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पीआर कंसल्टेंट फजले गुफरान लेकर आए अपनी ये किताब

Published At: Tuesday, 04 December, 2018 Last Modified: Tuesday, 04 December, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

भारतीय सिनेमा के 100 साल से ज्यादा लंबे इतिहास में सैकड़ों अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने रुपहले परदे पर अनगिनत निगेटिव किरदार अदा किए हैं, जिनसे हम न केवल अपने आस-पास मौजूद बुरे चरित्रों को भली-भांति पहचान सकते हैं, बल्कि किसी संभावित खतरे से बच भी सकते हैं।

यश पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित पुस्‍तक ‘मैं हूं खलनायक’ हिंदी सिनेमा के खलनायकों और खलनायिकाओं पर लिखी गई ऐसी ही पुस्‍तक है। इस पुस्‍तक में हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर से लेकर मौजूदा दौर के नामचीन खल चरित्र यानी निगेटिव किरदार निभाने वाले तमाम कलाकारों के साथ-साथ उन छोटे-मोटे खलनायकों का भी जिक्र है, जो अक्सर मुख्य खलनायक के गुर्गे, प्यादे या कहिए कि वसूलीमैन के रूप में हमें दिखते तो रहे हैं, लेकिन याद नहीं रहे।

पीआर कंसल्टेंट फजले गुफरान की यह किताब खलनायकी के उस दौर को हमारे सामने लाती है, जब लोग खल चरित्र निभाने वाले कलाकारों को असल जिंदगी में भी बुरा इंसान ही समझते थे। दूसरी तरफ यह किताब कई कलाकारों से की गई एक मुकम्मल बातचीत का यादगार सफर है, जिसमें उनके अंदर से एक ऐसा इंसान बात करता दिखता है, जिसे शायद किसी ने सुनने की कभी जहमत ही नहीं उठाई। किताब में प्रसिद्ध अभिनेता रजा मुराद की बातें हैरान कर देने वाली हैं और सोनू सूद की बातों से उत्साह और उम्मीदें झलकती हैं। दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा अपने और मौजूदा दौर के खलनायकों के बारे में बेबाकी से बात करते दिखते हैं तो मुकेश ऋषि दिल से प्राण साहब व अजित के बारे में बताते हैं।

आज के इस दौर में जब हम ये मान बैठे हैं कि इंटरनेट पर हर तरह की जानकारी मौजूद है, यह किताब हिंदी सिनेमा के खलनायकों के बारे में चार कदम आगे की और एक्सक्लूसिव बातें करती है और सिने प्रेमियों के साथ-साथ सिनेमा के छात्रों के लिए एक टेक्सटबुक का काम करती है, क्योंकि इसमें एक ओर अलग-अलग दौर के दिग्गज अभिनेताओं जैसे प्राण, प्रेम चोपड़ा, अजीत, जीवन, प्रेमनाथ, मदनपुरी, अमरीशपुरी, अमजद खान, डैनी, अनुपम खेर, गुलशन ग्रोवर, शक्ति कपूर, कबीर बेदी और प्रकाश राज आदि के बारे में रोचक जानकारियां दी गई हैं और बातें की गई हैं  तो दूसरी ओर केएन सिंह, कन्हैयालाल, बीएम व्यास, कमल कपूर, अनवर हुसैन के साथ-साथ नादिरा, शशिकला, ललिता पंवार, हेलन और बिंदु जैसी खलनायिकाओं के भी बेहद दिलचस्प ब्यौरे दिए गए हैं। इसमें 1940 के दौर में आईं अभिनेत्री कुलदीप कौर जैसी खलनायिका के बारे में भी बताया गया है, जिन्हें किसी ने कभी याद ही नहीं किया। 352 पन्‍नों की इस किताब में 150 से अधिक खलनायक और खल चरित्र निभाने कलाकारों के बारे में जिक्र है। इस पुस्‍तक की कीमत 299 रुपए है।



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