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क्रिकेटर शेन वॉर्न ने इस तरह समझाया ‘जीवन का सार’, दी ये बड़ी सीख

Published At: Wednesday, 13 March, 2019 Last Modified: Wednesday, 13 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) का बुखार देश के लोगों पर चढ़ चुका है। इसके साथ ही टीमों ने विभिन्न ब्रैंड्स के साथ पार्टनरशिप भी शुरू कर दी है। इसके तहत मंगलवार को आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम ‘राजस्थान रॉयल्स’ (Rajasthan Royals) ने अपने बिजनेस पार्टनर के रूप में ‘Alcis Sports’ के साथ हाथ मिलाया है।

टीम द्वारा की गई इस घोषणा के मौके पर राजस्थान रॉयल्स के ब्रैंड एंबेसडर शेन वॉर्न और ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा के बीच काफी बातचीत हुई। हल्के-फुल्के माहौल में हुई इस बातचीत के दौरान शेन वॉर्न ने बताया कि किस तरह से उन्होंने खेल के नए वर्टिकल्स के प्रति अपनी रुचि बढ़ाई और जीवन में आने वाली असफलताओं और निराशाओं से कैसे निपटना चाहिए।

प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:

हमने सुना था कि क्रिकेट के बाद आप प्रोफेशनल रूप से पोकर (poker) खेलना शुरू करेंगे। यदि आप क्रिकेटर नहीं होते तो क्या आप पोकर प्लेयर होते। दोनों गेम्स बिल्कुल अलग हैं। एक में जहां शारीरिक शक्ति वहीं, दूसरे में मानसिक शक्ति का ज्यादा इस्तेमाल होता है। आपकी इन गेम्स के प्रति रुचि कैसे बढ़ी, इस बारे में कुछ बताएं?

ये सत्तर के दशक की बात है, जब मैं और मेरा भाई ‘unesca’, ‘500’ और ‘poker’ जैसे गेम्स खेला करते थे। उस समय हमारे पास प्लेस्टेशन और एक्स-बॉक्स नहीं हुआ करते थे, इसलिए टाइम पास करने के लिए हम ये गेम्स खेलते थे। हम अपने पैरेंट्स के साथ ताश भी खेलते थे। मेरा भाई और मां एक टीम में जबकि मैं और पिताजी दूसरी टीम में होते थे। ऐसे में इन गेम्स की शुरुआत परिवार से ही हुई थी। इंटरनेशनल क्रिकेट से मैं वर्ष 2007 में ही रिटायर हो गया था, लेकिन पोकर में अभी भी खेलता हूं। रिटायरमेंट के बाद मैं न्यूयॉर्क, बुडापेस्ट, वियना जैसी जगहों पर गया हूं, जहां मैं बतौर क्रिकेटर नहीं जा सकता। यह काफी रोमांचक रहा है। आईपीएल की बात करें तो हम हमेशा से विरोधी टीमों से एक कदम आगे रहने का प्रयास करते हैं। आईपीएल में हर दूसरी फ्रेंचाइज़ी खास और बेहद अच्छी होती है। इसलिए राजस्थान रॉयल्स दूसरी टीमों के मुकाबले युवा टैलेंट को मौका दे रहा है। हम युवा टैलेंट का समर्थन करते हैं।    

न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ष 2001-02 में एक मैच के दौरान आपने अपने करियर का सबसे अच्छ स्कोर बनाया था और डेनियल विटोरी की गेंद पर कैच आउट हुए थे, लेकिन यह एक नो बॉल थी। इस बात का आपको दुख, अफसोस अथवा गुस्सा था? एक खिलाड़ी के रूप में आप इस तरह की चीजों को कैसे हैंडल करते हैं? इसके अलावा उंगली में चोट के कारण आपने आस्ट्रेलिया के समर सीजन को भी काफी मिस किया, इस बारे में क्या कहेंगे?

जीवन में हम जो भी करते हैं, उसमें निराश भी होते हैं, फिर चाहे वो बिजनेस हो अथवा स्पोर्ट्स। सबसे बड़ी बात ये ध्यान रखें कि जो बीत चुका है, आप उसे बदल नहीं सकते, फिर चाहे वह पांच मिनट पहले हुई घटना हो अथवा काफी पुरानी। इसलिए मेरा मानना है कि आपको बीती हुई बातों से सीख लेनी चाहिए, क्योंकि आप उन्हें बदल नहीं सकते हैं।  

जीवन में आपने क्रिकेटर, पोकर प्लेयर, एंटरप्रिन्योर, कमेंटेटर और एक पिता के रूप में जीवन में कई भूमिकाएं देखी हैं। आपके लिए इनमें से सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कौन सी है?

मेरा मानना है कि अपने बच्चों के लिए अच्छा पिता होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। वास्तव में यह आसान काम नहीं है। सिंगल पैरेंट के रूप में यह काफी मुश्किल होता है, लेकिन यह काफी मजेदार और अच्छा होता है। अपने जीवन में मैं काफी धन्य रहा हूं, क्योंकि मुझे रॉयल्स के साथ ही विभिन्न कंपनियों और प्रायोजकों के साथ काम करने का मौका मिला है।



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