Share this Post:
Font Size   16

न्यूज18 की महिला पत्रकार का आरोप- पुलिस ने पहले पीटा, फिर चलाई गोली

Published At: Monday, 12 March, 2018 Last Modified: Monday, 12 March, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

पत्रकारों पर पुलिस की बर्बरता के मामले कई बार देखने को मिले हैं। इस बार असम से सामने आया है, जहां एक महिला पत्रकार राज्य की पुलिस पर खुद को बुरी तरह से पीटने का आरोप लगाया है। इस पत्रकार ने अपने साथ मारपीट की तस्वीरों को भी फेसबुक पर शेयर किया है।

पत्रकार ने असम पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने न केवल उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि गोलियां भी चलाईं। असम की इस पत्रकार नाम एमी सी लवाबेई है और वह न्यूज18 असम-नॉर्थ ईस्ट चैनल में कार्यरत है।

अपना दर्द बयां करते हुए एमी ने फेसबुक पर लिखा, ‘असम पुलिस, हम लोग पत्रकार हैं, जो ग्राउंड रिपोर्टिंग करने आए हैं। हमारे पास कोई हथियार नहीं थे। हमारा एक मात्र हथियार तो कैमरा, कलम और नोटपैड था, फिर भी आप लोगों ने बेरहमी से हमें पीटा और हमारी ओर गोलियां भी चलाई। हम लोगों के साथ किए आपके इस आक्रामक व्यवहार पर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है, प्रेस पर हमले करना बंद करो।

फेसबुक पर एमी ने आगे लिखा कि अब समय आ गया है कि असम और मिजोरम की सरकार विवाद को खत्म करे और खून बहाना बंद करे।

बता दें कि 10 मार्च को असम और मिजोरम की सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, तब असम पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज का सहारा लिया था। एमी सी इसी घटना को कवर करने गई थी। एमी ने कहा कि वह आइजोल से सुबह 6 बजे जा रही थी, उनके साथ अन्य पत्रकार भी मौजूद थे। सभी पत्रकार छात्रों से आगे थे। इसके बाद पुलिस में कुछ कहा-सुनी हुई और फिर उन्होंने लाठीचार्ज कर दिया।

 

समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 



पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

Copyright © 2018 samachar4media.com