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@8 PM: सुधीर चौधरी के तीखे सवालों पर जब 'असहज' दिखेंगे अमित शाह

Published At: Friday, 23 November, 2018 Last Modified: Saturday, 24 November, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 

अमित शाह राजनीति के ऐसे चाणक्य हैं, जिन्हें सवालों में उलझाना या रोककर रख पाना आसान नहीं है। बड़े-बड़े पत्रकार और ज्ञाता भी उनके आगे असहज नज़र आते हैं। वो शब्दों के सवालों का रूप लेने से पहले ही उनका रुख मोड़ देते हैं, या फिर ऐसा माहौल निर्मित कर देते हैं कि सवालों का तीखापन अपने आप कम हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिनसे मुखातिब होने के लिए पत्रकारों को भी अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ती है। आमतौर पर पत्रकारों के सवाल नेताओं को असहज कर देते हैं, मगर यहां स्थिति पूरी तरह अलग है। अमित शाह व पीएम मोदी का बेबाक अंदाज कई बार पत्रकारों की तैयारी को भी नाकाफी साबित कर देता है और दोनों के जवाब देने के अंदाज से सवालों का वजन कम सा लगने लगता है। लेकिन ‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) के संपादक सुधीर चौधरी ने इस बात को गलत साबित करने का प्रयास किया है। 

‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) पर आज रात 8 बजे अमित शाह का धमाकेदार इंटरव्यू ऑन-एयर होने जा रहा है। चैनल ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह इंटरव्यू लिया है। इसका टाइटल भी ‘शाह का 2019 वाला इंटरव्यू’ रखा गया है। यह इंटरव्यू इसलिए सबसे ख़ास है, क्योंकि सुधीर चौधरी ने उन ज्वलंत मुद्दों पर तीखे सवाल दागे हैं, जिनपर बात करने से सरकार बचती रही है। इन सवालों के तीखेपन को चौधरी की बेबाकी ने और तीखा बना दिया है।

सुधीर चौधरी ने केवल राजनीति की बात नहीं की है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी सवालों के रूप में अमित शाह के समक्ष रखा है। उन्होंने शाह पर यह सवाल भी दाग दिया कि आखिर सीबीआई को लेकर सरकार को ऐसा क्या डर था कि रात दो बजे अलोक वर्मा को बाहर निकाला गया? इस तरह के तीखे सवालों की अपेक्षा कम से कम मौजूदा वक़्त में तो नहीं की जा सकती।

सही मायनों में इसे एक संतुलित इंटरव्यू कहा जा सकता है, जहां इस बार असहज होने की बारी अमित शाह की है-





पोल

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद हुई मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर क्या है आपका मानना?

कुछ मीडिया संस्थानों ने मनमानी रिपोर्टिंग कर बेवजह तनाव फैलाने का काम किया

ऐसे माहौल में मीडिया की इस तरह की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है और यह गलत नहीं है

भारतीय मीडिया ने समझदारी का परिचय दिया और इसकी रिपोर्टिंग एकदम संतुलित थी

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