद हेफनर ने प्लेबॉय क्लब की शुरुआत की। कहा जाता है कि हेफनर बर्टन ब्राउन के गैसलाइट क्लब से प्रभावित थेजिसके बाद उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। शुरुआत में इस क्लब की सालाना मेंबरशिप फीस 25 डॉलर थी। इसकी सफलता और बढ़ती लोकप्रियता के बाद हेफनर ने लंदनजमैकन्यूयॉर्कलॉस एंजिल्सडेट्रायटसैन फ्रांसिस्कोबोस्टनडेस मोइन्सकनास सिटी और सेंट लुइस और लाग वेगास में क्लब खोले गए। इसके बाद भी दुनियाभर के कई शहरों में प्लेबॉय क्लब खोले गए।

इस मैगजीन की जो चीज लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचती हैवो है इसमें छपने वाली तस्वीरें और आर्टिकल्स। बताया जाता है कि हेफनर ने इस मैगजीन की शुरुआत 1600 डॉलर से की थी। इसमें से उनके पास 600 डॉलर थे और 1000 डॉलर उन्होंने अपनी मां से उधार लिए थे। 1953 में जब कानूनी तौर पर गर्भनिरोधक गोलियों को प्रतिबंधित किया जा सकता था और उस समय के मशहूर टेलिविजन प्रोग्राम 'आई लव लूसीमें गर्भवती शब्द इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे समय में हेफनर ने प्लेबॉय का पहला अंक निकाला था। इसमें मर्लिन मुनरो की निर्वस्त्र तस्वीर प्रकाशित की गई थी। हालांकि यह तस्वीर पुरानी थीलेकिन फिर इसे देख पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया और देखते-देखते प्लेबॉय खासतौर पर युवाओं की पहली पसंद बन गई। 2015 में प्लेबॉय ने महिलाओं की निर्वस्त्र तस्वीरों का प्रकाशन इंटरनेट का हवाला देते हुए बंद कर दिया था।  

 

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