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आज दीन दयाल उपाध्याय बहुत याद आए, शायद उनका ‘सपना’ पूरा होता सा दिखा

Published At: Wednesday, 17 October, 2018 Last Modified: Thursday, 18 October, 2018

अभिषेक मेहरोत्रा ।।

जो दृश्य आज देखा, वो अद्भुत था, अद्वितीय था और शायद अकल्पनीय भी। अरबपति से लेकर मामूली गार्ड की नौकरी करने वाले बीपीएल धारक, योग्यतम डॉक्टर हो या दमदार उद्योगपति, लोकप्रिय विधायक हो या प्रभावशाली मिनिस्टर हो या फिर कई ऐसे चेहरे जो बिल्कुल आम हैं ,जमीनी हैं और कई तरह के अभाव के साथ जिंदगी से जूझ रहे हैं, सब के सब पंक्तिबद्ध होकर जिस भाव के साथ भोजन की थाली ग्रहण कर रहे थे, उसे देख लग रहा था कि आज दीन दयाल उपाध्याय हमारे बीच मौजूद होते तो मुस्कुरा रहे होते, क्योंकि अंतिम जन तक भोजन पहुंचाने का जो उनका सपना था, जिसे वह ‘अन्त्योदय’ की संज्ञा देते थे, आज सच होते हुए दिख रहा था।


मौका था पूरन डावर के ड्रीम प्रोजेक्ट योजना की लॉन्चिंग का। सक्षम सक्षम डाबर मेमोरियल ट्रस्ट एवं सेवा भारती के सहयोग से बुधवार को अन्नपूर्णा अंत्योदय योजना का शुभारंभ सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल जी ने किया।अतिथियों द्वारा के द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया 

सक्षम डावर मेमोरिलय ट्रस्ट द्वारा संचालित लोक जन कल्याणकारी योजना के बारे में बताते हुए मुख्य ट्रस्टी पूरन डावर भावुक हो उठे। आज से 10 साल पहले अपने पुत्र को खोने का गम उनकी आंखो में छलक आया, पर एक बड़े उद्देश्य के प्रति समर्पित होते हुए उन्होंने कहा कि ये बड़े दुख की बात है कि दुनियाभर में अगर भुखमरी के आंकड़ों यानी ग्लोबल हंगर इंडेक्स की बात की जाए तो 119 देशों की सूची में भारत का स्थान 100वें नंबर पर है। ये बात मुझे बहुत परेशान करती है। आज जहां हम मेक इन इंडिया, जीडीपी, विकास की दौड़ में तो आगे बढ़ रहे हैं, पर सबसे ज्यादा जरूरत है कि हम भुखमरी के इस इंडेक्स में लंबी छलांग लगाएं। ये आंकड़ा बहुत कष्टकारी है कि दुनियाभर की भुखमरी का 25 प्रतिशत भारत में है। ऐसे में मुझे याद आती है दीन दयाल उपाध्याय जी की दूरदर्शिता की, उनकी वो सोच अगर हम अंतिम आदमी तक रोटी नहीं पहुंचा पाएं, तो हम विकसित नहीं है।

उन्होंने कहा कि धन कभी तिजोरी में बंद नहीं रहना चाहिए। पहले तो वे अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनना चाहिए और फिर समाज के काम आना चाहिए। उन्होंने  कहा कि समाजसेवा एक लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट है,  जो आपको जन्म जन्मतांर से तार देता है।

मदर टेरेसा का उल्लेख करते हुए डावर बोले कि कोई भी मदद छोटी या बड़ी नहीं होती, बस यथार्थ मुहीम की शुरुआत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज यहां हम पांच फूड वैन्स की लॉन्चिंग कर रहे हैं, जो एक समय में करीब 1500 लोगों को 10 रुपए प्रति प्लेट खाना उपलब्ध कराएगी। 10 रुपए कीमत इसलिए रखी गई है ताकि हर कोई सम्मान के साथ भोजन ग्रहण कर सके। पौष्टिक भोजन की बर्बादी भी न हो, ये भी इसका एक कारण है।

उन्होंने अपील की कि हर कोई इससे जुड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आप समय दे सकते हैं, तो इसके किचन से जुड़िए, खाना पकाना जानते हैं, तो उस कार्य में मदद कीजिए, संचालन और वितरण में अपना सहयोग दीजिए, बस आपका साथ मिलेगा और ये कारवां आगे बढ़ेगा।

अंत में वे बोले कि अभियान बहुत बड़ा है, शुरुआत में कुछ त्रुटियां भी होंगी ऐसे में आप लोगों के सुझाव बहुत अहमियत रखते हैं। आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यहां मौजूद तीन-चार सौ लोग शख्सियतें नहीं है, बल्कि अपने आप में एक संगठन है, संस्था हैं।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि एक दौर वो भी था जब देश के लिए गेंहू और धान बाहर से मंगवाना पड़ता था। आज हम खाद्य उत्पादन की क्षमता में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भंडारण एक बड़ी समस्या रही है, बेरोजगारी भी बड़ी समस्या है। पर अब नीतियां बदल रहीं हैं, तो उम्मीद है कि न कोई भूखा रहेगा, न कोई बेरोजगार। प्रत्येक संवेदनशील नागरिक की जिम्मेदारी है कि भूखे को भरपेट भोजन मिल सके। 

उन्होंने कहा कि एक समय में लोंगो पर विवाह के लिए पैसे नही होते परंतु वंहा सेवा भारती प्रत्येक वर्ष 6000 लोंगो का विवाह करती है, जिसका विवाह होता है वह स्वेच्छा से 1000 रुपये गाय के लिए दान देता है। धन का सही इस्तेमाल सही जगह हो तो वह श्रीलक्ष्मी बन जाती है। वैसे ही हवन कुंड की लकड़ी हवन के बाद राख नही शुद्ध भभूति बन जाती है। सभी से आग्रह है प्रत्येक दिन कम से कम एक भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं। ऐसे प्रकल्पित में आगे बढ़कर आएं भूखे को अन्न मिल सके। भूखे पेट बाले कुछ भी कर सकते है।


