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सुप्रीम कोर्ट ने दूरदर्शन व AIR को दिए ये निर्देश...

Published At: Friday, 06 July, 2018 Last Modified: Friday, 06 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

सामाजिक पुनर्मूल्यांकन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और केंद्र व राज्य सरकारों को एक आदेश जारी किया है, ताकि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति के साथ भेदभाव न हो।

कोर्ट ने अपने दिशा निर्देश में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों की ये प्राथमिकता होनी चाहिए कि वो ये देखें कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति के साथ भेदभाव न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली दूरदर्शन केंद्र और राज्य स्तर पर प्राइम टाइम में प्रोग्राम प्रसारित किया जाए और ये बताया जाए कि कुष्ठ रोग का इलाज संभव है।

इतना ही नहीं लोगों में जागरुकता लाने के लिए कोर्ट ने सरकार से स्पेशल विंग का गठन करने की बात कही है, जिसमें प्रतिबद्ध अधिकारी हों। अपने दिशा निर्देश में कोर्ट ने कहा है कि अस्पताल कुष्ठ रोग से पीड़ित किसी भी व्यक्ति का इलाज करने के लिए मना नहीं करेंगे।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र और राज्य सरकारों से ये भी कहा कि वे 8 अगस्त तक इन दिशा निर्देशों की पालना रिपोर्ट कोर्ट को सौंपें। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव करने वाले कानूनी प्रावधानों को खत्म करने के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश जारी किए हैं।  

गौरतलब है कि याचिका में पर्सनल लॉ का जिक्र किया गया है, जिसमें कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव किया गया है। इसके लिए याचिका विधि सेंटर फॉर पॉलिसी ने दायर की है। 4 दिसंबर 2017 को याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने कोर्ट से कहा था कि देश के 119 कानून ऐसे हैं जो कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव बरतते हैं।

 

 

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