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सोशल मीडिया कंपनियों को केंद्र सरकार से लगा झटका...

Published At: Tuesday, 28 November, 2017 Last Modified: Friday, 24 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी तरह का विशेषाधिकार नहीं दिया जाएगा, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने साइबर स्पेस पर दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात के संकेत दिए।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट इस्तेमाल के नागरिकों के अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। इसलिए सरकार किसी भी कंपनी को लोगों की इंटरनेट तक पहुंच सीमित करने की अनुमति नहीं देगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रमुख सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक के फ्री बेसिक्स कार्यक्रम को भी मंजूरी नहीं दी, क्योंकि यह चुनिंदा इंटरनेट सेवाओं को वरीयता देता था। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्पेस में भी लोकतंत्र सर्वोपरि है और ऐसे में किन्हीं चुनिंदा कंपनियों को विशेषाधिकार नहीं दिया जा सकता।  

दरअसल, फेसबुक व कई अन्य सोशल मीडिया कंपनियां ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बनाना चाहती हैं और इसके लिए कंपनियों ने फ्री एक्सेस की मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘जब मैं संचार विभाग में था, मेरे दोस्त मार्क जुकरबर्ग फेसबुक के सीईओ फ्री बेसिक्स के विचार के साथ अनेक बार मुझसे मिले।

उन्होंने कहा कि फ्री बेसिक्स के पीछे विचार यही है कि सब कुछ नि:शुल्क होगा शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन सहित सब कुछ, अगर कोई एक दरवाजे (फेसबुक के) से इंटरनेट का उपयोग करता है। उन्होंने आगे बताया, ‘मैंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है। हम किसी एक दरवाजे में विश्वास नहीं करते। हम अनेक दरवाजों में भरोसा करते हैं। इसलिए भारत के लिए यह दरवाजा बंदी स्वीकार नहीं होगा और मैंने इसकी मंजूरी नहीं दी।’ 

गौरलतब है कि नेट निरपेक्षता के समर्थकों ने फ्री बेसिक्स को सिद्धांत का उल्लंघन माना था। काफी विवादों के बाद फेसबुक ने फरवरी 2016 में इस पेशकश को बंद कर दिया था।

मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि नेट निरपेक्षता को लेकर दुनिया भर में बहस चल रही है।  


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