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अभिसार शर्मा ने मालिनी अवस्थी को यूं समझाया- मंदसौर और कठुआ के बीच का फर्क़...

Tuesday, 03 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

मंदसौर रेप कांड पर लोकगायिका मालिनी अवस्थी के ट्वीट पर बवाल मच गया है। दरअसल उन्होंने इस घटना पर चुप्पी साधने वाले बॉलिवुड कलाकारों पर करारा तंज कसा था। हालांकि उनके द्वारा किए ट्वीट को लेकर नाराजगी व्यक्त करने वालों में वरिष्ठ टीवी पत्रकार अभिसार शर्मा का नाम भी शामिल है। अभिसार ने पहले तो खुद को मालिनी अवस्थी का प्रशंसक बताया और फिर उन्होंने ट्वीट को लेकर नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद मालिनी अवस्थी ने जवाब देने के बजाय उन्हें ब्लॉक कर दिया।


दरअसल, पहले जान लीजिए कि मंदसौर रेप कांड को लेकर बॉलिवुड पर निशाना साधते हुए मालिनी अवस्थी ने क्या ट्वीट किया था-

'कठुआ पर शर्म आई और मंदसौर पर जुबां पर ताले! आक्रोश में भेदभाव! बॉलिवुड में अब न कोई तख्ती लटका रहान ही कोई विदेशी अखबारों और मीडिया में भारत को बदनाम करता हुआ लेख लिख रहा. न घंटों विलाप करने वाले एंकर अब व्यथित दिख रहे! बच्चियों में भी भेदभाव का दोहरा मापदंड सिर्फ सेक्युलर कर सकते हैं.'

हालांकि इस ट्वीट के बाद बवाल शुरू हो गया, जिसके बाद मालिनी ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। उन्होंने मंदसौर में तीसरी कक्षा की एक बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर ये ट्वीट करते हुए सवाल किया था कि आखिर लोग क्यों धर्म के नाम पर इस तरह की घटनाओं में भेदभाव कर रहे हैं। ये ट्वीट सोशल मीडिया पर आते ही उन्हें ट्रोल किया जाने लगा, जिस पर उन्होंने इसे अपने अकाउंट से हटा लिया लेकिन बाद में फिर से इसका स्क्रीन शॉट लेकर शेयर किया और कहा कि वो अपने शब्दों पर कायम है।


वहीं इसी ट्वीट के बाद अभिसार शर्मा एक के बाद एक दो पोस्ट लिखे और मालिनी अवस्थी पर सवालों की बौछार कर दी, जिसके बाद मालिनी ने उन्हें ब्लॉक कर दिया। वरिष्ठ टीवी पत्रकार अभिसार शर्मा ने उनके ट्वीट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फेसबुक पर जो पोस्ट लिखी, वो हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं...

उन्होंने लिखा, ‘ये ट्वीट कितने स्तरों पर गलत है। सबसे पहले स्पष्ट कर दूं के मैं मालिनी दीदी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। ये बात वो भी जानती हैं। अब आते हैं इस ट्वीट पर। कठुआ मे आई शर्म और मंदसौर पर लगे जुबां पर ताले। (जो बात आपने नहीं लिखी वो मैं लिख देता हूं। क्योंकि मंदसौर मे बलात्कारी मुसलमान था)

ये सोच वाकई बहुत दुखद है। मालिनीजी मंदसौर मे किसी ने भी बलात्कारी के समर्थन मे रैली नहीं की थी। और आपकी तरह काफी लोग बीजेपी की इस शर्मनाक हरकत पर खामोशी साध गये थे। मंदसौर मे वहां की मुसलमान औरतों ने बाहर निकल कर कहा कि इमरान को फांसी दी जाये मगर कठुआ मे बीजेपी के नेताओं ने ना सिर्फ मासूम के बलात्कार के आरोपी के पक्ष मे रैली की बल्कि एक झूठा propaganda चलाया गया कि बलात्कार हुआ ही नहीं और वो भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत ढंग से पेश करके। फर्क़ ये है।

