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#MeToo: 9 महिला पत्रकारों के चक्रव्यूह में फंसे एम.जे. अकबर, मुश्किल में BJP

Published At: Thursday, 11 October, 2018 Last Modified: Thursday, 11 October, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

#Mee Too कैम्पेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन दिनों में अब तक उन पर 9 महिलाए आरोप लगा चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यौन शोषण के आरोपों से घिरे मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर विदेश से लौटकर इस्तीफा दे सकते हैं। रिपोर्ट की मानें तो सरकार अकबर पर सख्त है, सरकार की छवि बचाने के लिए उनसे इस्तीफा मांगा जा सकता है।

बुधवार को पत्रकार सबा नकवी, सुपर्णा शर्मा और लेखिका गजाला वहाब ने अकबर के साथ कथित तौर पर अपने बुरे अनुभवों को साझा किया था। वहाब ने दावा किया था कि अकबर उन पर अकसर अपने केबिन में आने का दबाव बनाते थे। यही नहीं उनकी डेस्क भी इसलिए चेंज कर दी गई ताकि वह उनकी केबिन के सामने ही बैठें और उन्हें जबरदस्ती छूने के मकसद से अलग-अलग टास्क के लिए अकसर बुलाते रहते थे। 

एक आर्टिकल में जर्नलिस्ट सबा नकवी ने अपने साथ हुए हैरासमेंट का जिक्र किया है। सबा ने सीधे तौर से उस शख्स का नाम नहीं लिया, लेकिन हिंट देते हुए कहा कि उसका नाम 'ग्रैंड मुगल सम्राट' से मिलता जुलता है। सबा ने उस शख्स का नाम लिए बगैर कहा कि उसने पहले ऑफिस में प्रताड़ित किया, फिर बाद में वो एक राजनेता बन गया।

वहींं एक अंग्रेजी अखबार की स्थानीय संपादक सुपर्णा शर्मा ने आरोप लगाया है कि 1990 में अखबार की लॉन्चिंग के दौरान अकबर ने उनके साथ बदसलूकी और आपत्तिजनक हरकत की थी। सुपर्णा के अनुसार, तब वह एमजे अकबर की टीम का हिस्सा थीं।

अंग्रेजी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस' को सुपर्णा शर्मा ने बताया, ‘तब वह फ्रंट पेज की इंचार्ज थी। पेज बनवा रही थीं। अकबर पीछे खड़े थे। अचानक उन्होंने ब्रा की स्ट्रिप खींच कर कुछ कहा, जो अब मुझे याद नहीं आ रहा है। इस पर मैं बड़े जोर से चीख पड़ी थी।’

अन्य महिलाओं के अकबर पर आरोप-

बता दें कि कई महिला पत्रकारों ने अपनी आपबीती बयां करते हुए एम.जे. अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाए हैं। सभी महिला पत्रकारों का आरोप है कि एम.जे. अकबर ने अखबार के संपादक के तौर पर काम करने के दौरान ऐसा किया -

1-  कई अखबारों के संपादक रहे एम.जे.अकबर पर सबसे पहले पूर्व पत्रकार प्रिया रमानी ने आरोप लगाया था कि अकबर जब संपादक थे, तब होटल रूम में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते थे।

2-  वहीं एक और वरिष्ठ पत्रकार शूमा राहा ने ट्वीट में लिखा कि 1995 में कोलकाता के ताज पैलेस में उसके सामने अकबर ने ऐसे ऑफर दिए थे, जिसके बाद उन्होंने नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। शुमा राहा ने रमानी की पोस्ट पर भी अपनी सहमति जताई थी। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने बताया, ‘1995 में एशियन ऐज में नौकरी के एक इंटरव्यू के लिए अकबर ने उन्हें कोलकाता के ताज बंगाल में बुलाया था। जब मैं होटल की लॉबी में पहुंची तब उन्होंने अपने कमरे में आने को कहा। मैंने इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा लेकिन इंटरव्यू देते समय बेड पर बैठना असहज था।’ 

उन्होंने आगे बताया कि अकबर ने नौकरी का प्रस्ताव देने के बाद उनसे ड्रिंक पर मिलने की बात कही। उन्होंने इस अखबार को बताया कि अकबर का इस तरह कहना परेशान करने वाला था और नौकरी मिल जाने के बावजूद उनके जॉइन न करने की वजह भी अकबर का ऐसा व्यवहार था।

3-  इसके अलावा पत्रकार ‘द वायर’ से बात करते हुए ‘फोर्स’ मैगजिन की एग्जिक्यूटिव एडिटर गजाला वहाब ने बताया है कि एशियन ऐज में नौकरी करने के दौरान अकबर ने उनका यौन शोषण किया, उन्हें मानसिक रूप प्रताड़ित किया और इसका अंत उनके इस्तीफा देने के साथ हुआ।1997 के एक वाकये का जिक्र करते हुएउन्होंने एक ब्लॉग में लिखा- अकबर ने मेरी डेस्क अपने केबिन के ठीक बाहर शिफ्ट करा दी थी। जब भी उनके केबिन का दरवाजा खुलता, मेरा उनसे आमना-सामना होता था। वे अपनी डेस्क पर बैठकर पूरे वक्त मुझे घूरते रहते थे। वे अक्सर मुझे केबिन में बुलाकर निजी बातें करते थे। कई बार वे अपना वीकली कॉलम लिखते वक्त मुझे सामने बैठा देते थे ताकि कोई शब्द ढूंढना हो तो निचले ट्रायपॉड पर रखी डिक्शनरी में झुककर मैं उसे देख लूं। 

