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DU में पत्रकारिता के छात्रों का विरोध प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया ये आरोप...

Published At: Tuesday, 18 September, 2018 Last Modified: Tuesday, 18 September, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और इस बार यह प्रदर्शन पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने किया है। दरअसल, ये छात्र डीयू के दिल्ली पत्रकारिता विद्यालय  में बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। सोमवार को फर्स्ट-ईयर और सेकेंड-ईयर के छात्रों ने यूनवर्सिटी परिसर के गेट पर चढ़कर प्रदर्शन करते हुए वाइंस चांसलर योगेश त्यागी के साथ एक मीटिंग की मांग की।

वहीं दूसरी तरफ, इस तरह का विरोध प्रदर्शन देखते हुए मैंनेजमेंट ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद विरोध में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। छात्रों ने कहा कि वे जब शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस वहां आई और उन्होंने छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की और बिना कोई चेतावनी दिए ही छात्रों को लाठियों से पीटने शुरू कर दिया, जबकि इस प्रदर्शन में छात्राएं भी शामिल थीं।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस तरह के आरोपों से इनकर किया है। उत्तर जिला पुलिस की डीसीपी नुपुर प्रसाद ने कहा, ‘न ही किसी को हिरासत में लिया गया है और न ही किसी के साथ मारपीट की गई है। आमतौर पर पुलिस उत्तरी परिसर और दिल्ली पत्रकारिता विद्यालय के आस-पास के विभिन्न स्थानों पर रहती ही है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों  ने प्रदर्शनकारियों को केवल वाइस चांसलर के कार्यालय के अंदर घुसने से रोका था।

उन्होंने कहा कि जब पुलिसकर्मियों ने देखा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र एंट्री गेट पर चढ़ गए हैं, तो उन्हें ऐसा करने से सिर्फ रोका गया था, न कि किसी तरह से फोर्स का इस्तेमाल किया गया और न ही लाठीचार्ज की गई।   

बता दें कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि दिल्ली पत्रकारिता विद्यालय में न तो कंम्प्यूटर लैब है और न अभी तक उन्हें लैपटॉप दिए गए हैं। इस वजह से वे अपना प्रोजेक्ट पूरा कैसे करें? छात्रों का कहना है कि उन्होंने इतनी ज्यादा फीस दे रखी है, फिर भी उन्हें इसके बदले कुछ नहीं मिल रहा है। न तो यहां कोई मीडिया प्रयोगशालाएं हैं, न लाइब्रेरी है, न बैठने के लिए उचित डेस्क और कुर्सियां हैं, क्लासरूम तो कैन्टीन बन गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मानें तो, इन्हीं वजहों से अगस्त में सभी क्लासेज रद्द कर दी गई थीं। अगस्त के अंत में छात्रों ने इन्हीं मांगों को लेकर पूरी रात प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद डीयू मैनेजमेंट ने सभी तरह की समस्याओं के निवारण के लिए 14 सितंबर तक का समय मांगा था, लेकिन छात्रों का कहना है कि अभी भी स्थिति वही है।

 



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