Share this Post:
Font Size   16

सुदर्शन न्यूज ने जज को लिखा पत्र, उठाए ये पॉइंट्स

Published At: Friday, 15 March, 2019 Last Modified: Tuesday, 19 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

फर्जी न्यूज़ प्रसारित करने के मामले में अदालत से मिली सजा के बाद ‘सुदर्शन न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाण ने फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

गौरतलब है कि कोझिकोड उप न्यायालय के जज आर.राजेश ने मंगलवार को ‘सुदर्शन न्यूज’ को मुआवजे के रूप में 50 करोड़ रुपए शिकायतकर्ता हीरा कंपनी मालाबार गोल्ड को देने का आदेश दिया था। न्यायाधीश को लिखे पत्र में सुरेश चव्हाण ने कहा है, ‘मुझे मीडिया रिपोर्ट से यह पता चला है कि अदालत ने हमें क्षतिपूर्ति के तौर पर मालाबार गोल्ड को 50 करोड़ रुपए (जिसे कुछ चैनल और अख़बारों ने 50 लाख बताया) देने का फैसला सुनाया है। माननीय यह निर्णय क़ानूनी तौर पर वैध नहीं है, क्योंकि मुझे मामले की सुनवाई के संबंध में कोई समन नहीं भेजा गया। मुझे शिकायतकर्ता की मंशा पर संदेह है, क्योंकि हमने चेन्नई से जुड़ी खबर प्रसारित की थी और मैं दिल्ली से सटे नोएडा में रहता हूं, जबकि केस कोझिकोड (केरल) में दाखिल किया गया।’

सुदर्शन न्यूज के एडिटर-इन-चीफ ने आगे लिखा है, ‘मुझे वास्तव में इस फैसले से पहले किसी भी तरह की जानकारी, समन या नोटिस नहीं मिला, मुझे मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से इसके बारे में पता चला। संभव है कि याचिकाकर्ता ने बेहद चतुराई से इसे मुझ तक पहुंचने न दिया हो। माननीय, चूंकि मैं एक ऐसी संस्था से जुड़ा हूं, जिसे न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास है, मैं अदालत से मांग करता हूं कि मुझे भी निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए, मेरा पक्ष अब तक सुना नहीं गया है। मुझे आशा है कि न्यायालय मुझे यह मौका अवश्य देगा।’

सुरेश चव्हाण ने न्यायाधीश राजेश को लिखे पत्र में यह भी साफ़ किया है कि उनकी तरह कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी वह न्यूज़ चलाई थी, जिसके लिए उन्हें दोषी करार दिया गया है। उन्होंने लिखा है ‘हम एकमात्र चैनल नहीं हैं, जिसने यह न्यूज़ दिखाई। अधिकांश न्यूज़ चैनल और समाचारपत्रों ने उसी दिन इस न्यूज़ को जगह दी, लेकिन मुकदमा सिर्फ हमारे खिलाफ दर्ज कराया गया। मैं यहां एक और महत्वपूर्ण बात का उल्लेख करना चाहूंगा कि पिछले 14 सालों में हमें कभी फर्जी न्यूज़ दिखाने के संबंध में कोई अदालती नोटिस नहीं मिला, लिहाजा मेरा आपसे अनुरोध है कि हमें एक मौका दिया जाना चाहिए, ताकि हम अपना पक्ष रख सकें’।

मालूम हो कि मालाबार गोल्ड ने अपनी शिकायत में कहा था कि ‘सुदर्शन टीवी’ ने एक फर्जी कॉम्पैक्ट डिस्क के दृश्यों को प्रसारित करके कंपनी की साख को प्रभावित करने का प्रयास किया। डिस्क में दिखाया गया था कि पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में दुबई स्थित एक फाइनेंशियल कंपनी द्वारा समारोह आयोजित किया गया, लेकिन चैनल ने उसे इस तरह पेश किया जैसे यह आयोजन मालाबार गोल्ड की तरफ से चेन्नई में हुआ था। ‘सुदर्शन टीवी’ पर यह विजुअल्स 20 अगस्त को प्रसारित किये गए, जिसके बाद कंपनी और उसके निदेशक एमपी अहमद ने यह आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया कि ‘सुदर्शन टीवी’ ने मालाबार गोल्ड की प्रतिष्ठा को बदनाम करने के लिए उसके व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों के इशारे फर्जी न्यूज़ प्रसारित की। जिसके बाद कोझिकोड उप अदालत ने चैनल को 50 करोड़ रुपए बतौर मुआवजा पीड़ित पक्ष को अदा करने का आदेश दिया।

'सुदर्शन न्यूज' के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाण द्वारा जस्टिस आर. राजेश को लिखा पत्र आप यहां पढ़ सकते हैं-



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com