Share this Post:
Font Size   16

इन बदलावों के साथ फिर होगी DD के फ्रीडिश स्लॉट की नीलामी

Published At: Wednesday, 16 January, 2019 Last Modified: Wednesday, 16 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘दूरदर्शन’ के डायरेक्ट टू होम (DTH) प्‍लेटफॉर्म ‘फ्रीडिश’  के स्‍लॉट की ई-नीलामी फिर शुरू होगी। हालांकि इस बार यह ई-नीलामी नई पॉलिसी के तहत की जाएगी। इस बारे में प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पती ने नई पॉलिसी के प्रमुख बिंदुओं के बारे में घोषणा की है। हालांकि नीलामी कब होगी, इसके बारे में अभी नहीं बताया गया है।  

इस बारे में जारी ट्वीट में शशि शेखर का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य डीडी फ्रीडिश पर उपलब्ध कंटेंट की विविधता को बढ़ाना और गैर हिंदीभाषी राज्यों में इसकी पहुंच को विस्तार देना है।  

उनका यह भी कहना है कि नकदी के भुगतान के लिहाज से नई पॉलिसी चैनलों के लिए काफी बेहतर रहेगी। चैनलों पर बोझ भी कम पड़ेगा और उनके लिए कई बाधाएं भी दूर होंगी।

 

 

गौरतलब है कि सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अक्टूबर 2017 में डीडी फ्रीडिश के स्लॉट की ई-नीलामी प्रक्रिया रोक दी थी। तब यह कहा गया था कि विज्ञापन रेवेन्यू के लिए निजी ब्रॉडकास्टर्स फ्री फ्रीडिश की व्यापक पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं।

डीडी फ्रीडिश पर खाली पड़े चैनल स्लॉट को निजी ब्रॉडकास्टर को देने के लिए दूरदर्शन आमतौर पर साल में कई बार ई-नीलामी करता है। बताया जाता है कि नई पॉलिसी के तहत यह प्रक्रिया साल में एक बार की जाएगी। आखिरी बार जुलाई 2017 में हुई ऐसी ही ई-नीलामी में दूरदर्शन को निजी ब्रॉडकास्‍टर्स के लिए 11 स्‍लॉट की ई-नीलामी से 85.10 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। दूरदर्शन को इससे पहले नीलामी में इतनी बड़ी रकम नहीं मिली थी।

नई पॉलिसी के प्रमुख बिंदु-

: e-Auctions will be based on a differential pricing to be determined by the genre (language) of channels. Private broadcasters desirous of carriage on DD FreeDish will have to declare the same to be eligible to bid in eAuctions.

: e-Auctions will be held on annual basis for all vacant unreserved slots to ensure a stable bouquet of channels.

: To lower the entry barrier for genres (languages) that are currently under represented on DD Free Dish the differential pricing for slots is split into 5 disparate buckets as opposed to the 2 buckets based on which eAuctions were previously held.

: Different Genres (languages) have been grouped within these 5 buckets with differential reserve pricing for slots in respective buckets.

: To promote the new DD Free Dish authorised Set Top Boxes the new policy also envisages invitational pricing for channels to also take up MPEG4 slots in addition to the existing MPEG2 slots.

: The new policy also provides for reservation of MPEG4 slots for further regional channels of Doordarshan to have a dedicated satellite footprint. These stations/kendras currently operate in terrestrial mode in several states.



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com