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न्‍यूज चैनलों ने कुछ यूं दिखाई अपनी धमक...

Thursday, 11 January, 2018

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

ब्रॉडकास्‍ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया’ (BARC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष न्‍यूज जॉनर (news genre) के चैनलों में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वर्ष 2016 में जहां न्‍यूज जॉनर के चैनलों की संख्‍या 142 थी, वह वर्ष 2017 में बढ़कर 163 हो गई। इसके अलावा टीवी की कुल व्‍युअरशिप की बात करें तो न्‍यूज जॉनर ने यहां पर भी वृद्धि दर्ज कराई है। आठ प्रतिशत योगदान के साथ ही यह व्‍युअरशिप के मामले में टीवी पर तीसरा सबसे बड़ा जॉनर बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, हिन्‍दी और प्रादेशिक न्‍यूज चैनलों के मुकाबले अंग्रेजी न्‍यूज चैनलों की संख्‍या में ज्‍यादा वृद्धि हुई है।

इस वृद्धि के पीछे माना जा रहा है कि चूंकि न्‍यूज काफी डायनामिक होती है, लोग जानना चाहते हैं कि उनके आसपास क्‍या घटित हो रहा है और कई बार ये घटनाएं उनके जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं।  

बार्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘न्‍यूज जॉनर में सबसे ज्‍यादा व्‍युअरशिप प्रादेशिक भाषा के चैनलों की दिखाई देती है। इस समय विभिन्‍न प्रादेशिक भाषाओं के 93 न्‍यूज चैनल हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इसी अवधि में इन चैनलों की संख्‍या में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में हिन्‍दी भाषी लोगों की संख्‍या अधिक होने के कारण ही हिन्‍दी न्‍यूज का उपभोग ज्‍यादा है। वर्ष 2016 में हिन्‍दी न्‍यूज चैनलों की संख्‍या जहां 47 थी, वह बढ़कर अब 58 हो गई है।  

जहां तक अंग्रेजी न्‍यूज की बात करें तो देश में यह अभी भी आला दर्जे की मानी जाती है और यही कारण है कि देश भर में न्‍यूज व्‍युअरशिप में इसका योगदान महज एक प्रतिशत है। हालांकि अंग्रेजी न्‍यूज चैनलों की संख्‍या में वर्ष 2016 के मुकाबले वर्ष 2017 में सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 12 सक्रिय चैनलों के साथ इनमें 33 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। 

 

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पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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