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सईद, श्वेता, अंजना के होर्डिंग्स और टीवी कमर्शियल के जरिए 'आजतक' का 'सबसे सच्चा' कैंपेन

Published At: Wednesday, 26 September, 2018 Last Modified: Wednesday, 26 September, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।                    

टीवी न्यूज मीडिया इंडस्ट्री बहुत कॉम्पटेटिव होती जा रही है। ऐसे में लगातार हर चैनल की स्ट्रेटिजी है वे अपना माहौल (Buzz) क्रिएट करें। ऐसे में नंबर वन चैनल जो ‘सबसे तेज’ रहने का दावा करता है, अब ‘सबसे सच्चा’ भी हो गया है।


चैनल ने एक नया कैंपेन ‘सारे जहां से सच्चा’ लॉन्च किया है। इस कैपेन को धारदार बनाने के लिए अपनी तीन एंकर्स के होर्डिंग्स भी पूरे देश में लगवाए हैं। प्राइम टाइम शो ‘दस्तक’ के संजीदा एंकर सईद अंसारी, आक्रमक तौर पर डिबेट शो ‘हल्लाबोल’ होस्ट करने के लिए प्रख्यात अंजना ओम कश्यप और ‘सीधी बात’ की सौम्य श्वेता सिंह के जरिए इस कैंपेन को देशव्यापी बनाया जा रहा है।  बड़ी बात ये है कि जहां दिल्ली में सईद अंसारी के होर्डिंग्स बहुतायत में है, तो दिल्ली के बाहर अंजना और श्वेता का जलवा बरकरार है।


चैनल की ओर से प्राप्त विज्ञप्ति की अनुसार हिन्दी न्‍यूज चैनल 'आजतक' 17 वर्षों से लगातार सफलता के नए आयाम गढ़ता जा रहा है। सामाजिक सरोकार, दर्शकों के प्यार और भरोसेमंद रिपोर्टिंग की बदौलत इसने जो मुकाम हासिल किया है, वह अब तक चुनिंदा न्यूज ब्रैंड्स ही हासिल कर सके हैं।

सामाजिक सरोकारों की दिशा में अब एक कदम और आगे आज बढ़ाते हुए चैनल ने नया कैंपेन ‘सारे जहां से सच्चा’ (Saare Jahaan Se Sachcha) शुरू किया है। इस कैंपेन के जरिए चैनल का फोकस सच दिखाने के साथ इस बात पर ज्यादा रहेगा कि आखिर सच क्यों जरूरी है।

यह कैंपेन तीन टीवी कॉमर्शिययल (TVC) के द्वारा चलाया जा रहा है, इसमें रोजाना के उन हालातों को दिखाया जाएगा, जिनमें कोई आम आदमी बेवकूफ बनता है या झूठ का शिकार होता है। इसके बावजूद न तो इसे रोकने के लिए किसी की जबावदेही तय होती है और न ही यह स्थिति समाप्त होती है। 

टीवी कॉमर्शियल की हर कहानी में ऐसे लोगों पर प्रहार करने वाला रियलिटी चेक दिखाया जाएगा,  जिसे हम रोजाना अपने आसपास देखते हैं। चैनल के अनुसार, इस अभियान की टैग लाइन 'सारे जहां से सच्चा'  को काफी सोच-समझकर तैयार किया गया है ताकि यह लोगों के दिलों में जगह बना ले और देश की 'सारे जहां से अच्छा' जैसी सकारात्मक भावना को इस ब्रैंड से जोड़ सके।

 



पोल

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद हुई मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर क्या है आपका मानना?

कुछ मीडिया संस्थानों ने मनमानी रिपोर्टिंग कर बेवजह तनाव फैलाने का काम किया

ऐसे माहौल में मीडिया की इस तरह की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है और यह गलत नहीं है

भारतीय मीडिया ने समझदारी का परिचय दिया और इसकी रिपोर्टिंग एकदम संतुलित थी

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