उन्होंने पूरन डावर के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी तो संस्कृति भी यही कहती है कि सौ हाथों से कमाओ और हजार हाथों से बांटो। भारत का एक मन है जिसके कारण यह बात याद आई। भारत वर्षों से सशय श्यामला रहा। आठ सौ वर्ष कठिनता के साथ गुजरे जिसके कारण देश गरीब देश में बदल गया। दुनिया के कारोबार पर भारत का 31 प्रतिशत कब्जा था लेकिन आज केवल दो प्रतिशत है। देश को लोगों ने लूटा जिसकी बदौलत देश दुनिया के गरीब देशों की सूची में आ गया। देश में आज ग्यारह बारह करोड़ टन गेंहू पैदा करता है। देश की आबादी 40 करोड़ से 136 करोड़ हो गई। देश के पास आज भी खाद्यान बहुत है। देश में आज भी खाद्यान की कमी नही है। देश में आज एक वर्ग ऐसा है जो खरीद नही सकता, गरीब है उसके पास रोजगार भी नही है। देश में ऐसे भविष्य निर्माण की जरूरत है स्वावलंबी बने। देश में ऐसे व्यक्तित्व की निर्माण की जरूरत है जो अतिथि देवो भव की परंपरा पर चले। अभावहीं लोगों की जिम्मेदारी केवल सरकार पर नही बल्कि संवेदनशील लोगों पर ही है। हजारों वर्षो से भारत में यही परंपरा है। 100 हाथों से कमाना पर्याप्त नही है बल्कि 1000 हाथों से इसे बांटना पर्याप्त है। यह भारतीय दर्शन है। पहली रोटी चूले को, गाय को, आगंतुक को श्वान को उसके बाद स्वयं खाती है। यह दर्शन दुनिया में नही है केवल भारत में है। ईश्वर कण-कण में है। पढ़े लिखे और अनपढ़ व्यक्ति का ईश्वर अलग नही है। भारत में हर किसी व्यक्ति के लिए नारायण है जैसे प्रजा के लिए राजा, छात्र के लिए शिक्षक, व्यापारी के लिए ग्राहक नारायण का रूप है।


इस दौरान मेयर नवीन जैन ने कहा कि आज आगरा के लिए ऐतिहासिक दिन है कि आज के दिन गरीब लोगों के लिए दस रुपए में भोजन उपलब्ध रहेगा। आजादी के वर्षो बाद भी लोगों को दो समय का भोजन नही मिल पा रहा है। महापौर ने कहा कि गरीब व्यक्ति के 1 रुपए का दान बड़े लोगों के एक लाख रुपए के दान के बराबर है क्योंकि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है। उन्होंने कहा कि पूरन डावर के इस लोककल्याणी कार्य से जुड़कर नगर निगम गौरान्वित महसूस करेगा। उन्होंने घोषणा कि इस कार्य में सहयोग हेतु नगर निगम के माध्यम से लोगों के लिए इंटरलॉकिंग और बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

विशिष्ट अतिथि आचार्य मृदुल शास्त्री जी ने ने कहा कि पूरन डावर जी ने जो शुरुआत आगरा में की है सेवा भारती के साथ मिलकर वह एक अनोखा प्रयास है निश्चित ही इसमें सफलता मिलेगी प्रयास होगा कि कोई भी भूखा पेट ना रहे। 


सेवा भारती आगरा के अध्यक्ष वीरेंद्र वार्ष्णेय जी ने बताया की सेवा भारती के द्वारा पूरे देश भर में 172600 केंद्र चलाए जा रहे हैं जिसमें से आगरा में 90 केंद्र संचालित है भविष्य में केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर वंदे मातरम गीत रीना की नेतृत्व में सेवा भारती मात्र मंडली ने गाया। आखिर में धन्यवाद भाषण सी ए उमेश गर्ग ने दिया। मंच का सफल संचालन सीए प्रमोद चौहान  ने किया।


इस कार्यक्रम में विधायकगण जगन प्रसाद गर्ग, योगेंद्र उपाध्याय, जीएस धर्मेश, महेश गोयल, उदयभान सिंह, एसपी सिंह बघेल, अशोक जी कुलश्रेष्ठ, केशव देव शर्मा, सतीश चंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, जवाहर डावर, अशोक अग्रवाल, सतीश ओबेरोय, सहिंदेर सचदेव, अशोक अरोरा, रंजित सामाँ, सुशील गुप्ता, गिरधर शर्मा, प्रदूमन शर्मा, राजेंद्र सचदेव, डॉ. अरविंद दीक्षित. डॉ. रजनीश दुबे  विवेक रायजादा, ठाकुर पवन सिंह, शैलेंद्र शर्मा, ए.के.सिंह, डॉ. मनोज रावत, डॉ. सुगम आनंद,भानु प्रताप सिंह, के.सी.जैन, रेणुका डंग, केशो मेहरा, सुभाष ढल ,मीडिया प्रभारी सुधीर गोयल, सह मीडिया प्रभारी कृतिका सेठिया, गौरव वार्ष्णेय, प्रमोद गुप्ता, मोहन सिंह चाहर, हरिओम शर्मा, मुकेश पालीवाल, हेमा चौहान, रंजना राजपूत, रचना, मिथलेश, कमलेश आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।


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इन पर अश्लील कंटेट प्रसारित करने के आरोप सही हैं

आज के दौर में ऐसे प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करना बहुत मुश्किल है

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