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पत्रकारों को सजा देने के विरोध में PCI ने कुछ यूं बुलंद की आवाज

Published At: Thursday, 14 March, 2019 Last Modified: Friday, 15 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने ‘शिलॉन्ग टाइम्स’ (Shillong Times) अखबार की एडिटर पैट्रीशिया मुखीम और पब्लिशर शोभा चौधरी को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराए जाने को अनुचित बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि सुप्रीम कोर्ट अनुमित देता है तो मेघालय हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ‘शिलॉन्ग टाइम्स’ की याचिका में परिषद भी शामिल होगी।

दरअसल, मेघालय हाई कोर्ट ने आठ मार्च को पैट्रीशिया मुखीम और शोभा चौधरी को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था और उन पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। कोर्ट का यह भी कहना था कि एक हफ्ते में जुर्माना न देने पर दोनों को छह महीने जेल की सजा भुगतनी होगी और अखबार पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। दरअसल, पिछले साल दिसंबर में अखबार ने सेवानिवृत्त जजों और उनके परिवार वालों को बेहतर सुविधाएं और भत्ते दिए जाने के मामले को लेकर एक लेख प्रकाशित किया था।

अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट ‘स्क्रॉल’(Scroll) के अनुसार, काउंसिल ने कहा है कि अखबार के संपादक को सजा दिए जाने का प्रेस की स्वतंत्रता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। काउंसिल के चेयरमैन सीके प्रसाद का कहना है, ‘यह निर्णय कई मामलों में कमजोर है।’ ‘द हिन्दू’ (The Hindu) के अनुसार,पीसीआई ने जम्मू-कश्मीर सरकार को भी एक नोटिस जारी किया है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने पिछले दिनों ‘ग्रेटर कश्मीर’ (Greater Kashmir) और ‘कश्मीर रीडर’ (Kashmir Reader) को सरकारी विज्ञापन न देने का फरमान सुनाया है। इसके विरोध में 10 मार्च को घाटी के सभी प्रमुख अखबारों ने अपना पहला पन्ना खाली छापा था। अंग्रेजी अखबार,‘The Indian EXPRESS’ के अनुसार, ‘कश्मीर एडिटर्स गिल्ड’ (Kashmir Editors Guild) ने अखबारों का पहला पन्ना खाली छोड़ने का फैसला किया था।



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