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जानें, डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट को लेकर क्या है News Nation के संजय कुलश्रेष्ठ का फंडा

Published At: Wednesday, 12 December, 2018 Last Modified: Wednesday, 12 December, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

इन दिनों टीआरपी की तगड़ी फाइट के मद्देनजर चैनल अपनी स्ट्रेटजी बनाने में जुटे हुए हैं। इस बारे में ‘न्‍यूज नेशन नेटवर्क’ (News Nation Network) के एडिटर-इन-चीफ संजय कुलश्रेष्‍ठ का कहना है कि यह चैनल पिछले आम चुनावों से महज एक साल पहले ही ऑन एयर हुआ था। उन्होंने कहा कि अब 2019 के चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में इन चुनावों में पता चल जाएगा कि यह चैनल लोकप्रियता और विश्वसनीयता के मामले में कहां तक पहुंचा है।

संजय कुलश्रेष्‍ठ ने कहा,‘पिछले आम चुनावों के बाद जब नरेंद्र मोदी सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय लगभग सभी चैनल इस बात को लेकर चिंतित थे कि चूंकि अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है, ऐसे में उन्हें खबरें कहां से मिलेंगी। लेकिन पिछले चार सालों की बात करें तो स्थिति इससे बिल्कुल अलग रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री भी हिंदीभाषी हैं। उन्होंने कहा,‘पूर्व में जब दक्षिण में चुनाव हुए थे तो सिर्फ रीजनल अथवा नेशनल चैनलों ने ही कवर किए थे, लेकिन इस बार हमने भी किए। हमें वहां पर कई बड़ी खबरें भी मिलीं, जिससे न्यूज चैनलों की काफी ग्रोथ हुई।’

अपने चैनल के बारे में कुलश्रेष्ठ ने कहा,‘जब अधिकतर न्यूज चैनल अपने एग्जिट और ओपिनियन सर्वे को आउटसोर्स करते थे, उस समय न्यूज नेशन ने देश भर में लोगों से बातचीत कर अपना पोल सर्वे तैयार करने का निर्णय लिया था, जबकि इसे बिजनेस में आए हुए सिर्फ एक साल ही हुआ था। चूंकि यह सर्वे काफी भरोसेमंद था, इससिए कई अखबारों ने भी इसे अपने यहां प्रमुखता दी थी।’  

कुलश्रेष्ठ के अनुसार,‘जब तमाम हिंदी न्यूज चैनल ज्योतिष, काला जादू और भूत-प्रेत से जुड़े शो चला रहे हैं, मैंने जंगल न्यूज के नाम से शो शुरू किया, जिसमें जंगल और जंगली जानवरों के बारे में खबर दिखाई जाती हैं। हमारी देखादेखी दूसरे चैनलों ने भी यही सब शुरू कर दिया और वे इसी टाइम स्लॉट में इस तरह की खबरें चला रहे हैं। इसी तरह हमने अनजान और रहस्यमयी घटनाओं पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री शो भी शुरू किया, जिसे काफी पसंद किया गया।’

चैनल की चुनौतियों के बारे में कुलश्रेष्ठ ने कहा, ‘यह माना जा रहा था कि एनालॉग से डिजिटल में आने के बाद से कीमतें कम हो जाएंगी, लेकिन इसके विपरीत कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट को कम करने की जरूरत है। एक साल में एक चैनल पर हम 70-80 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। हमारा करीब 70 प्रतिशत खर्च डिस्ट्रब्यूशन पर खर्च होता है और हम फ्री टू एयर (एफटीए चैनल हैं।)’

यह पूछे जाने पर कि रीजनल चैनल न्यूज स्टेट मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड अपने-अपने मार्केट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में क्या नेशनल चैनल 'न्यूज नेशन' हिंदी के टॉप फाइव न्यूज चैनलों की लिस्ट में अपना स्थान बना पाएगा? कुलश्रेष्ठ ने कहा, ‘तीन, चार अथवा पांच नंबर पर जो भी चैनल हैं, सभी की स्थिति लगभग एक जैसी है और सभी का मार्केट शेयर लगभग 12 प्रतिशत है। कई बार ऐसा हुआ है कि हम सिर्फ 0.5 प्रतिशत के अंतर से पांचवें अथवा छठे नंबर पर रहे। सच कहूं तो मेरे लिए रेटिंग मायने नहीं रखती है, बल्कि फीडबैक ज्यादा महत्वपूर्ण है।’



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