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कायम है धार, करतीं दमदार वार, यही है रूबिका लियाकत का अंदाज...

Published At: Thursday, 19 July, 2018 Last Modified: Friday, 20 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

ताजा मुद्दों पर बड़ी बहस न्यूज चैनलों पर आम है। लगभग सभी चैनल किसी न किसी टाइम स्लॉट में ऐसे शो प्रसारित करते हैं, लेकिन जी न्यूज पर आने वाला ‘ताल ठोक के’ कुछ अलग है। इसकी दो वजह है। पहली ये कि शो हिंदी न्यूज चैनल पर शाम के स्लॉट में पैनल डिस्कशन की शुरुआत करता है और ये तीखे सवालों से भरा होता है। 

दूसरी वजह है रूबिका लियाकत। रूबिका पहले स्लॉट में शो की जिम्मेदारी संभालती हैं। रूबिका के दबंग अंदाज के चलते इस शो ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। अगर 18 जुलाई की ही बात करें तो जिस तरह रूबिका के शो में विश्वास मत को लेकर मोदी सरकार के इस्तीफे और तुरंत चुनाव की बात हुई, वे दर्शकों के लिए एक एक्स्ट्रा नजरिया थी। उनके शो में हमेशा कंटेंट में वैल्यू ऐड करने की कोशिश दिखती है।

ये शो शाम पांच से छह के स्लॉट में प्रसारित होता है और उस स्लॉट की टीआरपी का राजा माना जाता है। हालांकि इस शो की नींव वरिष्ठ टीवी पत्रकार रोहित सरदाना ने तैयार की थी। जी न्यूज में रहते वक्त उन्होंने कई ज्वलंत मुद्दों पर तीखी बहस से लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। सरदाना की गिनती ऐसे पत्रकारों में होती है, जो बात का बतंगड़ बनाने के बजाए सीधे और सपाट शब्दों में सवाल दागते हैं। शो के टाइटल ‘ताल ठोक के’ से सरदाना की शैली मेल खाने के चलते ही ‘जी’ प्रबंधन ने रूबिका को यह जिम्मेदारी सौंपी थी और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी। यही वजह रही कि जब रोहित सरदाना ने ‘आजतक’ का रुख किया, तो ‘ताल ठोक के’ के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी। सरदाना जो स्टैण्डर्ड सेट करके गए थे, उसे मैच करने के लिए एक ऐसे एंकर की जरूरत थी जिसकी आवाज में खनक हो और जो दबंगई से सवाल दाग सके।

प्रबंधन ने इसके लिए रूबिका लियाकत को चुना और उन्होंने महज थोड़े से वक्त में ही साबित कर दिया कि वह ऐसे शोज के लिए परफेक्ट हैं। रूबिका की हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी पर मजबूत पकड़ है और अपने इस हुनर का वो शब्दों के चयन में पूरा इस्तेमाल करती हैं। वो सामान्य से लगने वाले सवालों को भी इस कदर तीखा कर देती हैं कि सामने वाले को पसीना आ जाए। यही वजह है कि ‘ताल ठोक के’ में आने वाले मौलवी या नेता खुद पर संयम बनाए रखने के लिए मशक्कत करते नजर आते हैं। एक शो के दौरान सलमान खुर्शीद के बयान को जब उन्होंने अपने शो में उठाया, तो कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन करने वाले पैनलिस्ट के पास उनके सवालों का सीधा जवाब नहीं था। इसी तरह महाभियोग या जस्टिस लोया की मौत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े उनके सवाल भी बेहद तल्ख रहे।

रूबिका को टीवी पत्रकारिता की दुनिया में धाकड़ महिला एंकर माना जाता है। वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। यहां भी वे आए दिन अपनी बेबाक राय रखती रहती हैं। कुछ वक्त पहले अपने के ट्वीट पर उन्हें ट्रोल भी होना पड़ा था। उन्होंने लिखा था, ‘सच ही तो है… इस देश में सब महंगा है... बस इक सस्ती है तो हमवतन तेरी मेरी जान…।’ इसके बाद लोगों ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी निशाना बनाया था, लेकिन अपने चिरपरिचत अंदाज में उन्होंने आलोचकों को चुप करा दिया। 

'ताल ठोंक के' शो को लेकर किए सवाल के जवाब में जी न्यूज के एडिटर सुधीर चौधरी कहते हैं कि इस शो को जिस तेवर के साथ रूबिका होस्ट करतीं हैं, वे इसकी यूएसपी हैं। एक महिला एंकर के तौर पर रूबिका कई बार शो गेस्ट से करारे सवाल पूछकर उन्हें निरुत्तर भी कर देती हैं। ये शो लगातार अपने टाइम स्लॉट में टॉप पर रहता है, ये इसकी लोकप्रियता को स्वत: ही दर्शाता है। सुधीर आगे कहते हैं कि आक्रामक तेवर के साथ रूबिका कई मुद्दों पर जिस तरह स्टैंड लेती हैं, वे शायद लोगों को पसंद आता है, तभी इस शो की सोशल मीडिया पर भी बड़ी फॉलोइंग है। 

मूलरूप से उदयपुर की रहने वालीं रूबिका मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं, उनके पास मास कम्युनिकेशन की डिग्री भी है। 2003 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने तीन महीने तक चैनल 24 के साथ अपनी पत्रकारिता की पारी की शुरुआत की।उसके बाद वे लाइव इंडिया का हिस्सा बन गईं। जून 2007 से लेकर सितंबर 2008 तक वह ‘लाइव इंडिया’ से जुड़ीं रहीं। 2008 में नए लॉन्च हुए चैनल ‘न्यूज24’ में बतौर एंकर उन्होंने काम किया था।

उसके बाद उन्होंने जी न्यूज के साथ रिपोर्टिंग और एंकरिंग की पारी शुरू की। खबरों की समझ, भाषा कौशल और लगभग हर क्षेत्र पर पकड़ के चलते जल्द ही उन्होंने जी न्यूज में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की और आज वह एक दबंग एवं धाकड़ पत्रकार के रूप में पहचानी जाती हैं। 

 

 

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