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मप्र ‘पत्रिका’ के प्रदर्शन से खुश ग्रुप एडिटर ने इस तरह बढ़ाया मनोबल...

Published At: Wednesday, 09 January, 2019 Last Modified: Wednesday, 09 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की कवरेज के लिए ‘पत्रिका’ को काफी सराहना मिली है। स्टेट हेड जिनेश जैन के नेतृत्व में कई मौकों पर अख़बार ने यह साबित किया है कि वो सबसे आगे है। कमलनाथ सरकार में किन विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा, इसका खुलासा ‘पत्रिका’ ने एक दिन पहले ही कर दिया था। इसके अलावा भी अख़बार के कई सियासी विश्लेषण सटीक साबित हुए।

‘पत्रिका मध्य प्रदेश’ की इस सफलता पर समूह संपादक गुलाब कोठारी ने ख़ुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने इस संबंध में जिनेश जैन को पत्र भी लिखा है। 27 दिसंबर के इस पत्र में जिनेश जैन को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा है, ‘मध्यप्रदेश में चुनावी समाचारों के संकलन और सटीक विश्लेषण प्रस्तुत करने में आपकी भूमिका प्रशंसनीय रही है। आपने जिस मेहनत, निष्ठा और जोश से अपना दायित्व निभाया है, वह सराहनीय है। मुझे आशा है कि आपकी यह लगन और भावना इसी तरह बनी रहेगी।’

विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश पत्रिका ने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी और बाकी अख़बारों की तुलना में उसने पाठकों के समक्ष सियासत पर केंद्रित ज्यादा विश्लेष्णात्मक सामग्री परोसी। यही वजह रही कि उसकी ख़बरों को न केवल सराहा गया, बल्कि कई मौकों पर वो सटीक भी साबित हुईं। इस बारे में समाचार4मीडिया से बात करते हुए मध्य प्रदेश पत्रिका के स्टेट हेड जिनेश जैन ने कहा, ‘हमने चुनाव को तीन चरणों में देखा। पहले चरण में हमने जनता से जुड़े मुद्दों पर बात की। सतही रिपोर्टिंग के बजाय हमने गहराई में जाकर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर लोग भावी सरकार-विधायकों से क्या अपेक्षा रखते हैं। इसके अलावा हमने लोगों को यह भी बताया कि वोट देते वक़्त या किसी पार्टी के प्रति राय कायम करते वक़्त उन्हें किन बातों पर गौर करना चाहिए। हमने नेताओं का पीछा नहीं किया, हम सीधे मतदाताओं से जुड़े। हमने उन्हें समझाया कि राजनीति को कैसे स्वच्छ किया जा सकता है’।

जैन के मुताबिक, ‘दूसरे चरण में हमने कैंपेन ‘चेंजमेकर’ चलाया। इसके तहत डिजिटल मीडिया और बैठकों के जरिये यह पता लगाया गया कि प्रदेश की राजनीति में कौन चेंजमेकर साबित हो सकता है। हमारा ध्यान मुख्यरूप से ऐसे लोगों पर था जो एक अच्छे विज़न के साथ राजनीति में आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा। हमने उनकी पहचान कर उन्हें चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रेरित किया और आम जनता से भी जानना चाहा कि क्या वो इस बदलाव के पक्ष में हैं? हमारे और प्रदेश के लिए यह ख़ुशी कि बात है कि जनभागीदारी से चुने गए 11 चेंजमेकर विजयी रहे हैं।‘

जैन ने बताया, ‘तीसरे चरण में हमने विश्लेषणों को जगह दी। हम आखिरी तक खुद को जनता से जोड़े रहे। ‘पत्रिका’ ने सात पेज विधानसभा चुनाव की कवरेज के लिए रखे थे, ताकि जनता को सियासी दलों और उनके प्रत्याशियों के बारे में हर छोटी बड़ी जानकारी प्रदान कर सकें। इस पूरे चुनाव में हमने अपने कमर्शियल एजेंडे को अलग रखा। हमारी सबसे बड़ी ताकत यह है कि हम अपने अख़बार में पेड़ न्यूज़ को जगह नहीं देते। निर्वाचन आयोग ने भी हमारी इस पहल की सराहना की है।’

समाचार4मीडिया की ओर से जिनेश जैन और उनकी टीम को बधाई।



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