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रिपब्लिक टीवी के पत्रकार से बदसलूकी, कवरेज के दौरान छीना कैमरा-मोबाइल...

Published At: Tuesday, 02 January, 2018 Last Modified: Tuesday, 02 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

महाराष्ट्र में दलित और मराठा समुदाय की जातीय हिंसा का असर अब मुंबई में भी देखने को मिला। मुंबई के हार्बर रेलवे में दलित समुदाय के लोगों ने चेंबूर में रेल रोको आंदोलन किया। मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की गई।

रिपब्लिक टीवी में कार्यरत रिपोर्टर श्रवण सेन जब कुर्ला चेंबूर जंक्शन में आंदोलन को कवर कर रहे थे, कि तभी प्रदर्शनकारियों ने अचानक से उनसे बदसलूकी करनी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान उनका कैमरा और फोन छीन लिया और जोर देकर कहा कि वे विडियोग्राफी तुरंत बंद कर दें।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, इन प्रदर्शनकरियों ने चेंबूर रेलवे स्टेशन पर ने मंगलवार दोपहर सीएसटी-बेलापुर ट्रेन रोक दी। इस रेल रोको आंदोलन से चेंबूर से मानखुर्द की तरफ जाने वाली ट्रेन यातायात पूरी तरह से ठप्प पड़ गई। स्थानीय लोगों की मानें तो यहां पत्थरबाजी की भी घटना भी हुई।

गौरतलब है कि पुणे में कोरेगांव भीमा, पबल और शिकारपुर गांव के लोग 1 जनवरी 1818 को ब्रिटिश सेनाओं की पेशवा बाजीराव द्वितीय पर हुई जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान हिंसा में एक शख्स की मौत हुई थी। इस युद्ध में पेशवा को अंग्रेजों ने शिकस्त दी थी। इस घटना के 200 साल पूरे होने पर कोरेगांव भीमा में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। हिंसा के दौरान 25 गाड़ियों को फूंक दिया गया और 50 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।

दरअसल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की फौज में काफी तादाद में महार समुदाय के लोग शामिल थे, जिन्हें उस वक्त अछूत माना जाता था। दलित नेताओं ने युद्ध की सालगिरह पर कोरेगांव भीमा में कार्यक्रम का आयोजन किया था।


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