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आंखों देखा हाल सुनाने वाले कमेंटेर जसदेव सिंह ने हमेशा के लिए मूंद ली आंखे...

Published At: Wednesday, 26 September, 2018 Last Modified: Wednesday, 26 September, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

क्रिकेट-हॉकी सहित विभिन्न खेलों का आंखों देखा हाल सुनाने वाले देश के बेहद लोकप्रिय हिंदी कमेंटेटर जसदेव सिंह की आंखे अब हमेशा के लिए बंद हो गई हैं। मंगलवार को दिल्ली में लंबी बीमार के बाद उनका निधन हो गया। पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित जसदेव 87 साल के थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।

जसदेव की आवाज देश के कई ऐतिहासिक पलों को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनी। फिर चाहे वह 1975 का हॉकी विश्व कप का फाइनल हो या अंतरिक्ष में पहले भारतीय राकेश शर्मा का पहुंचना। जसदेव ने 1968 से 2000 के दौरान आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए नौ ओलिंपिक, आठ हॉकी विश्व कप और छह एशियाई खेलों की कमेंट्री की। उन्होंने कई स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों पर भी कमेंट्री की।

जसदेव सिंह के निधन पर खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कई हस्तियों ने शोक जताया। राठौड़ ने ट्वीट करते हुए लिखा,'आकाशवाणी और दूरदर्शन के बेहतरीन कमेंटेटर्स में से एक जसदेव सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस समेत अनगिनत कार्यक्रमों में आवाज का जादू बिखेरा।’

जसदेव सिंह का जन्म 18 मई 1931 में राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बौली में हुआ था। कुछ साल पहले उन्होंने अपने जीवन की कहानी 'मै जसदेव सिंह बोल रहा हूं…' के रूप में एक किताब की शक्ल दी थी। उन्हें 1985 में पद्मश्री और 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

जसदेव ने 1955 में जयपुर में ऑल इंडिया रेडियो में काम करना शुरू किया था। आकाशवाणी जयपुर का पहला बुलेटिन सिंह ने ही पढ़ा था। वे आठ साल बाद दिल्ली आ गए। उन्होंने 35 साल तक दूरदर्शन के लिए काम किया। खास यह है कि उन्होंने खुद कभी कोई खेल नहीं खेला।



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सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए

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आज के दौर में ऐसे प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करना बहुत मुश्किल है

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