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कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर तैनात की ‘फौज’, कुछ यूं करेगी भाजपा पर प्रहार

Published At: Friday, 15 March, 2019 Last Modified: Friday, 15 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

देश में लोकसभा की सभी सीटों पर चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों ने भी कमर कस ली है। उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल है, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं। चुनाव में एक महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियां अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए तमाम हथकंडे अपना रही हैं। इस मुकाबले को फील्ड के साथ ही सोशल मीडिया पर भी लड़ा जा रहा है।

हिंदी दैनिक ‘दैनिक जागरण’ में छपी खबर के मुताबिक कांग्रेस ने जनता के बीच से ही 6000 ऐसे सूरमाओं की फौज तैयार की है, जो उत्तराखंड में पार्टी की रीति-नीति को लाखों मतदाताओं के बीच तो पहुंचाएंगे ही, साथ में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की ओर से पूरे नहीं किए जाने वाले वायदों को लेकर सत्तारूढ़ दल पर रह-रहकर सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। इस जंग में खास ख्याल ये भी रखा जाएगा कि एयर स्ट्राइक के बाद पैदा हुए देशभक्ति के जज्बे को कांग्रेस से जोड़ा जाए। हालांकि इन सबके बीच ये अंदेशा भी बना हुआ है कि भाजपा के सोशल मीडिया वार का प्रहार झेलना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।

विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया एक्सपर्ट प्रशांत किशोर और उत्तराखंड में चुनाव के दौरान डेरा डाले रहने वाली उनकी टीम के जरिये कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर आक्रामक ढंग से बड़ी जंग लड़ी, लेकिन इसके बावजूद पार्टी बुरी तरह हार गई थी। इसे देखते हुए पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब पार्टी ने प्रदेशभर में जनता के बीच से ही 6000 ऐसे सूरमा चुने हैं जो स्वयंसेवक की तर्ज पर कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर प्रचार युद्ध लड़ेंगे। कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ते हुए अन्य लोगों को भी 'हम दम' योजना के तहत ऑनलाइन सदस्यता दी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस आइटी विभाग इस पूरी कवायद को अंजाम दे रहा है। पार्टी के विभिन्न विभागों, प्रकोष्ठों व फ्रंटल संगठनों को भी सोशल मीडिया पर जंग के लिए तैयार किया जा रहा है। पार्टी इस जंग के लिए प्रदेश में अपने 18 हजार कार्यकर्ताओं का नेटवर्क भी तैयार कर रही है। ये कार्यकर्ता प्रतिद्वंद्वी भाजपा की जमीनी स्तर पर हर छोटी-बड़ी चुनावी गतिविधि पर नजर रखेंगे और भाजपा के चुनाव प्रचार की काट भी सुझाएंगे। उनके फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

केंद्र और राज्य की सत्ता से बाहर कांग्रेस सोशल मीडिया वार को लेकर इस बार खासी सतर्कता बरत रही है। वजह विधानसभा चुनाव में राज्य की कांग्रेस सरकार ने प्रशांत किशोर और उनकी टीम का सहयोग लिया था। इस वजह से पूरे चुनाव के दौरान कांग्रेस सोशल मीडिया में प्रभावी रही थी। इस बार ये लड़ाई सीमित संसाधनों के साथ लड़ी जानी है। सोशल मीडिया में भाजपा को शिकस्त देने को नए-नए कार्टून से हमला बोला जाएगा। प्रदेश कांग्रेस आइटी विभाग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह कहते हैं कि इस कार्य के लिए बाहर से कार्टूनिस्ट के साथ सोशल मीडिया एक्सपर्ट की मदद भी ली जाएगी। इस कार्य के लिए पार्टी की ओर से उक्त विशेषज्ञों को भुगतान किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के लिए संसदीय सीटवार सोशल मीडिया समन्वयकों की नियुक्ति की गई है।

सोशल मीडिया पर भाजपा किए ओर से पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में किए गए वायदों की हकीकत को जनता के सामने लाया जाएगा। कांग्रेस की जिन योजनाओं का नाम बदलकर भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, सोशल मीडिया पर इसे लेकर भी कांग्रेस की ओर से मुहिम चलाई जाएगी।



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ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

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