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जानिए, ट्विटर पर क्यों महिला पत्रकारों को मिलती है कम तवज्जो

Published At: Tuesday, 26 June, 2018 Last Modified: Tuesday, 26 June, 2018

पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले कुछ समय में महिला पत्रकारों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है, लिहाजा अब इस क्षेत्र में भी अब महिलाएं पुरुषों का वर्चस्व तोड़ रही हैं। लेकिन इन सबके बीच एक सर्वे आया है जो बताता है कि ट्विटर पर महिला राजनीतिक पत्रकारों को पुरुष पत्रकारों की तुलना में कम तवज्जो मिलती है। दुनियाभर में राजनीतिक बहस को आकार देने में ट्विटर की बढ़ती भूमिका को लेकर अमेरिकी राजनीतिक पत्रकारों ने एक अध्ययन किया है। इसी अध्ययन में पता चला है कि राजनीतिक चर्चा के मामलों में महिला सहकर्मियों (पत्रकारों) को पीछे छोड़कर कैसे पुरुष पत्रकार अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स का इस्तेमाल करते हैं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि 'बेल्टवे' नाम से चर्चित अमेरिकी कांग्रेस कवर करने वाले मान्यता प्राप्त पत्रकारों में पुरुष पत्रकार अपने पुरुष सहयोगियों को लगभग पूरी तरह बढ़ावा देते हैं जबकि महिला पत्रकार सबसे ज्यादा एक-दूसरे के साथ व्यस्त रहती हैं।

'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्रेस/पॉलिटिक्स' में प्रकाशित होने वाले शोध के अनुसार, पुरुष पत्रकार दूसरे पुरुष पत्रकारों के सवालों के 91.5 फीसदी जवाब देते हैं।

निष्कर्ष बताते हैं कि ट्विटर पर राजनीति की महिला पत्रकारों पर कम ध्यान दिया जाता है। रविवार को 'द गार्जियन' में प्रकाशित खबर के अनुसार, शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेरिकी कांग्रेस कवर करने वाले वॉशिंगटन डीसी के 2,292 पत्रकारों के ट्विटर पर नजर रखी।

जहां पुरुष और महिला पत्रकारों के बीच ज्यादा अंतर नहीं था, वहीं ट्विटर पर ज्यादा ट्वीट कर पुरुषों ने यहां अपना वर्चस्व कायम कर लिया था। कई फॉलोवर्स के एक-दूसरे के ट्वीट को रिट्वीट करने की संभावना भी ज्यादा रहती है।


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