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मीडिया-पीआर वालों में क्या है तनाव की स्थिति, बता रही है रिपोर्ट...

Thursday, 12 October, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

कामकाज के बढ़ते दबाव से अधिकतर लोग तनाव में रहते हैं। एक ऑनलाइन स्टडी में इस बात का पता चला है कि सबसे ज्यादा तनाव में सेल्स और मार्केटिंग सेक्टर के पेशेवर रहते हैं, जो 24 फीसदी हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर मीडिया और पब्लिक रिलेशन के पेशवरों हैंजो 22 फीसदी तनावग्रस्त से पीड़ित हैं। 

वहीं ट्रैवल और टूरिज्म और एडवरटाइजिग-इवेंट मैनेजमेंट का हाल भी कुछ खास ठीक नहीं है। ये क्रमश: 9 फीसदी और 8 फीसदी के साथ तीसरे और चौथे नंबर पर आते हैं।

दरअसल इन सभी कामकाजी पेशेवरों की अहम चिंताएं हैं- तंग समय सीमालक्ष्य पूरा न कर पानादबाव से निपटनाऑफिस की राजनीतिलंबे समय तक काम करने वाला समयवर्क-लाइफ बैलेंस न बन पाना।

भारतीय नागरिकों के बीच मुंबई के 31 फीसदी कामकाजी लोग तनाव से ग्रस्त हैं। एक ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेंसी प्लेटफॉर्म लीब्रेट की स्टडी में पता चला है कि टीयर- 1 के शहरों में लगभग 60 फीसदी कामकाजी लोग तनाव ग्रस्त हैं। इसमें दिल्ली (27 फीसदी)बेंगलुरु (14 फीसदी)हैदराबाद (11 फीसदी)चेन्नई (10 फीसदी) और कोलकाता (7 फीसदी) शामिल हैं।

लीब्रेट के सीईओ और फाउंडर सौरभ अरोड़ा ने कहा, ‘लोग तनाव को लेकर अपने परिवार और दोस्तों से बात करने में असहज महसूस करते हैंलेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से ये जरूरी है कि वह अपने अंदर की हताशा और अपनी भावनाओं का इजहार करें।

अरोड़ा ने कहा, ‘आपको ये पता लगाना जरूरी है कि आपको क्या परेशान कर रहा है और तनाव का कारण क्या हैजिससे प्रभावी तौर से निपटा जा सके। लंबे समय से जारी तनाव गंभीर स्वास्थ्य का कारण बन सकती हैं।

बता दें कि स्टडी के लिए लीब्रेट की टीम ने 10 अक्टूबर2016 से लेकर 12 महीने के दौरान डॉक्टरों के साथ मिलकर एक मंच पर एक लाख से ज्यादा कामकाजी पेशेवरों से बातचीत का एनालिसिस किया।


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पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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