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पढ़िए, पतंजलि नाम की 10 वेबसाइट्स, जो करती हैं फर्जीवाड़ा...

Friday, 11 May, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

पतंजलि के नाम पर डिस्ट्रीब्यूटरशिप का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह को नोएडा में भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने गिरोह चलाने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। लेकिन दैनिक भास्कर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि इस समय 10 से ज्यादा वेबसाइट जालसाजी करने में जुटी हैं। सभी वेबसाइट पतंजलि डिस्ट्रीब्यूटर या डीलरशिप या प्रोवाइडरशिप या फिर महावितरक जैसे नाम से चल रही हैं। इन सभी वेबसाइट पर वॉट्सएप नंबर से लेकर फोन नंबर देकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जब इन नंबर्स पर लोग संपर्क करते हैं तो जालसाज खुद को पतंजलि के हरिद्वार ऑफिस से बताकर डिस्ट्रीब्यूटरशिप के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। इसके बाद अगर सिर्फ पतंजलि स्टोर खोलना है तो रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 25 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा प्रोडक्ट पहुंचाने के लिए सिक्योरिटी मनी के तौर पर 3-5 लाख रुपए या फिर जितने लाख का प्रोडक्ट मंगाएंगे उसका 50 फीसदी एडवांस में मांग रहे हैं। वहीं, पतंजलि के आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है। वेबसाइट बनाकर पैसों की मांग करने वाले सभी लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही सीबीआई में शिकायत करके जांच कराने की मांग की जाएगी।

ये हैं प्रमुख 10 फर्जी वेबसाइट्स

www.patanjalidealership.com,
www.patanjalidistributor.org,
www.patanjaliprovidership.com
www.patanjalimahavitrak.com
www.onlinepatanjaliayurved.org/
www.patanjaliayurveds.org
www.onlinepatanjali.org
www.patanjalidistributors.org
www.patanjalidistributorsonline.com
www.patanjalipoint.com

होमपेज पर रामदेव और बालकृष्ण की फोटो भी

इन वेबसाइट के होमपेज पर रामदेव व आचार्य बालकृष्ण  की फोटो के साथ पतंजलि के प्रोडक्ट की फोटो देखकर आप इसके फर्जी होने का अंदाजा ही नहीं लगा पाएंगे। सभी वेबसाइट पर फोन नंबर, वॉट्सएप नंबर व ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इन नंबरों की पड़ताल करने पर 8 नंबर बिहार के मिले जबकि दो नंबर दिल्ली-एनसीआर के मिले हैं। वहीं, जालसाज खुद को हरिद्वार में होने का दावा कर रहे हैं।

भास्कर ऑडियो स्टिंग...आप अकाउंट में पैसे डाल दें, 2-3 दिन में काम हो जाएगा, भास्कर ने बात की तो सिर्फ दो मिनट में भेज दिया आवेदन फॉर्म

भास्कर ने पतंजलि डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले 4 लोगों से फोन पर बात की। इस दौरान पतंजलि डीलरशिप नाम से वेबसाइट चलाने वाले शख्स ने खुद को हरिद्वार ऑफिस का कर्मचारी बताया। जब डिस्ट्रिब्यूटरशिप फार्म मांगा तो उसने 2 मिनट में फॉर्म वॉट्सएप पर भेज दिया। उससे बातचीत के अंश...

भास्कर :आप पतंजलि डिस्ट्रीब्यूटरशिप ऑफिस से बात कर रहे हैं तो स्टोर शुरू करने के लिए क्या करना होगा

जालसाज : हां, मैं हरिद्वार ऑफिस से बात कर रहा हूं। पतंजलि के ऑफिस के हेल्पलाइन नंबर पर काम करता हूं। अगर आपको स्टोर जिला स्तर पर शुरू करना है तो 49,800 रुपए देने होंगे।

भास्कर :इसके लिए आवेदन फॉर्म कैसे मिलेगा, पैसे कैसे देने होंगे और कितने दिन में मेरा काम शुरू हो पाएगा?

जालसाज :देखिए, पतंजलि की स्टोर शुरू करने की प्रक्रिया काफी तेज है। पतंजलि का प्रोडक्ट पूरा तैयार है। आवेदन फॉर्म आपको 2 मिनट में वॉट्सएप भी कर देंगे। जितना जल्दी आप फॉर्म भरकर हमारे बैंक अकाउंट में पैसे डाल देंगे, उतनी ही जल्दी 2 से 3 दिन के भीतर ही आपका काम शुरू हो जाएगा। सारा सामान भी पहुंचा दिया जाएगा। 

भास्कर : प्रोडक्ट खरीदने के लिए एडवांस कितना देना होगा और मेरा उसमें कितना फायदा होगा

जालसाज : पतंजलि के प्रोडक्ट की बिक्री तो आप भी जानते हैं। कितना जल्दी बिक जाता है। कितनी डिमांड है। इसलिए अगर आप 10 लाख का सामान लेते हैं तो उसका 50 फीसदी पहले एडवांस में देना पड़ेगा। इसके अगले दिन आपके पते पर सामान पहुंच जाएगा। आपको प्रति फूड प्रोडक्ट पर 40 पर्सेंट, कॉस्मेटिक पर 30 पर्सेंट और मेडिसिन पर 25 पर्सेंट का फायदा मिलेगा। बस आप जितना जल्दी से जल्दी काम शुरू कर दें।

