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सुमित अवस्थी की Network 18 संग पारी का अंत, अब मिला ये अहम पद....

Published At: Wednesday, 14 November, 2018 Last Modified: Wednesday, 14 November, 2018

अभिषेक मेहरोत्रा ।।

नेटवर्क18 से बड़ी खबर सामने आई है। समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ के डेप्युटी मैनेजिंग एडिटर सुमित अवस्थी का नोटिस पीरियड आखिरकार करीब दो महीनों के बाद खत्म हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, सुमित इसी हफ्ते एबीपी न्यूज जॉइन कर लेंगे। यहां वे बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि सिंतबर महीने में एक अप्रत्याशित निर्णय लेते हुए उन्होंने न्यूज18इंडिया से  इस्तीफा दे दिया था।   

बताया गया है कि जल्द ही एबीपी न्यूज उनके नए शो के प्रोमो को लॉन्च कर दर्शकों को अपनी स्क्रीन के जरिए उनसे रूबरू कराएगा। माना जा रहा है कि चूंकि स्टेट इलेक्शन अब अपने अंजाम की ओर है, तो ऐसे में इन चुनावों में तो सुमित की भूमिका सीमित ही रहेगी, पर चुनावी परिणाम के दिन वे चैनल की स्क्रीन की कमान पूरी तरह से संभालेंगे।

गौरतलब है कि सुमित अवस्थी हिंदी पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम हैं और टीवी न्यूज का लोकप्रिय और विश्वसनीय चेहरा हैं। देश के सबसे सम्मानित पत्रकारों में से एक सुमित हिंदी न्यूज के प्राइम टाइम में पिछले 16 साल से लगातार अपनी छाप छोड़ते आ रहे हैं। 'जी न्यूज' से आरंभ उनका सफर अब तक 'न्यूज18 इंडिया' पर प्रखर पत्रकारिता के परचम लहरा रहा था। सुमित सधी हुई आवाज, शिष्ट अंदाज, बेबाक विचार और त्वरित अभिव्यक्ति के लिए जाने जाते हैं।

वे ‘आजतक’ और ‘जी न्यूज’ जैसे चैनलों पर प्राइम टाइम के बड़े शोज की एंकरिंग कर चुके हैं। सुमित की कुछेक खास एंकरिंग जो हमेशा याद की जाती हैं उनमें शामिल हैं- एस्ट्रोनोट कल्पना चावला के साथ अंतरिक्ष में हुआ जानलेवा हादसा और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को बेखौफ और बेबाकी से आइना दिखाने वाला इंटरव्यू।

पत्रकारिता का हुनर सुमित को अपने पिताजी से मिला। स्वतंत्रता में विश्वास रखने वाले चंचल स्वभाव के सुमित का मन बचपन से स्थिर नहीं था, वे बंधकर रहने वाले इंसानों में से नहीं हैं। इसीलिए बचपन में उनकी ख्वाइश इंजीनियर बनने की थी। लेकिन उनके चंचल मन के विश्वास ने करवट लिया और वे डिफेंस के लिए ट्राई करने लगे। पिताजी आकाशवाणी में थे, उनका ट्रांसफर दिल्ली हुआ तो आईएएस बनने के भी सपने देखने लगे। लेकिन उन्हें बचपन से ही घूमना-फिरना,मिलना-जुलना और लिखना ज्यादा पसंद था,लिहाजा उन्होंने दैनिक पत्रों के लिए लिखना आरंभ कर दिया।

अखबारों के लिए ‍लिखे गए निरंतर लेखन ने सुमित को पत्रकारिता जगत में अपनी जड़ें जमाने में मदद की। पॉयनियर,नवभारत टाइम्स,जनसत्ता जैसे अखबारों में लिखने के बाद उन्होंने पत्रकारिता का पीजी डिप्लोमा किया। जनसत्ता में इंटर्नशिप के बाद जब उन्होंने 'जी न्यूज' जॉइन किया, तो सुमित को 'कंधार हवाई जहाज अपहरण'वाले मामले ने विशेष पहचान दी, जिसमें बताया गया था कि एयरपोर्ट पर कितनी तरह की खामियां हैं, कोई भी व्यक्ति कुछ भी लेकर प्लेन तक जा सकता है। इस रिपोर्ट के बाद सुमित को कुछ समय तक 'स्पेशल सिक्योरिटी' भी दी गई थी।

सुमित राजनीति में अच्छी पकड़ और बेहतर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। 'आजतक' में आने के बाद 'संसद पर आक्रमण' और अंतरिक्ष से कल्पना चावला का न लौट पाना,दो बड़ी घटनाओं ने सुमित को काफी प्रभावित किया।

अगस्त, 2014 में जी न्यूज को अलविदा कहकर सुमित अवस्थी ने ‘न्यूज18 इंडिया’ जॉइन किया था और तब से वे इसी के साथ जुड़े हुए थे। वहीं जी न्यूज में सुमित अवस्थी इसके रेजिडेंट एडिटर थे। तब 14 साल बाद अक्टूबर, 2013 में उन्होंने जी समूह के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू की थी। वहीं जी न्यूज से पहले वे आजतक के साथ थे और तब वे प्राइम टाइम शो ‘दस्तक’ को होस्ट करते थे। आजतक में वे नेटवर्क18 के हिंदी न्यूज चैनल आईबीएन-7 (अब न्यूज18 इंडिया) से आए थे। आईबीएन-7 में वे सीनियर एडिटर (पॉलिटिकल) और प्राइम टाइम एंकर के रूप में जुड़े हुए थे। राजनीति के साथ ही क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी खबरों को भी सुमितअवस्थी ने बखूबी कवर किया है, जैसे हरभजन-साइमंड्स विवाद, बेनजीर भुट्टो की हत्या और पाकिस्तान में चुनाव आदि। 

वर्ष 2005 में सुमित को सर्वश्रेष्ठ संवाददाता के तौर पर 'माधव ज्योति पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था, जो कि पत्रकारिता के क्षेत्र में सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक है।

 



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