अकबर ने मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया

महिला ने लिखा- एक बार मैं उनके कहने पर एक शब्द तलाशने के लिए डिक्शनरी में झुकी तो वे पीछे से आए और मुझे कमर से पकड़ लिया। वे मेरे अंगों पर हाथ फेरते थे। मैं हाथ हटाने की कोशिश करती रही। ऐसे ही एक बार उन्होंने अखबार के लिए कॉलम लिखने वाली एक एस्ट्रोलॉजर को मेरे पास इस मैसेज के साथ भेजा कि अकबर मुझसे गंभीरता के साथ बहुत प्यार करते हैं। 

4-  लेखक और संरक्षणवादी प्रेरणा सिंह बिंद्र ने भी अकबर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ट्वीट में लिखा, 'वो एम जे अकबर थे, मैं इसे हल्के मे नहीं कह रही हूं। मैं जानती हूं कि गलत आरोप के क्या परिणाम हो सकते हैं। 17 साल हो गए और मेरे पास ठोस सबूत नहीं है। लेकिन मैं युवा थी, और मुझे फीचर एडिटर बना दिया गया। उन्होंने आगे लिखा मैं उनके बातों से प्रभावित थी, लेकिन इसका मतलब कतई नहीं है कि मैं उपलब्ध थी। जब मैने होटल में जाने से इनकार कर दिया तब बात बिगड़ गई।'

5- पत्रकार सुतपा पॉल का आरोप है कि साल 2010-11 के दौरान जब वे  'इंडिया टुडे' में जर्नलिस्ट थीं, तब जाने-माने एडिटर एमजे अकबर भी इसी कंपनी में थे। तब अकबर ने उन्हें कई बार ड्रिंक करने की जिद की। मना करने पर अकबर कहते थे, 'न ड्रिंक करती हो, न स्मोक करती हो, किस तरह की जनर्लिस्ट हो तुम।' सुतपा पॉल ने बताया कि उनके पास बहुत सारे स्टोरी आइडियाज थे, लेकिन अकबर किसी भी स्टोरी आइडिया के बारे में बात नहीं करना चाहते थे।

6-  एक पत्रकार ने लिखा है कि किसी ने उन्हें पहले ही अकबर की आदतों के बारे चेता दिया था इसलिए वह बची रहीं। 1995-97 के बीच एशियन एज में काम करने वाली इस महिला पत्रकार ने कहा- उन्होंने मुझे होटल में नाश्ते के लिए बुलाया था, लेकिन मैं नहीं गई। मैंने उन्हें सॉरी बोल दिया था। उन्होंने सबके साथ ऐसा किया था।

7-  वहीं एक अन्य पत्रकार ने कहा कि 1995 में कोलकाता के एक होटल में अकबर ने मुझे इंटरव्यू के लिए बुलाया था। मैं लॉबी में पहुंची तो उन्होंने मुझे ऊपर आने को कहा। मैंने ज्यादा नहीं सोचा, लेकिन बिस्तर पर बैठकर इंटरव्यू देना काफी असहज था।

8-  'इंडियन एक्सप्रेस' के साथ बातचीत में फ्रीलांस जर्नलिस्ट कनिका गहलोत ने कहा कि 1995 से 1997 के दौरान उन्होंने एम.जे. अकबर के साथ काम किया है, सभी लोगों के साथ उनका व्यवहार बहुत खराब था। घटना के बारे में गहलोत ने बताया कि एक दिन उन्हें भी होटल में बुलाया गया, लेकिन कनिका के एक बार मना करने के बाद अकबर ने फिर दोबारा कभी नहीं बुलाया। हालांकि इसके बाद चीजें खराब होने लगीं थीं।  

आरोप पर सियासी हड़कंप-

वहीं दूसरी तरफ विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगने से सियासी हड़कंप मच गया है। कांग्रेस ने एम.जे.अकबर से इस पर उनका इस्तीफा मांगा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी ने कहा कि एम.जे. अकबर को अपने उपर लगे आरोपों पर संतोषजनक जवाब देना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगने के बाद जब मंगलवार को कुछ महिला पत्रकारों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस मामले पर सवाल पूछा, 'अकबर पर काफी गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। आप उसी मंत्रालय की महिला मंत्री हैं। आप क्या एक्शन लेंगी?'तो वो बिना इसका जवाब दिए आगे बढ़ गईं थीं।  

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने बयान-

#MeToo अभियान के तहत कई अन्य वरिष्ठ पत्रकारों पर भी यौन शोषण के आरोप लगे हैं, जिस पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर उन महिला पत्रकारों के साथ संवेदना जाहिर की जिन्होंने अपने साथ हुई इस तरह की घटना को सार्वजनिक किया है। एडिटर्स गिल्ड ने कहा है कि हर मीडिया समूह को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए, जिन मीडिया संस्थानों में इस तरह के मामले सामने आए है उन्हें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। 




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