प्रवक्ता का दावा- डिस्ट्रीब्यूटरशिप मुफ्त में है, सीबीआई जांच को लिखेंगे

पतंजलि के मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि उनकी ऑफिशियल वेबसाइट से ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए पतंजलि की तरफ से कोई फीस नहीं ली जाती है। आवेदन करने के बाद वेरिफिकेशन से लेकर पूरी प्रक्रिया है जिसके बाद मुफ्त में डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी जाती है। भास्कर की पड़ताल के बाद पतंजलि के मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि इस तरह का फर्जीवाड़ा देश के करोड़ों लोगों के विश्वास के साथ किया जा रहा है। इसलिए इस मामले को लेकर जल्द ही सीबीआई में शिकायत करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री को भी लेटर लिखा जाएगा।

पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर करोड़ों ठगने वाला बीए का छात्र अरेस्ट

पतंजलि के प्रोडक्ट की देशभर में डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। बिहार में रहने वाले बीए पास एक युवक ने महज 38 हजार रुपए खर्च कर पतंजलि से मिलती-जुलती वेबसाइट बनवाई थी। उस फर्जी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर देकर लोगों से खुद को पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण का पीए बताता था। इस तरह जब लोग झांसे में आ जाते थे तब उन्हें डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 50 हजार रुपए मांग लेता था। इसके बाद प्रोडक्ट भिजवाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रूप में प्रति शॉप 4.50 लाख रुपए मांग लेता था। एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि साइबर सेल ने दो आरोपियों अनूप वर्मा और समीर शर्मा को गिरफ्तार किया है।

अनूप ही जालसाजी का मास्टरमाइंड है और मूलरूप से बिहार के शेखपुरा का रहने वाला है। वहीं, इसका साथी समीर त्रिपुरा का रहने वाला है। समीर ने ही इस वेबसाइट को डिजाइन किया था। इस गैंग ने अभी तक 4 राज्यों में कई लोगों से करोड़ों रुपए तक की ठगी करने की जानकारी दी है। आरोपी अभी इनमें से 44 लाख रुपए की ही डिटेल दे पाए हैं। बाकी डिटेल के बारे में पुलिस फरार इनके अन्य साथियों को पकड़ने और मास्टरमाइंड को रिमांड पर लेकर पता लगाएगी।

ऐसे आया आइडिया...गांव के कुछ लोग फर्जी वेबसाइट के जरिए कर रहे थे ठगी

अनूप बीए करने के बाद बेरोजगार था। इस दौरान उसे पता चला कि गांव के कुछ लोग फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से पैसों की ठगी कर रहे हैं। उसे यह भी पता चला कि देशभर में काफी संख्या में लोग पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेना चाह रहे हैं तब उसने ऐसे लोगों को जाल में फंसाने का प्लान बनाया। इसके लिए उसने सबसे पहले वेबसाइट तैयार करने वाले के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर जालसाजी करने का प्लान बनाया। फरवरी 2017 में इसने www.patanjalidistributors.org नाम से वेबसाइट तैयार कर इस पर एक मोबाइल नंबर जारी कर दिया था।

ऐसे करते थे लेन-देन...कमीशन पर अकाउंट ले कराते थे पैसे ट्रांसफर

एसएसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि जालसाज बिहार में ही रहने वाले रोशन, विकास और वीरू के बैंक अकाउंट में पैसे मंगाते थे। इनमें से विकास के खाते में भी 20 लाख रुपए से अधिक मंगाए थे और उसे 30 फीसदी कमीशन भी दे दिया था। ठगी के पैसों से अनूप वर्मा बिहार के बिहार शरीफ में जमीन खरीदकर मकान भी बनवा रहा था। अब पुलिस इसे जब्त कराने की कार्रवाई कराएगी।

यहां के लोग बने शिकार...यूपी, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के लोगों को ठगा

सबसे पहले केरल के एक शख्स से 50 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा साढ़े 7 लाख रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करा ली थी। तमिलनाडु के दो अलग-अलग लोगों से 12 और 14 लाख रुपए ठग लिए। नोएडा से राजेंद्र वर्मा ने नोएडा व गाजियाबाद दो स्थानों पर डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए आवेदन किया और 50-50 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस दी। फिर शॉप के लिए 9 लाख और ले लिए। 6 लाख और मांगे तब इन्हें शक हुआ।

गूगल पर सर्च करने के बाद 10 से ज्यादा वेबसाइट मिलने के बाद पतंजलि के मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला से संपर्क किया गया। उनसे यह पूछा गया कि आखिर पतंजलि की आधिकारिक वेबसाइट क्या है। इस पर उन्होंने बताया कि सिर्फ एक वेबसाइट www.patanjaliayurved.net ही आधिकारिक है। इसके साथ कोई दूसरी वेबसाइट नहीं बने इसलिए इसी नाम से एक और वेबसाइट www.patanjaliayurved.org भी रजिस्टर्ड है। इनके अलावा मार्केट में जितनी भी वेबसाइट हैं, सभी फर्जी हैं।

ऐसे पहचाने असली और नकली वेबसाइट

1 वेबसाइट लिंक से पहले https लिखा है या नहीं, ये जरूर देखें...

पतंजलि की आधिकारिक वेबसाइट का पूरा लिंक है https://www.patanjaliayurved.net  इसमें शुरू में https लिखा है। इसमें http के बाद लिखे s का मतलब है सिक्योर। ये s असली वेबसाइट की पहचान है। फर्जी वेबसाइट लिंक में http ही लिखा है।

2. Whois वेबसाइट में जाकर आप डिटेल चेक कर सकते हैं

फर्जी वेबसाइट का पता लगाने के लिए https://who.is वेबसाइट पर जाएं। इसके डोमेन नेम सर्च ऑप्शन में जाकर आप लिंक डालेंगे तो आपको उसकी डिटेल मिल जाएगी। जैसे वेबसाइट को बनवाने वाले का नाम, उसका पता व फोन नंबर।

(साभार: दैनिक भास्कर)

 


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