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हैप्पी बर्थडे रमेश भट्ट: मीडिया से नाता तो नहीं टूटा, पर भूमिका बदल गई

Published At: Friday, 15 June, 2018 Last Modified: Friday, 15 June, 2018

अनुराग दीक्षित 

टीवी पत्रकार ।।

रमेश भट्ट से मेरी मुलाकात करीब 12 साल पहले साल 2006 में हुई। हम दोनों ने लोकसभा टीवी में बतौर एंकर जॉइन किया था। लोक सभा टीवी देश का पहला संसदीय चैनल था, जिसको गंभीर कार्यक्रमों के जरिए अपनी पहचान बनानी थी। मैं दावे से कह सकता हूं कि रमेश भट्ट ने इस मिशन में अपने दिन रात एक ​कर दिए। अपने एक घंटे के कार्यक्रम के लिए रमेश भट्ट हर दिन करीब तीन से चार घंटे पढ़ने में बिताते। कभी पार्लियामेंट लाईब्रेरी में किताबें खोजना हो या कभी संसदीय समिति या कैग जैसी रिपोर्ट को पढ़कर नोट्स बनाना हो। रमेश के हर दिन का ये एक जरूरी हिस्सा होता। जिसकी बदौलत रमेश ने साबित किया युवा पत्रकार कैसे अपनी काबिलियत साबित कर सकता है।

मैं ऐसे कई पलों का गवाह रहा जबकि रमेश ने कुतर्कों से नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर विशेषज्ञों, राजनेताओं और यहां तक कि वरिष्ठ पत्रकारों तक की बोलती बंद कर दी। हर साल पेश होने वाला आम बजट हो या रेल बजट, किसानों के मुददे हो शहरी विकास के, क्रूड ऑयल के बैरल का हिसाब हो या मनरेगा के सोशल ऑडिट का रमेश भट्ट की पकड़ शायद ही किसी मुद्दे पर कमजोर हो। रमेश भट्ट ने बतौर एंकर इस संस्थान को करीब सात साल दिए। संस्थान की साख स्थापित की और अपनी एक अलग पहचान भी बनाई।

उसके बाद रमेश भट्ट ने न्यूज नेशन टीवी चैनल उस वक्त जॉइन किया, जबकि इस चैनल की शुरुआत थी। जाहिर है लोक सभा टीवी जैसा दबाव यहां भी था। अपेक्षाएं थीं, लेकिन रमेश भट्ट ने अपनी ​काबिलियत के आधार पर एक बार फिर खुद को साबित किया। इस बार तो रमेश के पास लंबा अनुभव भी था। न्यूज नेशन में रमेश ने मेहनत और योग्यता के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन मानों किस्मत रमेश भट्ट को यहीं तक सीमित नहीं रखना चाहती। रमेश भट्ट आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार हैं। मीडिया से उनका नाता तो नहीं टूटा, भूमिका जरूर बदल चुकी है।

वैसे रमेश की पहचान सिर्फ एंकर तक सीमित नहीं। रमेश को भजन से लेकर गानों तक का बेहद शौक रहा है। रमेश का बचपन हल्द्वानी की रामलीलाओं में राम और लक्ष्मण का किरदार निभाते हुए ​बीता है। धर्म के प्रति रमेश की आस्था उन्हें कईयों से अलग बनाती है,​ जिसके मूल में है उन्हें उनके परिवार से मिले संस्कार, खासकर अपनी माताजी से मिली सीख।

आज मैं व्यक्तिगत तौर पर मीडिया जगत में ऐसे तेजतर्रार एंकर की कमी महसूस करताहूं, लेकिन आज दिन​शिकवे शिकायतों का नहीं, शुभकामनाओं का हैं। आज मेरे सबसे करीबी दोस्त और छोटे भाई रमेश भट्ट का जन्मदिन है। तो जन्मदिन मुबारक हो दोस्त...

 

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पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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