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विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों ने अपनाया ये ‘नायाब’ तरीका

Published At: Thursday, 07 February, 2019 Last Modified: Thursday, 07 February, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अभी तक आपने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में ही पत्रकारों को हेलमेट पहनकर अपना काम करते देखा होगा, लेकिन आजकल छत्तीसगढ़ में भी आपको ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा। दरअसल, यहां के पत्रकारों ने विरोध का एक ये भी तरीका निकाला है और भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों की कवरेज के दौरान वे हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं।

इसका कारण ये है कि दो फरवरी को राजधानी रायपुर में भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक के दौरान कुछ नेता आपस में भिड़ गए थे। इस बैठक को कवर करने के लिए स्थानीय न्यूज़ चैनल ‘द वॉइस’ से जुड़े पत्रकार सुमन पांडेय भी पहुंचे थे। उन्होंने अपने मोबाइल से मारपीट की इस घटना का विडियो भी बना लिया था। आरोप है कि इससे गुस्साए भाजपाइयों ने न सिर्फ सुमन पांडेय से जमकर मारपीट की बल्कि मोबाइल छीनकर उसमें से वह विडियो भी डिलीट कर दिया। सुमन को काफी देर तक कमरे में ही बंधक बनाकर रखा गया। इस बीच सुमन ने साथी पत्रकारों को घटना की जानकारी दे दी थी, तब कहीं जाकर वह आज़ाद हो सके थे। इस मामले में पुलिस ने रायपुर बीजेपी प्रमुख राजीव अग्रवाल और तीन पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

भाजपा पदाधिकारियों की इस हरकत और आरोपियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई न होने के विरोध में अब तमाम पत्रकार सड़क पर उतर आए हैं और हेलमेट पहनकर ही भाजपाइयों की कवरेज कर रहे हैं। वे सुमन पांडेय से मारपीट व दुर्व्यवहार करने के आरोपी रायपुर जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल को पार्टी से बाहर करने की मांग कर रहे हैं। बताया जाता है कि पत्रकारों का तरीका सिर्फ यह दिखाने के लिए है कि उन्हें भाजपा नेताओं पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वे पत्रकारों पर हमला कर देते हैं।



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