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अखबार मालिक पर ‘गलत काम’ का आरोप, पूर्व संपादक ने इस तरह खोला कच्चा चिट्ठा

Published At: Thursday, 14 March, 2019 Last Modified: Thursday, 14 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

दिल्ली से निकलने वाले हिंदी अखबार ‘प्रयुक्ति’ के मालिक संपथ कुमार सूरप्पगारि को आंध्र प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि संपथ कुमार अब तक पत्रकारों और प्रिंटर्स समेत तमाम लोगों को चूना लगा चुका है और इन दिनों हैदराबाद में भी लोगों को ठगने का काम कर रहा था।

‘प्रयुक्ति’ अखबार के पूर्व संपादक मुकुंद मित्र ने अपने फेसबुक पेज पर संपथ कुमार की गिरफ्तारी की खबर देते हुए इसके काले कारनामों का चिट्ठा भी खोला है। मुकुंद मित्र का कहना है, ‘भुगतान के नाम पर संपथ द्वारा दिए गए लाखों रुपए के चेक बाउंस हो चुके हैं। कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। उनमें मैं भी हूं। इस व्यक्ति ने मुझे भी स्थानीय संपादक होने के नाते तीन माह की सैलरी का चेक दिया था, जो बाउंस हो चुका है। पीएफ के पैसे का चेक भी बाउंस हो चुका है।’

मुकुंद मित्र का कहना है कि दिल्ली में इसका दूसरा सहयोगी विनय कुमार गुली है। यह भी वहीं का रहने वाला है। एक और सहयोगी राव है। यह दिल्ली का रहने वाला है। इसके गुनाहों की परत-दर-परत खुलने लगी है। मुकुंद मित्र के अनुसार, ‘संपथ तू कानून से बड़ा नहीं है। आखिर हथकड़ी लग ही गई न। तू नोएडा के सेक्टर 20 थाने से जरूर बच निकला पर, अब कहां-कहां बचेगा। हैदराबाद पुलिस ने तेरा पूरा कच्चा चिट्ठा दिल्ली पुलिस के पास भेज दिया है। आखिर कितने आफिस बदलेगा। करोलबाग, इसके बाद नोएडा और इसके बाद नेताजी सुभाष पैलेस....अब बचकर कहां जाएगा?’

इस तरह हुई गिरफ्तारी: न्यूज वेबसाइट ‘साक्षी समाचार’ में छपी खबर के अनुसार,संपथ कुमार इन दिनों हैदराबाद में लोगों को ठगने का काम कर रहा था। यहां पर खुद को आईएएस अधिकारी व संसद सहायक प्रशासनिक अधिकारी बताते हुए वह 30 लोगों को लगभग छह करोड़ रुपए का चूना लगा चुका था। स्थानीय मंदिर के विकास के लिए वह तीन करोड़ रुपए दिलाने की बात कर रहा था और इसके बदले मंदिर प्रबंधन से एक करोड़ से अधिक रुपए वसूल लिए थे। इसके बावजूद तीन करोड़ रुपए न मिलने पर पीड़ितों ने चादरघाट पुलिस से संपर्क किया और संपथ की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दिलसुख नगर से उसे गिरफ्तार किया। संपथ के पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल, आभूषण, 5 डेबिट कार्ड और फर्जी आईएएस अधिकारी का पहचान पत्र भी बरामद किया है। बाद में उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।



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