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वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की मौत के मामले में अब आया नया मोड़...

Saturday, 21 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

दैनिक भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक की मौत के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इंदौर पुलिस ने मुंबई की एक महिला पत्रकार सलोनी अरोड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। दरअसल, कल्पेश याग्निक की मृत्यु के संबंध में ये माना जा रहा था कि दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका निधन हुआ है, लेकिन जब पुलिस की जांच में आत्महत्या के सबूत मिले, तो उन्होंने जांच की दिशा बदल दी।

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने यह एफआईआर कल्पेश याग्निक की एक पूर्व सहकर्मी के खिलाफ दर्ज की है, जिसका नाम सलोनी अरोड़ा बताया जा रहा है। जांच के दौरान प्राप्त हुए सबूतों के आधार पर इंदौर की एमआईजी थाना पुलिस ने मुंबई में कार्यरत इस महिला पत्रकार के खिलाफ धारा 503, 386, 67 आईटी एक्ट की धारा 306  के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक, नौकरी से निकाले जाने के बाद महिला पत्रकार सलोनी कल्पेश याग्निक से 5 करोड़ रुपए की मांग कर रही थी और रुपए न देने पर दुष्कर्म के आरोप में फंसाने की धमकी दे रही थी। पुलिस ने उसकी तलाश में इंदौर, रतलाम और नीमच में छापे भी मारे, लेकिन वह वहां नहीं मिली। पुलिस ने शुक्रवार शाम मुंबई के शास्त्रीनगर इलाके में भी दबिश दी, लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने के पहले ही वह दिल्ली भाग गई। पुलिस ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया है।  

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसने दिल्ली में एक फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर के साथ मुलाकात की है। विदेश भागने की आशंका में डीआईजी ने देर रात सलोनी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवा दिया।

न्यूज पोर्टल ‘नईदुनिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को गवाहों ने बताया की सलोनी परिवार को बर्बाद करने की धमकी देती थी। उसने कुछ लोगों से यह भी कहा था कि मेरी मांग पूर्ण नहीं करने और उसकी शर्तों पर नौकरी पर वापस नहीं लेने पर मरने पर विवश कर दूंगी। वह पत्नी को जानकारी देने और झूठा केस करने की धमकी देकर तंग करती थी। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक, शक है गिरोह में तीन अन्य लोग भी शामिल हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। सलोनी को पकड़ने के लिए फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर की भी तलाश की जा रही है। दो टीम नीमच में पिता व भाई और एक टीम रतलाम में बहन और जीजा से पूछताछ कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, सलोनी वरिष्ठ पत्रकार याग्निक को 11 वर्षों से प्रताड़ित कर रही थी। उसने शुरुआत में 25 लाख की मांग की। रुपए देने का आश्वासन मिलते ही मांग बढ़कर 1 करोड़ हो गई। रकम को देने की बात चल रही थी तभी सलोनी पलट गई और 5 करोड़ की मांग करने लगी। ब्लैकमेलिंग की राशि सुनकर कल्पेश ने रुपए देने से इनकार कर दिया। सलोनी ने भाई को वॉयस रिकॉर्डिंग वॉट्सऐप करना शुरू कर दिया। वह लिंक भेजकर लिखती थी कि मैं बम भेज रही हूं। ओपन करने पर अपशब्द मिलते थे। रिकॉर्डिंग से बचने के लिए वॉट्सऐप कॉलिंग करती थी।

जांच में यह भी सामने आया था कि याग्निक ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय कुमार शर्मा से मिलकर उन्हें आपबीती सुनाई थी कि एक महिला पत्रकार उन्हें कथित तौर पर धमका रही है। शर्मा इस बात की पहले ही तस्दीक कर चुके हैं।

याग्निक ने अपने आवेदन के जरिए कहा था कि उनके खिलाफ शिकायत आने पर उनका पक्ष भी सुना जाए। ये शिकायत उनका आखिरी स्टेटमेंट था। कई पन्नों की शिकायत में याग्निक ने सलोनी द्वारा की जा रही हरकतों का जिक्र किया था। इसमें लिखा था कि नौकरी से निकाले जाने को लेकर वह नाराज थी। वापस नौकरी पर रखने व उस दौरान की पूरी सैलरी वह मांग रही थी। नौकरी पर नहीं रखने की स्थिति में वह पांच करोड़ रुपए की मांग याग्निक से कर रही थी। रुपए नहीं देने पर रेप केस में फंसाने की धमकी देती। फोन पर बातचीत के ऑडियो को वह सोशल मीडिया के साथ यू-ट्यूब पर पोस्ट कर देती। इसको लेकर कई लोगो को उसने ट्वीट भी किए थे। इन्ही सब के चलते काफी समय से याग्निक परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि करीब 11 साल से सलोनी उन्हें परेशान कर रही थी।

 बताया जा रहा है कि आरोपित सलोनी मुंबई में रहती है। नीमच में उसका परिवार रहता है साथ ही रतलाम में उसकी बहन की शादी रेलवे अधिकारी से हुई है।  

 

गौरतलब है कि कल्पेश याग्निक प्रमुख हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के समूह संपादक थे। उन्होंने इंदौर के एबी रोड स्थित दैनिक भास्कर की तीन मंज़िला इमारत की छत से बीते 12 जुलाई की रात छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।



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