अभिसार ने आगे लिखा, ‘अलबत्ता मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूं मालिनीजी। लखनऊ मे 17 साल की मासूम की निर्मम हत्या हुई। क्या आपने उसपर एक शब्द भी कहाबताइयेआप एक प्रभावशाली महिला हैं प्रतिभावान हैंआप क्यों नहीं उसके पक्ष मे एक कैंडल मार्च निकालतीक्योंआप इसलिए नहीं करेंगी क्योंकि इससे योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सीधी टिप्पणी होगी। और आप भी जानती हैं क्योंकि आपके पति योगी सरकार मे सम्मानित और वरिष्ठ अफसर हैं लिहाजा उनके लिए मुश्किल हो जाएगी। मैं आप से अपील करता हूं कि आप 17 साल की उस लड़की के समर्थन मे कैंडल मार्च कीजिये। मैं ना सिर्फ इसपर आपकी तारीफ मे लम्बा वीडियो ब्लॉग करूंगा बल्कि सब channel भी इसे कवर करेंगे। क्या आपने एक बार भी योगी सरकार से पूछा के लखनऊ जैसे शहर मे अब ये होने लगा हैहफ्ता बीत गया अब तक कोई कार्रवाही नहींया आप इंतज़ार कर रही हैं कि ये सार्वजनिक हो कि उसके हत्यारे का मजहब क्या थाक्या आपने कभी भी दलित बेटियों का बलात्कार या हाल मे मेरठ मे दलित आन्दोलन के बाद उनको बाकायदा लिस्ट बनाकर गोली मारे जाने पर सवाल उठायाऔर ये सब इसलिए कि वो दलित हैंये पूछा के ये हो क्या रहा है?

मालिनीजी मेरी पत्नी भी केन्द्र सरकार मे नौकरशाह हैं और आपकी तरह मैं भी अपनी पत्नी पर कोई आंच ना आये ज्वलंत मुद्दों पर चुप रह सकता था। मगर ना सिर्फ बोलता हूं बल्कि डंके की चोट पर बोलता हूं। हर किसी मे ये हिम्मत सम्भव नहीं कि आपके पति या पत्नी सरकार मे हों और आप उसकी नीतियों पर बोल सकें। और मेरे परिवार पर तो सबसे गन्दा और वाहियात हमला हो भी रहा है। मगर हक़ीक़त मैं जानता हूं और हमला करने वाले जानते हैं।

लिहाजा आपसे अपील है कि आप भी डरिये मत। राज्य मे किसकी सरकार हैये पैमाना नहीं होना चाहिये कि आप किस मुद्दे पर टिप्पणी करेंगी, क्योंकि आपसे हम प्रेरणा लेते हैं। आपकी प्रतिभा हमारे लिये एक संजीवनी एक प्रेरणा है। आपके चाहने वाले सभी धर्मों जातियों और रंगों मे फैले हुए हैं। जब आप आंशिक सत्य पेश करती हैं तब दुख होता है। आपको सब चीज़ों पर बोलना चाहिये। लखनऊ की दर्दनाक घटना पर भी। वरना ये बेमानी सा लगने लगता है।

उम्मीद है के अब आप मंदसौर और कठुआ के बीच का फर्क़ समझ गई होंगी और लखनऊ हत्या पर कुछ लोगों की खामोशी को भी।

(ये सन्देश मै ट्विटर पर नहीं दे सकता था क्योंकि काफी लम्बा था और इस पर कौन टिप्पणी करेगा ये मेरे काबू मे है। मैं नहीं चाहता के कोई भी आप पर कोई अनर्गल बात कहे)

उन्होंने अपने दूसरे टिप्पणी में सवाल उठाते हुए कहा कि दीदी फिर आपने ये ट्वीट क्यों डिलीट कर दिया था और अब आप स्क्रीनशॉट पेश कर रही हैं, क्योक्या दोष था, जिससे आपको ये ट्वीट हटाना पड़ाऔर इसका जवाब दे दीजिए कि और आप लखनऊ हत्या मामले की धीमी प्रगति पर योगी सरकार से कब सवाल करेंगी, मालिनी जी?  




 

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पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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